अदालत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को सात दिन की ईडी हिरासत में भेजा
आशीष रवि कांत नेत्रपाल
- 22 Mar 2024, 11:31 PM
- Updated: 11:31 PM
नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में 28 मार्च तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया।
ईडी ने अदालत में दावा किया कि कथित आबकारी घोटाला मामले में अपराध से अर्जित कमाई की ‘‘बड़ी लाभार्थी’’ रही आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा धनशोधन कराए जाने के लिए केजरीवाल ने दिल्ली का मुख्यमंत्री होने का फायदा उठाया।
राउज एवेन्यू अदालत में विशेष न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष ईडी ने केजरीवाल की हिरासत का अनुरोध करते हुए कहा, ‘‘दिल्ली सरकार के मंत्रियों, आप नेताओं और अन्य व्यक्तियों के साथ सांठगांठ करने वाले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली आबकारी घोटाले के सरगना और मुख्य षड्यंत्रकारी हैं।’’
मामले में ईडी की दो साल की जांच के दौरान यह पहली बार है जब एजेंसी ने दावा किया है कि आप ‘‘प्रमुख लाभार्थी’’ थी।
केजरीवाल की 10 दिन की हिरासत की मांग करने वाली ईडी की याचिका पर दलीलों के दौरान, मुख्यमंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने दावा किया कि आबकारी नीति मामले में 200 से अधिक छापों के बावजूद आप नेता की अपराध में संलिप्तता दिखाने वाली कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
अधिवक्ता ने कहा कि यह साबित करने के लिए कोई सबूत या सामग्री नहीं है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आबकारी नीति में कुछ गलत किया या कोई लाभ प्राप्त किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी ने राजनीतिक प्रतिशोध के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपने अधिकार का दुरुपयोग किया है।
ईडी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल को दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 तैयार करने और लागू करने के लिए 'साउथ ग्रुप' से रिश्वत के रूप में कई करोड़ रुपये मिले।
बाद में, इस नीति को रद्द कर दिया गया था।
ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चुनाव लड़ने के लिए 'साउथ ग्रुप' के कुछ आरोपियों से कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये की मांग की।
इसने आरोप लगाया कि अपराध से अर्जित इस आय का एक हिस्सा, लगभग 45 करोड़ रुपये का इस्तेमाल गोवा विधानसभा चुनावों में आप के चुनाव प्रचार अभियान में किया गया था।
संघीय एजेंसी ने दावा किया कि ये धनराशि चार अंगड़िया के माध्यम से गोवा में स्थानांतरित की गई थी।
अंगड़िया नेटवर्क भारी नकद धनराशि को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए जाना जाता है।
ईडी ने कहा, ‘‘इस तरह, आप ने अरविंद केजरीवाल के माध्यम से धनशोधन का अपराध किया है और इस प्रकार अपराध पीएमएलए की धारा 70 के तहत आते हैं।’’
एजेंसी द्वारा केजरीवाल को गिरफ्तार किए जाने के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी समेत देशभर में आम आदमी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों ने प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आप के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ प्रदर्शन किया। आईटीओ पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इस क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से जाने के लिए कहा। इसके बाद पुलिस ने कैबिनेट मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज को हिरासत में ले लिया।
हरियाणा में, आप की प्रदेश इकाई के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आवास का घेराव करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार की और लाठीचार्ज किया।
केजरीवाल को अदालत परिसर और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा के बीच अपराह्न करीब दो बजे अदालत में पेश किया गया।
भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के पूर्व अधिकारी केजरीवाल (55) को ईडी ने बृहस्पतिवार रात, धन शोधन रोधी कानून के तहत दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित उनके आधिकारिक आवास से गिरफ्तार किया था।
ईडी ने केजरीवाल की हिरासत की मांग करते हुए अदालत से कहा, ‘‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली सरकार के मंत्रियों, आप नेताओं और अन्य व्यक्तियों की मिलीभगत से दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के सरगना और मुख्य साजिशकर्ता हैं।’’
