पिछले डेढ़ साल में विकास की गति धीमी पड़ी, बर्बाद हुए समय की भरपाई करनी होगी : बीरेन सिंह
पारुल अविनाश
- 17 Sep 2024, 06:34 PM
- Updated: 06:34 PM
इंफाल, 17 सितंबर (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने मंगलवार को कहा कि जातीय हिंसा से प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य में पिछले डेढ़ साल में विकास की गति धीमी पड़ गई। उन्होंने स्थिति में सुधार के मद्देनजर लोगों से बर्बाद हुए समय की भरपाई करने की अपील की।
‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान की शुरुआत के मौके पर संवाददाताओं से मुखातिब सिंह ने कहा, “(विकास की गति में आई) यह कमी दुर्भाग्यपूर्ण है। अब जबकि स्थिति में सुधार हुआ है, तो हमें न केवल जातीय संकट से संबंधित मौजूदा समस्याओं को हल करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, बल्कि विकास को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। हमें बर्बाद हुए समय की भरपाई करनी होगी।”
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि हालिया हिंसा से स्टार्टअप, आत्मनिर्भरता,
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई), व्यापार सहायता योजना, खेल, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में विकास की गति धीमी पड़ गई है।
उन्होंने विकास की पुरानी गति को फिर से हासिल करने के लिए विशेष रूप से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी और हथकरघा क्षेत्रों में आर्थिक पुनरुद्धार पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सिंह ने भरोसा जताया कि संकट का समाधान निकलेगा और सरकार एवं जनता दोनों इस दिशा में काम करेंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इंफाल में कंक्रीट की सड़कें बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे बारिश से सड़कों को नुकसान पहुंचने से रोका जा सकेगा।
सिंह ने कहा, “इस परियोजना से होने वाली बचत का इस्तेमाल ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में किया जाएगा। पहाड़ी जिला मुख्यालयों में सीमेंट की सड़कें बनाने से जुड़े प्रस्ताव पर भी काम जारी है।”
उन्होंने राज्य में 16 नयी केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार कैंटीन खोलने की मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।
सिंह ने कहा, “पहले, जनता को 21 कैंटीन तक पहुंच हासिल थी। अब 16 और कैंटीन को मंजूरी दे दी गई है, आठ घाटी में और आठ पर्वतीय क्षेत्र में। मैं आम लोगों को सस्ती दरों पर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने की इस पहल के लिए मोदी, शाह और केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों की सराहना करता हूं।”
उन्होंने मीडिया की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा, “मीडिया को रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उदाहरण के तौर पर, अगर विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो जाता है, तो लाइव प्रसारण रोक दिया जाना चाहिए और अपमानजनक या उकसाने वाले बयान नहीं प्रकाशित-प्रसारित किए जाने चाहिए। दुर्भाग्य से, ऐसे उपाय हमेशा नहीं किए जाते हैं।”
सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने बताया कि ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान दो अक्टूबर तक चलाया जाएगा।
भाषा पारुल