कांग्रेस ने अनुच्छेद 370 पर बयान के लिए पाक मंत्री की आलोचना की
नेत्रपाल माधव
- 19 Sep 2024, 09:39 PM
- Updated: 09:39 PM
जम्मू, 19 सितंबर (भाषा) कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने बृहस्पतिवार को पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के खिलाफ चेतावनी दी और वहां के रक्षा मंत्री के उस बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि अनुच्छेद 370 की बहाली पर शहबाज शरीफ सरकार तथा कांग्रेस-नेशनल कॉन्फ्रेंस गठबंधन की एक ही राय है।
उन्होंने कहा कि ख्वाजा आसिफ को ऐसे बयान देने के बजाय अपने नागरिकों को ‘‘भुखमरी और गरीबी’’ से बचाने पर ध्यान देना चाहिए।
राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता ने चुनाव प्रचार में आसिफ के बयान का जिक्र करने पर भाजपा की आलोचना भी की।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा और पाकिस्तान प्रतिष्ठान एक-दूसरे के हितों की पूर्ति कर रहे हैं।’’
तिवारी ने कहा, ‘‘हम पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के खिलाफ चेतावनी देते हैं। ऐसे बयान देने के बजाय, पाकिस्तान के मंत्रियों को अपने नागरिकों को भुखमरी और गरीबी से बचाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि पाकिस्तानी मंत्री के बेतुके बयान का समय और उस पर भाजपा की प्रतिक्रिया स्पष्ट संकेत है कि उनके बीच एक रणनीतिक समझ है।
उन्होंने पाकिस्तान से जुड़े मामलों पर भाजपा को घेरने की कोशिश की और 2016 के पठानकोट आतंकी हमले तथा 2015 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मिलने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लाहौर रुकने का जिक्र किया।
तिवारी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए पठानकोट आतंकी हमले की जांच के लिए पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को आमंत्रित करने के मोदी सरकार के फैसले पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उस फैसले से पाकिस्तानी अधिकारियों को भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों के बारे में संवेदनशील जानकारी तक पहुंचने की सुविधा मिल गई।’’
तिवारी ने नवाज शरीफ के पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए मोदी के ‘‘बिना बुलाए’’ लाहौर यात्रा करने की आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘‘उस कदम को कमजोरी और राजनयिक प्रोटोकॉल की कमी के संकेत के रूप में देखा गया था।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां आतंकवाद पर भारत के रुख से समझौता करती हैं और देश के हितों को कमजोर करती हैं।
तिवारी ने हाल में भाजपा नेताओं और सहयोगियों द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ दिए गए धमकी वाले बयानों की भी कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने आतंकवाद के कारण इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे प्रिय नेताओं को खो दिया है, और अब भाजपा के मंत्री ‘जयचंद’ रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी को ‘नंबर एक आतंकवादी’ करार दिया है। यह न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि इन नेताओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली कट्टरपंथी और गैर-जिम्मेदाराना भाषा को भी उजागर करता है।’’
जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर तिवारी ने कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकार छीनने के लिए पूरी तरह से भाजपा जिम्मेदार है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऐतिहासिक रूप से, कांग्रेस पार्टी हमेशा जम्मू-कश्मीर के अधिकारों के लिए खड़ी रही है। पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया और श्रीमती इंदिरा गांधी ने पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के लिए भी ऐसा ही किया। हालांकि, 5 अगस्त, 2019 को इसे केंद्रशासित प्रदेश बनाकर भाजपा ने यह अधिकार छीन लिया है।’’
भाषा नेत्रपाल