पंजाब भाजपा ने निर्वाचन आयोग से राज्य की आबकारी नीति की जांच कराने का आग्रह किया
अमित माधव
- 23 Mar 2024, 08:41 PM
- Updated: 08:41 PM
चंडीगढ़, 23 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पंजाब इकाई के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की और राज्य की आबकारी नीति की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच की मांग की।
भाजपा ने आरोप लगाया कि "आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा रिश्वत के माध्यम से प्राप्त काले धन" का इस्तेमाल लोकसभा चुनाव के दौरान किया जा सकता है।
इस मुद्दे पर भाजपा का यह ताजा हमला ऐसे समय किया गया है जब दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को द्वारा दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार कर लिया था।
हालांकि, पंजाब में सत्तारूढ़ आप ने पलटवार करते हुए भाजपा पर लोगों को गुमराह करने के लिए ''झूठ फैलाने'' का आरोप लगाया क्योंकि आगामी लोकसभा चुनाव में उसे पंजाब में ''शून्य'' (सीट) मिलेगा।
पंजाब भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़ के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला और अन्य शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें राज्य की आबकारी नीति की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जांच कराने की मांग की गई।
जाखड़ ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पंजाब की आबकारी नीति दिल्ली की उस आबकारी नीति की तर्ज पर बनाई गई है, जिसके कारण केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा दो वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मई 2022 में राज्य की आबकारी नीति तैयार करने के लिए दिल्ली के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ एक बैठक में भी शामिल हुए थे। सिसोदिया भी दिल्ली आबकारी नीति मामले में गिरफ्तार हैं।
जाखड़ ने कहा, ''हमने पंजाब की आबकारी नीति की ईडी से जांच कराने की मांग की है।''
उन्होंने ज्ञापन में आरोप लगाया, "पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पंजाब के संसाधनों की आधिकारिक लूट के लिए दिल्ली के अपने आकाओं के इशारे पर काम किया, जो अब सलाखों के पीछे हैं और ऐसी आशंका है कि पंजाब आबकारी नीति के माध्यम से हुए इस पक्षपात और अवैधता के चलते पंजाब को राजस्व में कम से कम 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।’’
जाखड़ ने ज्ञापन में आरोप लगाया, "यह भी एक वास्तविक आशंका है कि आप को रिश्वत के माध्यम से प्राप्त काले धन का इस्तेमाल आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किया जाएगा।"
जाखड़ ने आरोप लगाया, "जहां तक पंजाब में शराब के कारोबार को बढ़ावा देने में भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की खुलेआम मिलीभगत का सवाल है, तो यह तथ्य सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा हो सकता है कि एक ऐसी कंपनी के मालिक को पंजाब में आप सरकार बनने के बाद राज्य शराब व्यापार में 40 प्रतिशत हिस्सा दिया गया जो दिल्ली आबकारी नीति के तहत अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए पहले से ही सलाखों के पीछे है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब आबकारी विभाग के अधिकारियों को आप के राज्य नेतृत्व द्वारा दिल्ली के उनके आकाओं के इशारे पर किसी विशेष स्थान पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया था, मैं आयोग से आग्रह करूंगा कि वह ईडी को उन अधिकारियों की सुरक्षा के लिए भी निर्देश दे और पंजाब के लोग न्याय सुनिश्चित करने के लिए सच्चाई सामने लाए।’’
भाजपा ने पंजाब के संगरूर जिले में जहरीली शराब त्रासदी को लेकर भी आप सरकार पर निशाना साधा, जहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है।
भारत निर्वाचन आयोग ने शनिवार को पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से जहरीली शराब त्रासदी पर तत्काल रिपोर्ट मांगी।
आम आदमी पार्टी ने एक बयान में पंजाब आबकारी नीति में भ्रष्टाचार के आरोपों का खंडन किया। पार्टी ने कहा, "भाजपा को लोकसभा चुनाव के दौरान पंजाब में एक भी सीट नहीं मिलने जा रही है। इसलिए घबराए हुए भाजपा पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ बोल रहे हैं, लेकिन वह सफल नहीं होंगे।"
पार्टी ने कहा, "भाजपा के लोग पंजाब में कोई भी लोकसभा सीट को जीतने का दिवास्वप्न देख रहे हैं। पंजाब के लोग केंद्र की भाजपा सरकार और हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा हमारे किसानों के खिलाफ किए गए अत्याचारों को नहीं भूले हैं।"
आप की पंजाब इकाई के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर कंग ने शुक्रवार को दावा किया था कि राज्य की आबकारी नीति के कारण एक साल में राजस्व 6,100 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये हो गया है।
भाषा अमित