भारत आज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का बहुत बड़ा हितधारक बन गया: प्रधानमंत्री मोदी
ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र पवनेश
- 16 Sep 2024, 08:10 PM
- Updated: 08:10 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि भारत आज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का बहुत बड़ा हितधारक बन गया है और देश का ये बढ़ता सामर्थ्य हमारी आर्थिक वृद्धि का आधार है जो उसे तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएगा।
तूतीकोरिन अंतरराष्ट्रीय कंटेनर टर्मिनल का वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह बात कही।
उन्होंने कहा, ‘‘आज विकसित भारत की यात्रा का एक अहम पड़ाव है। ये नया तूतीकोरिन अंतरराष्ट्रीय कंटेनर टर्मिनल भारत के मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर का नया सितारा है। इस नए टर्मिनल से वी ओ चिदंबरनार बंदरगाह के सामर्थ्य में भी विस्तार होगा।’’
उन्होंने कहा कि नया टर्मिनल इस बंदरगाह की क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा और इससे इस बंदरगाह पर परिवहन में होने खर्च में भी कमी आएगी तथा भारत की विदेशी मुद्रा भी बचेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत आज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का भी बहुत बड़ा हितधारक बन रहा है। भारत का ये बढ़ता सामर्थ्य हमारी आर्थिक वृद्धि का आधार है। यही सामर्थ्य भारत को तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाएगा।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने दो साल पहले इस बंदरगाह से जुड़ी कई परियोजनाओं की शुरुआत की थी और उन्हे इस नए बने टर्मिनल पर 40 प्रतिशत कर्मचारी महिलाएं होंगी।
उन्होंने कहा, ‘‘यानि ये टर्मिनल, समुद्री क्षेत्र में महिला-नीत विकास का भी प्रतीक बनेगा।’’
मोदी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के विकास में तमिलनाडु के समुद्र तटों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और यहां के बंदरगाह अवसंरचना में तीन प्रमुख बंदरगाहों और 17 अन्य बंदरगाह शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इसी सामर्थ्य की वजह से आज तमिलनाडु समुद्री व्यापार नेटवर्क का बहुत बड़ा हब है। हम बंदरगाह-नीत विकास के मिशन को गति देने के लिए आउटर हार्बर कंटेनर टर्मिनल का विकास कर रहे हैं और इस पर 7,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जा रहा है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार वी ओ सी बंदरगाह की क्षमता को भी लगातार बढ़ा रही है और यह देश के सामुद्रिक विकास का एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आज भारत का समुद्र मिशन सिर्फ अवसंरचना विकास तक ही सीमित नहीं है और भारत आज दुनिया को टिकाऊ और दूरगामी सोच वाले विकास का रास्ता दिखा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस बंदरगाह को हरित हाइड्रोजन केंद्र और अपतट पवन के लिए नोडल बंदरगाह के रूप में जाना जाता है। आज दुनिया जलवायु परिवर्तन की जिन चुनौतियों से जूझ रही है, उससे निपटने में हमारी ये पहल बहुत कारगर साबित होगी।’’
प्रधानमंत्री ने भारत की विकास यात्रा में नवोन्मेष और सहयोग को देश की सबसे बड़ी ताकत करार देते हुए कहा कि आज जिस नए टर्मिनल का उद्घाटन हुआ है, वो भी इसी सामर्थ्य का प्रमाण है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सामूहिक प्रयास करके प्रमुख संपर्कों के माध्यम से भारत के निर्माण में जुटे हैं। आज देश के कोने-कोने में रोडवेज, हाइवेज, वाटरवेज और एयरवेज के विस्तार से संपर्क बढ़ा है। इससे वैश्विक व्यापार में भारत ने अपनी स्थिति को बहुत मजबूत कर लिया है।’’
भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र