स्वच्छता के लिए विशेष अभियान के चौथे संस्करण में शामिल होगा गृह मंत्रालय
जितेंद्र माधव
- 18 Sep 2024, 09:15 PM
- Updated: 09:15 PM
नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) गृह मंत्रालय ने स्वच्छता और लंबित मामलों के निपटान के लिए दो अक्टूबर से शुरू होने वाले विशेष अभियान के चौके संस्करण में सक्रिय रूप से भाग लेने का फैसला किया है।
यह विशेष अभियान एक महीने तक जारी रहेगा।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, गृह मंत्रालय में आयोजित विशेष अभियान, संसद सदस्यों के लंबित संदर्भों, राज्य सरकारों के संदर्भों, संसदीय आश्वासनों, अंतर-मंत्रालयी परामर्शों, लोक शिकायतों/अपीलों के निपटान तथा बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन के साथ-साथ सतत और पर्यावरण अनुकूल कार्यस्थलों पर केंद्रित है।
विशेष अभियान की निगरानी मंत्रालय में उच्चतम स्तर पर की जा रही है।
केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) और केन्द्रीय पुलिस संगठनों (सीपीओ) में विशेष अभियान के चौथे संस्करण के महत्व पर जोर दिया गया है और उन्हें मापदंडों के अनुसार सर्वोत्तम परिणामों के लिए समन्वित तरीके से काम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छता को संस्थागत बनाने तथा सरकार में लंबित मामलों को न्यूनतम करने के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय विशेष अभियान के चौथे संस्करण में सक्रिय भागीदार के प्रति पूरी तरह कटिबद्ध है।
विशेष अभियान के दो चरण होंगे, पहला तैयारी चरण (15 से 30 सितंबर, 2024) और कार्यान्वयन चरण (दो से 31 अक्टूबर, 2024)। यह अभियान प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा चलाया जा रहा है।
मंत्रालय द्वारा विभिन्न स्थानों पर 4,613 स्वच्छता अभियान चलाए गए, जिनमें सार्वजनिक संपर्क वाले क्षेत्रीय/बाहरी कार्यालयों पर विशेष ध्यान दिया गया। केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के कार्यालयों में 1,04,483 वर्ग फुट स्थान खाली किया गया है।
विज्ञप्ति के मुताबिक, मंत्रालय में एक पोर्टल विकसित किया गया है, जिसमें मंत्रालय के सभी प्रभाग विशेष अभियान से संबंधित डेटा अपलोड करते हैं। यह व्यवस्था, सभी प्रभागों के साथ कुशलतापूर्वक समन्वय करने के लिए गृह मंत्रालय की सर्वोत्तम प्रथाओं में से एक है, जिससे बिना किसी देरी के सही डेटा प्राप्त करने में सुविधा होती है।
भाषा जितेंद्र