हिमाचल के मंत्रियों ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर की गई टिप्पणी को लेकर मोदी की आलोचना की
पारुल सुरेश
- 15 Sep 2024, 10:09 PM
- Updated: 10:09 PM
शिमला, 15 सितंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री हर्षवर्द्धन चौहान और रोहित ठाकुर ने कांग्रेस-शासित इस राज्य की आर्थिक स्थिति के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी की रविवार को आलोचना की और इसे “भ्रामक एवं दुर्भाग्यपूर्ण” करार दिया।
चौहान और ठाकुर ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने राज्य की अर्थव्यवस्था की नकली तस्वीर पेश की, जिसके कारण प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय मंच पर झूठ बोला।
दोनों मंत्रियों ने कहा, “प्रधानमंत्री ने प्रदेश भाजपा के नेताओं से मिली भ्रामक जानकारी पर भरोसा करते हुए हिमाचल की अर्थव्यवस्था के बारे में दुर्भाग्यपूर्ण बयान दिया है।”
उन्होंने कहा कि बेहतर होता कि भाजपा नेता केंद्र के पास लंबित 10,000 करोड़ रुपये की आपदा राहत राशि जारी करवाने के प्रयास करते।
चौहान और ठाकुर ने कहा, “हालांकि, विपक्षी नेता नफरत और नकारात्मकता की राजनीति करने में दिलचस्पी रखते हैं।”
चुनावी राज्य हरियाणा में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने शनिवार को कहा था कि कांग्रेस हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में झूठे वादे करके सत्ता में आई तथा इन राज्यों को “बर्बाद” कर दिया, जो समृद्ध हुआ करते थे।
इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए चौहान और ठाकुर ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था अपने न्यूनतम स्तर पर थी।
उन्होंने कहा, “नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सत्ता में आने के लिए अपने कार्यकाल के आखिरी कुछ महीनों में एक बार फिर तुष्टीकरण की राजनीति की थी। उन्होंने मुफ्त सुविधाएं शुरू कीं और बिना किसी बजटीय प्रावधान या आवश्यकता के 900 से अधिक संस्थान खोले, जिसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार के खजाने पर भारी बोझ पड़ा।”
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया, “यह सब राजनीतिक लाभ के लिए किया गया था, लेकिन राज्य के समझदार मतदाताओं ने भाजपा को सिरे से खारिज कर दिया और कांग्रेस को सरकार बनाने का जनादेश दिया।”
दोनों मंत्रियों ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार को पूर्ववर्ती भाजपा सरकार से 85,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज विरासत में मिला है।
उन्होंने दावा किया कि कर्ज राशि में 75,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण और राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और बकाया सहित लंबित भुगतान के रूप में 10,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।
दोनों मंत्रियों ने कहा, “हमारी सरकार ने ऋण पर निर्भरता कम करने के लिए विभिन्न सुधार लागू किए हैं। राज्य में कोई वित्तीय संकट नहीं है। सरकार हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर और सर्वाधिक प्रगतिशील राज्य बना रही है।”
मोदी ने शनिवार को हरियाणा में रैली के दौरान कहा था, “आपके पड़ोस में हिमाचल है। कांग्रेस दो साल पहले वहां सत्ता में आई। वहां क्या स्थिति है? आज हिमाचल का कोई भी नागरिक खुश नहीं है। कांग्रेस ने झूठ बोला और अपने वादे पूरे नहीं किए।”
उन्होंने कहा था, “सरकारी कर्मचारियों को वेतन के लिए हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। उन्हें महंगाई भत्ता नहीं मिल रहा है। भर्तियां नहीं हो रही हैं... स्कूल-कॉलेज बंद करने पड़ रहे हैं। उन्होंने हर महिला को 1,500 रुपये देने का वादा किया। महिलाएं इंतजार करती रहीं। हिमाचल में बिजली, पानी, पेट्रोल, डीजल, दूध महंगा हो गया है।”
भाषा पारुल