केंद्र को भेजे गए वायनाड राहत ज्ञापन में “सामान्य समझ का अभाव” : कांग्रेस
नोमान अविनाश
- 17 Sep 2024, 07:32 PM
- Updated: 07:32 PM
तिरुवनंतपुरम/कोच्चि, 17 सितंबर (भाषा) केरल में विपक्षी कांग्रेस ने मंगलवार को आरोप लगाया कि राज्य की सत्तारूढ़ वाम सरकार द्वारा वायनाड आपदा राहत कार्य के लिए तत्काल सहायता की खातिर केंद्र को दिए गए ज्ञापन में “सामान्य समझ का अभाव” है और इसमें आंकड़े “बढ़ा-चढ़ाकर” दिए गए हैं।
कांग्रेस ने कहा कि ज्ञापन “लापरवाही” से तैयार किया गया है और यह राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) के नियमों के अनुरूप नहीं है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने यह आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उचित ज्ञापन तैयार करने में नाकाम रही है और उम्मीद जताई कि इससे केरल को अत्यंत आवश्यक केंद्रीय सहायता से वंचित नहीं होना पड़ेगा।
सतीशन ने कोच्चि में पत्रकारों से कहा कि ज्ञापन में शामिल राशि वायनाड आपदा से संबंधित केरल उच्च न्यायालय के आदेश का हिस्सा है, न कि मीडिया या विपक्ष द्वारा बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि इसमें उल्लिखित आंकड़ों ने वायनाड राहत उपायों में जनता का भरोसा खत्म कर दिया है।
विपक्ष के नेता ने कहा कि ज्ञापन एसडीआरएफ के नियमों के अनुसार बनाया जाना था, लेकिन इसमें उल्लिखित कई चीजों का नियमों से कोई संबंध नहीं है।
सतीशन ने कहा कि ज्ञापन में अवशेषों को दफनाने पर राज्य द्वारा किए गए खर्च के रूप में एक बड़ी राशि का उल्लेख है, जबकि इसके लिए भूमि मुफ्त दी गई थी और अवशेषों को दफनाने का अधिकांश काम स्वयंसेवकों द्वारा किया गया था।
विपक्ष के नेता ने कहा, “सरकार कैसे दावा कर सकती है कि उसने प्रत्येक शव को दफनाने पर 75,000 रुपये खर्च किए हैं? हम इन आंकड़ों पर कैसे भरोसा कर सकते हैं? ज्ञापन तैयार करने में अनियमितताएं हैं। इसे इस तरह से तैयार नहीं किया गया है। इसमें सामान्य समझ का अभाव है।”
उन्होंने कहा कि अगर केंद्र ने ज्ञापन मिलने के बाद भी कोई धनराशि नहीं दी है तो राज्य सरकार को शिकायत दर्ज करानी चाहिए। सतीशन ने कहा, “अगर उन्हें (राज्य सरकार को) कोई शिकायत नहीं है तो हम विपक्ष होने के नाते कैसे शिकायत कर सकते हैं?”
इससे पहले दिन में, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला ने कहा कि राज्य सरकार को यह आकलन करने की जरूरत है कि क्या भूस्खलन प्रभावित वायनाड जिले में आपदा राहत कार्यों की खातिर केंद्र से अधिक धन प्राप्त करने के लिए कथित रूप से बढ़ा-चढ़ाकर आंकड़े पेश करना सही था?
चेन्नीथला ने वामपंथी सरकार से सही तथ्यों का खुलासा करने का अनुरोध किया, जिसमें वह वायनाड राहत प्रयासों के संबंध में केरल उच्च न्यायालय में दिए अपने हलफनामे के बारे में भी बताए।
एक दिन पहले मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के घटक दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि वामपंथी सरकार ने राहत उपायों के संबंध में खर्च की गयी धनराशि में भ्रष्टाचार किया।
विजयन ने मीडिया में आयी उन खबरों को भी ‘निराधार’ बताया जिसमें दावा किया गया है कि राहत उपायों के तौर पर बहुत ज्यादा धनराशि खर्च की गयी है।
मीडिया की खबरों में वायनाड भूस्खलन के संबंध में केरल उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए यह दावा किया गया था।
मुख्यमंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार ने आपदा के मद्देनजर तत्काल सहायता की मांग करते हुए केंद्र सरकार को एक ज्ञापन सौंपा था और उसमें विभिन्न मदों के तहत अपेक्षित खर्चों का उल्लेख किया गया था।
वायनाड के मुंडक्कई और चूरलमाला इलाकों में 30 जुलाई को हुए भूस्खलन में 200 से अधिक लोगों की मौत हो गयी थी तथा दोनों इलाके लगभग पूरी तरह तबाह हो गए थे।
भाषा
नोमान