महाराष्ट्र में गणपति विसर्जन के लिए शोभा यात्रा शुरू
यासिर माधव
- 17 Sep 2024, 04:59 PM
- Updated: 04:59 PM
(तस्वीरों के साथ)
मुंबई, 17 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुंबई और विभिन्न हिस्सों में मंगलवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच भगवान गणेश की मूर्तियों के विसर्जन के लिए धूमधाम से शोभा यात्रा शुरू की गई।
‘गणेश चतुर्थी’ उत्सव की शुरुआत सात सितंबर को हुई और मंगलवार को ‘अनंत चतुर्दशी’ के दिन लोगों ने गणपति को विदाई दी।
मुंबई के लालबाग क्षेत्र में तेजुकाया मंडल की मूर्ति की शोभायात्रा ‘‘गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या’’ (गणपति बप्पा अगले वर्ष जल्दी आओ) के जयकारों के बीच शुरू हुई।
लालबाग के राजा की प्रसिद्ध मूर्ति को विदाई देने के लिए चिलचिलाती धूप में भी लालबाग की गलियों में भीड़ उमड़ पड़ी।
गणपति विसर्जन के लिए फोर्ट, मझगांव, बायकुला, दादर और चेंबूर सहित मुंबई के विभिन्न हिस्सों से शोभा यात्रा अरब सागर और अन्य जल निकायों की ओर बढ़ीं।
भगवान गणेश की मूर्तियों को विसर्जन स्थल ले जाने के लिए पंडालों से बाहर निकालते ही भक्त मूर्तियों के अंतिम दर्शन के लिए उत्सुक हो गए और वह विशेष रूप से गिरगांव समुद्र तट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क समेत विभिन्न सड़कों पर बड़ी संख्या में उमड़ पड़े।
इस दौरान लालबाग के श्रॉफ भवन में गणेश मूर्तियों पर फूलों की वर्षा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए।
लालबागचा राजा गणपति की मूर्ति दोपहर करीब 12:45 बजे मुख्य सड़क पर आई और भारतमाता जंक्शन की ओर रवाना हुई।
रंगारी बडक चाल गणपति, कालाचौकी महागणपति और बाल गणेश मंडल के बल्लालेश्वर की शोभा यात्रा भी मुख्य मार्गों पर पहुंची।
अधिकारियों ने बताया कि शोभा यात्रा के दौरान मुंबई में 24 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
घरों तथा सार्वजनिक पंडालों में स्थापित गणेश मूर्तियों का विसर्जन शहर भर में 204 कृत्रिम तालाबों के साथ गिरगांव, दादर, जुहू, मार्वे और अक्सा समुद्र तटों जैसे 69 प्राकृतिक जल निकायों में किया जाएगा।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक पंडालों पर बनी गणपति की छह मूर्तियों समेत 675 गणपति और गौरी की मूर्तियों को जलाशयों में विसर्जित किया गया।
उन्होंने बताया कि इनमें से 235 मूर्तियों को कृत्रिम तालाबों में विसर्जित किया गया।
बीएमसी ने कहा कि उसने शोभा यात्रा प्रबंधन के लिए 12 हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया है और 71 नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। इसने सुरक्षा उपाय के तौर पर शहर के समुद्र तटों पर 761 ‘लाइफगार्ड’ और 48 ‘स्पीड बोट’ तैनात की गई हैं। इस दौरान नागरिकों को गहरे समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
शोभा यात्रा के दौरान 2500 से अधिक यातायात पुलिस कर्मी शहर भर में वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करेंगे। कुछ सड़कों पर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा और कुछ मार्गों पर यातायात केवल एक ओर चालू रहेगा, जबकि कुछ स्थानों पर मार्ग में परिवर्तन किया गया है।
भाषा यासिर