तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने प्रदर्शनकारी चिकित्सकों से काम पर लौटने का आग्रह किया
यासिर पारुल
- 18 Sep 2024, 04:10 PM
- Updated: 04:10 PM
कोलकाता, 18 सितंबर (भाषा) तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से जूनियर चिकित्सकों की अधिकतर मांगें स्वीकार किए जाने के मद्देनजर बुधवार को उनसे अपना आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया।
अगस्त में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक से कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद से पूरे पश्चिम बंगाल में जूनियर चिकित्सकों ने 'कार्य बहिष्कार' कर रखा है। प्रदर्शनकारी चिकित्सक पीड़िता के लिए न्याय और चिकित्सा प्रतिष्ठानों में सुरक्षा के कड़े उपाय करने की मांग कर रहे हैं।
अभिषेक ने कहा, ‘‘सद्भावना के रूप में चिकित्सकों को हड़ताल वापस लेने पर विचार करना चाहिए, लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहिए और कार्य बल की पहल के कार्यान्वयन में तेजी लाने में सहयोग देना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो कि उक्त बदलाव तुरंत लागू हों।’’
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक ने यह भी कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को जवाबदेह बनाना और यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि कोई भी अपराधी बख्शा न जाए तथा उसे जल्द से जल्द सजा दी जाए।
कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है।
डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक ने कहा, ‘‘....सीबीआई ने पिछले 10 वर्षों में अपनी एक भी जांच पूरी नहीं की है। न्याय में देरी न्याय से वंचित करने के समान है।’’
अभिषेक के अनुरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए आंदोलनकारी जूनियर चिकित्सक अनिकेत महतो ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव मनोज पंत के साथ कुछ प्रमुख अनसुलझे मुद्दों पर बैठक की मांग की है और ‘कार्य बहिष्कार’ आंदोलन खत्म करने का फैसला उस बैठक के नतीजों पर निर्भर करेगा।
महतो ने कहा, ‘‘हम किसी भी बात या टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार नहीं हैं। हम बस इतना कह सकते हैं कि सब कुछ मुख्य सचिव के साथ बैठक पर निर्भर करेगा।’’
मुख्यमंत्री के भतीजे अभिषेक ने कहा कि उन्होंने चिकित्सकों की सुरक्षा चिंताओं का समर्थन किया है और उनकी अधिकतर चिंताएं ‘‘वैध, व्यवहारिक और न्यायोचित’’ हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि चिकित्सकों की सुरक्षा में सुधार के लिए किए जा रहे अधिकांश उपायों पर प्रगति हो रही है, जिसमें पूरे राज्य के अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाना और अन्य बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करना शामिल है, जिसके 14 दिनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
तृणमूल नेता ने कहा, ‘‘इसके अतिरिक्त, सरकार ने स्वास्थ्य विभाग और कोलकाता पुलिस के कुछ शीर्ष अधिकारियों के तबादले की उनकी मांगों को भी मान लिया है।’’
प्रदर्शनकारी चिकित्सकों ने बुधवार सुबह एक बयान जारी कर कहा कि राज्य में किए गए प्रशासनिक उपाय उनके आंदोलन की ‘‘आंशिक जीत’’ भर हैं।
भाषा यासिर