तीन विमान इंजन का उपयोग बंद करने के आदेश के खिलाफ स्पाइसजेट की अपील खारिज
सुभाष नरेश
- 20 Sep 2024, 06:05 PM
- Updated: 06:05 PM
नयी दिल्ली, 20 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को शुक्रवार को बरकरार रखा, जिसमें स्पाइसजेट एयरलाइन को पट्टादाताओं को भुगतान में चूक के कारण तीन विमान इंजन का उपयोग बंद करने का निर्देश दिया गया था।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला तथा न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने उच्च न्यायालय के 11 सितंबर के निर्णय के खिलाफ विमानन कंपनी की अपील खारिज कर दी।
पीठ ने कहा, ‘‘हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे। यह एक सही आदेश है।’’
शीर्ष अदालत के आदेश के बाद, स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी एक सौहार्दपूर्ण समझौते पर पहुंचने के लिए विमान पट्टे पर देने वालों के साथ फिलहाल चर्चा कर रही है।
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘यह ध्यान रखना जरूरी है कि जिन तीन इंजन का उल्लेख किया गया है, उनमें से दो पहले ही बंद कर दिए गए हैं, और हमारा परिचालन पूरी तरह से सामान्य और अप्रभावित बना हुआ है। हम निर्बाध परिचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’
उच्च न्यायालय की खंड पीठ ने तीन विमान इंजन का उपयोग बंद करने और उन्हें पट्टादाताओं को सौंपने संबंधी एकल पीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया था। खंडपीठ ने कहा था कि विमानन कंपनी ने बकाये के भुगतान के लिए किये गए अंतरिम समझौते का उल्लंघन किया है।
उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 14 अगस्त को स्पाइसजेट को निर्देश दिया था कि वह तीनों इंजन का उपयोग 16 अगस्त तक बंद कर दे और उन्हें उनके पट्टादाताओं--टीम फ्रांस 01 एसएएस और सनबर्ड फ्रांस 02 एसएएस को वापस सौंप दे।
उच्च न्यायालय में, न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने तीनों विमान इंजन का उपयोग बंद करने और उन्हें पट्टादाताओं को सौंपने संबंधी एकल पीठ के 14 अगस्त के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए स्पाइसजेट की अपील का निस्तारण कर दिया था।
स्पाइसजेट ने एकल पीठ के 14 अगस्त के आदेश को चुनौती दी थी।
उच्च न्यायालय ने कहा था कि रिकॉर्ड से पता चलता है कि स्पाइसजेट 'डिफॉल्टर' है और पिछले एवं वर्तमान बकाये का भुगतान नहीं किया गया है।
एकल न्यायाधीश ने पट्टादाताओं की एक याचिका पर यह आदेश पारित किया था। याचिका में, स्पाइसजेट को पट्टा समझौते की समाप्ति पर तीनों इंजन वापस करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
याचिकाओं में कहा गया था कि समझौते की समाप्ति के बाद, वादियों ने एयरलाइन को इंजन का उपयोग बंद करने और उसे वापस करने तथा सभी बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया था, लेकिन एयरलाइन ऐसा करने में विफल रही।
इनमें कहा गया था, ‘‘हालांकि, यह स्पष्ट किया जाता है कि प्रतिवादी भुगतान करने के लिए उत्तरदायी रहेगा, जिसका दायित्व उसने 29 मई 2024 के आदेश में लिया था, जिसमें 48 लाख अमेरिकी डॉलर की स्वीकृत बकाया राशि और इंजनों के उपयोग को लेकर इस अदालत के तत्वावधान में साप्ताहिक भुगतान शामिल है।
अर्जियों के जवाब में एयरलाइन के वकील ने दलील दी थी कि वाद दायर होने के बाद प्रतिवादी ने 14 दिसंबर 2023 और 24 मई 2024 के बीच 71.8 लाख अमेरिकी डॉलर का भुगतान किया। वकील ने कहा था कि मई में अदालत के समक्ष समझौते की शर्तें तय होने के बाद एयरलाइन ने 14.8 लाख अमरेकी डॉलर का भुगतान किया और 12 अगस्त तक बकाया राशि के प्रति 26.7 लाख अमेरिकी डॉलर का भुगतान नहीं किये जाने की बात स्वीकार की गई।
उन्होंने कहा था कि हालांकि, प्रतिवादी ने स्वीकार किया है कि भुगतान में चूक हुई है, लेकिन वह इसे नियमित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा है और बकाया राशि का भुगतान करने के लिए 30 सितंबर तक समय बढ़ाने का अनुरोध किया है।
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