केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया, आतिशी ने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया
शफीक दिलीप
- 17 Sep 2024, 08:39 PM
- Updated: 08:39 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा मंगलवार को उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद नामित मुख्यमंत्री आतिशी ने नई सरकार बनाने का अपना दावा पेश किया।
इस घटनाक्रम को दिल्ली में लगभग पांच महीने में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बढ़त हासिल करने की एक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। केजरीवाल ने रविवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने तब कहा था कि वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर तभी बैठेंगे, जब जनता उन्हें ‘‘ईमानदारी का प्रमाणपत्र’’ देगी।
आबकारी नीति ‘घोटाले’ में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे और पिछले सप्ताह जेल से रिहा हुए आप सुप्रीमो ने मंगलवार शाम को उपराज्यपाल सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
आतिशी (43) दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री होंगी। उनसे पहले भाजपा नेता सुषमा स्वराज और कांग्रेस की शीला दीक्षित इस पद पर रह चुकी हैं।
पार्टी विधायकों की सर्वसम्मति से दिल्ली की मुख्यमंत्री नामित किए जाने के बाद अपनी पहली टिप्पणी में आतिशी ने कहा कि यह मिलीजुली भावनाओं वाला क्षण है, क्योंकि एक तरफ खुशी है लेकिन दूसरी तरफ लोकप्रिय मुख्यमंत्री केजरीवाल के इस्तीफा देने का अत्यंत दुख भी है।
केजरीवाल ने पार्टी विधायकों की एक बैठक में अपने उत्तराधिकारी के तौर पर आतिशी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।
आतिशी ने विधायक दल की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं अगले कुछ महीने तक एक ही लक्ष्य के साथ काम करूंगी कि केजरीवाल को फिर से मुख्यमंत्री पद पर बैठाया जाए। मैं अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री के रूप में काम करूंगी।’’
दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 23 फरवरी को समाप्त होने वाला है और उसके मद्देनजर फरवरी की शुरुआत में चुनाव होने की उम्मीद है। हालांकि, केजरीवाल ने मांग की है कि महाराष्ट्र के साथ दिल्ली में भी नवंबर में चुनाव कराये जाएं।
केजरीवाल के बाद अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर अटकलें तेज थीं। हालांकि, मुख्यमंत्री पद की दौड़ में आतिशी का नाम सबसे आगे था और उन्हें केजरीवाल तथा पार्टी में दूसरे प्रमुख नेता मनीष सिसोदिया का बेहद करीबी माना जाता है। इस बहस पर विराम लगाते हुए केजरीवाल ने आप विधायक दल की बैठक में कालकाजी से विधायक आतिशी का नाम प्रस्तावित किया, जिसे सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया।
एक अधिकारी ने बताया कि उपराज्यपाल अब केजरीवाल का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को स्वीकृति के लिए भेजेंगे। उन्होंने बताया कि वह नई सरकार बनाने के लिए आतिशी के पत्र को भी राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजेंगे।
अधिकारी ने बताया कि इस्तीफा स्वीकार होने के बाद उपराज्यपाल आतिशी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे और शपथ ग्रहण समारोह की तारीख बताएंगे। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में कुछ दिन लग सकते हैं।
नई मुख्यमंत्री दिल्ली विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित करेंगी, जिसके लिए सत्तारूढ़ आप सरकार ने 26-27 सितंबर को सत्र बुलाया है।
वित्त, शिक्षा और राजस्व सहित 14 विभागों की जिम्मेदारी संभाल रही आतिशी उन लोगों में से थीं, जिन्होंने केजरीवाल के जेल में रहने के दौरान कमान संभाली थी।
उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए आतिशी ने कहा, ‘‘हमने नई सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। मैं दिल्ली के लोगों के हितों की रक्षा करूंगी।’’
मुख्यमंत्री नामित की गईं आतिशी ने दावा किया कि केजरीवाल पर झूठे आरोप लगाए गए हैं और केंद्र सरकार की जांच एजेंसियां उन्हें निशाना बना रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय ने न केवल उन्हें (केजरीवाल) जमानत दे दी, बल्कि केंद्र और उसकी जांच एजेंसियों के खिलाफ कठोर टिप्पणी भी की और उन्हें ‘पिंजरे में बंद तोता’ बताया।’’
आतिशी ने कहा, ‘‘कोई और नेता होता, तो वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बना रहता, लेकिन केजरीवाल ने जनता की अदालत में जाने का फैसला किया और इस्तीफा दे दिया।’’
उन्होंने कहा कि जनता ने जल्द ही होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल को फिर से मुख्यमंत्री चुनने का संकल्प लिया है।
आतिशी ने अरविंद केजरीवाल को अपना ‘गुरु’ बताते हुए अपना उत्तराधिकारी चुनने के लिए उनका आभार जताया। आतिशी ने कहा, ‘‘केजरीवाल ने मुझ पर भरोसा किया, मुझे विधायक बनाया, फिर मंत्री बनाया और अब मुख्यमंत्री बनाया। मैं उनकी आभारी हूं। आप पार्टी में ही किसी नए नेता को इस तरह का अवसर मिल सकता है। अगर मैं किसी और पार्टी में होती, तो मुझे चुनाव लड़ने के लिए टिकट भी नहीं मिलता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुश हूं और मैं दुखी भी हूं कि मेरे बड़े भाई आज इस्तीफा दे रहे हैं।’’
केजरीवाल ने सोची-समझी रणनीति के तहत पूरे दिन चुप्पी साधे रखी, वहीं आतिशी ने पार्टी विधायकों से उन्हें बधाई नहीं देने का अनुरोध किया।
केजरीवाल के पद से इस्तीफा देने के बीच भाजपा ने कहा कि मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने से आम आदमी पार्टी (आप) का ‘‘चरित्र’’ नहीं बदलेगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी दिल्ली में अपने शासन के दौरान 10 साल के ‘‘भ्रष्टाचार’’ के लिए अभी भी जवाबदेह है।
भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने दावा किया, ‘‘चेहरा बदलने से आप का चरित्र नहीं बदलेगा...केजरीवाल के 10 साल के भ्रष्टाचार को देखते हुए, जो भी मुख्यमंत्री होगा, उसे लोगों को बताना होगा कि उन्होंने दिल्ली के लोगों को कैसे लूटा।’’
सचदेवा ने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने हर विभाग में भ्रष्टाचार किया है और अब जनता उन्हें उस भ्रष्टाचार का जवाब देगी।’’
केजरीवाल पर निशाना साधते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, ‘‘पहले हमारे पास जेल से काम करने वाले एक मुख्यमंत्री थे, जो बाद में ‘जमानत पर बाहर आए मुख्यमंत्री’ बन गये। अब कहा जा रहा है कि एक ‘कठपुतली’ मुख्यमंत्री को सत्ता में लाया जा रहा है।’’
शिक्षा क्षेत्र में आप सरकार की कई उपलब्धियों का श्रेय आतिशी को दिया जाता है। उन्हें पिछले साल मार्च में दिल्ली मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था तथा 21 मार्च को आबकारी नीति मामले में आप संयोजक केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद से वह सरकार और पार्टी दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थीं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विजय सिंह और तृप्ता वाही की बेटी आतिशी ने स्प्रिंगडेल्स स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की और सेंट स्टीफंस कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है।
शीला दीक्षित दिल्ली की सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रही थीं जिन्होंने 1998 से 2013 तक 15 साल तक पद संभाला। सुषमा स्वराज ने 12 अक्टूबर 1998 से 52 दिनों तक दिल्ली की सत्ता संभाली थी।
भाषा शफीक