ईडी ने अपने रिमांड पत्र में दावा करते हुए कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए आबकारी नीति 2021-22 तैयार करने की साजिश रचने में संलिप्त थे और वह इन्हें इस नीति के जरिये फायदा पहुंचाने के एवज में शराब कारोबारियों से रिश्वत की मांग करने में शामिल रहे।’’
एएसजी राजू ने अदालत को बताया कि आरोपियों और गवाहों के बयानों की पुष्टि कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) से हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक कंपनी है और कंपनी के संचालन के लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
इससे पहले दिन में, केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ दायर की गयी याचिका उच्चतम न्यायालय से वापस ले ली। शीर्ष अदालत ने कहा था कि याचिका पर दिन में सुनवाई होगी।
गिरफ्तारी के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया में केजरीवाल ने कहा कि उनका जीवन देश के लिए समर्पित है, चाहे वह जेल के अंदर हों या जेल के बाहर।
अदालत में पेश किए जाने के दौरान केजरीवाल ने टीवी9 नेटवर्क से कहा, ‘‘ मेरा जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित है, चाहे मैं जेल के अंदर रहूं या बाहर।’’
अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख की गिरफ्तारी दिल्ली के लोगों के साथ धोखा है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "आपके तीन बार चुने गए मुख्यमंत्री को मोदी जी ने सत्ता के अहंकार में गिरफ्तार करवाया। सभी को कुचलने में लगे हैं। यह दिल्ली के लोगों के साथ धोखा है। आपके मुख्यमंत्री हमेशा आपके साथ खड़े रहे हैं। अंदर (जेल) रहें या बाहर, उनका जीवन देश के लिए समर्पित है। जनता जनार्दन है, सब जानती है। जय हिन्द।"
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि देश को अब विश्वास हो गया है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।
वरिष्ठ भाजपा नेता ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अदालत के आदेश से देश को अब विश्वास हो गया है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। ईरानी ने कहा, ‘‘अदालत द्वारा केजरीवाल को ईडी के रिमांड पर भेजने की खबर ने कम से कम देश को आश्वस्त कर दिया है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। अपराध के सरगना अरविंद केजरीवाल को आखिरकार न्याय के कठघरे में लाया गया।’’
भाजपा ने आप के इस दावे पर कि केजरीवाल जेल से सरकार चलाएंगे, उसकी तीखी आलोचना करते हुए कहा कि यह लोगों, कानून और लोकतंत्र का अपमान है।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पूछा कि क्या केजरीवाल खुद को कानून से ऊपर मानते हैं? भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आप नेताओं पर इस मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल लोग जेल जायेंगे।
भाजपा ने विपक्षी नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री को दिए गए समर्थन को 'चोरों के बीच भाईचारे' का प्रदर्शन कहकर उपहास उड़ाया।
इस बीच, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को निर्वाचन आयोग का रुख किया और यह आग्रह किया कि वह विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों के ‘‘दुरुपयोग’’ को रोकने के लिए हस्तक्षेप करे।
निर्वाचन आयोग से मुलाकात करने वाले विपक्षी नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने यह दावा किया कि जांच एजेंसियों का दुरुपयोग लोकसभा चुनाव में समान अवसर की स्थिति को खत्म करना है जिसका चुनाव की निष्पक्षता एवं स्वतंत्रता पर प्रभाव पड़ता है।
इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के नेता केसी वेणुगोपाल एवं अभिषेक सिंघवी, तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन एवं नदीमुल हक, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी, समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान, आम आदमी पार्टी के सांसद संदीप पाठक, द्रमुक के पी विल्सन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के जितेंद्र अव्हाण शामिल थे।
कांग्रेस ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को ‘प्रतिशोध और उत्पीड़न की राजनीति’ करार देते हुए शुक्रवार को कहा कि इस तरह के कदम से ‘इंडिया’ गठबंधन और एकजुट होगा क्योंकि यह गठबंधन नहीं, बल्कि ‘जनबंधन’ है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बौखलाए हुए हैं तथा विपक्ष को पटरी से उतारने और असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारियां की जा रही हैं।
भाषा आशीष रवि कांत