दिग्गज कांग्रेस नेता सुरेश पचौरी, पूर्व सांसद गजेंद्र राजूखेड़ी भाजपा में शामिल
दिमो राजकुमार
- 09 Mar 2024, 05:45 PM
- Updated: 05:45 PM
भोपाल, नौ मार्च (भाषा) मध्य प्रदेश में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में, दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने कांग्रेस के साथ पांच दशक के अपने जुड़ाव को अलविदा कह दिया और शनिवार को भाजपा में शामिल हो गये।
पचौरी, पूर्व सांसद गजेंद्र राजूखेड़ी और कांग्रेस के कई पूर्व विधायक सुबह भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष वी डी शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए।
यह कदम मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है क्योंकि पार्टी छोड़ने वाले उसके सदस्यों की संख्या बढ़ती जा रही है।
गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले 71 वर्षीय पचौरी केंद्रीय रक्षा उत्पादन राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। वह कांग्रेस के चार बार राज्यसभा सदस्य भी रहे हैं।
भाजपा में शामिल होने के बाद पचौरी ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि वह पहले जातिविहीन और वर्गविहीन समाज की बात करती थी लेकिन अब वह देश को जाति के आधार पर बांट रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘ कांग्रेस अब जाति विभाजन की बात कर रही है, जिसके चलते देश में जातीय संघर्ष बढ़ गया है।’’
राम मंदिर उद्घाटन को अस्वीकार करने के पार्टी के कदम का अप्रत्यक्ष तौर पर जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "...लेकिन अब वे जाति के बारे में बात कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में (कांग्रेस द्वारा लिए गए) राजनीतिक और धार्मिक फैसलों ने मुझे असहज कर दिया है।"
पचौरी ने कांग्रेस से भाजपा में जाने के अपने फैसले के पक्ष में कहा, "मैंने रक्षा मंत्रालय में काम किया है। (पहले) सेना की बहादुरी के बारे में कभी सवाल नहीं उठाए गए। कभी भी 'सबूत' प्रदान करने की बात नहीं की गई (जैसा कि 'सर्जिकल स्ट्राइक' के संबंध में कांग्रेस नेताओं ने मांग की थी)।’’
पचौरी के अलावा, कांग्रेस के पूर्व विधायक संजय शुक्ला (इंदौर-एक), अर्जुन पलिया (पिपरिया), विशाल पटेल (देपालपुर- जिला इंदौर) ने भी सत्तारूढ़ दल (भाजपा) का दामन थाम लिया।
भाजपा में शामिल होने के पचौरी के फैसले की पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने प्रशंसा की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेवा करने के लिए अनुभवी नेता की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
चौहान ने कहा, ‘‘ पचौरी जी बिना किसी शर्त भाजपा में शामिल हुए। जब पचौरी जी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस अप्रासंगिक हो गई है और उसके पास नेतृत्व तथा नीति नहीं है। वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की सेवा करना चाहते हैं।’’
प्रमुख आदिवासी नेता राजूखेड़ी 1998, 1999 और 2009 में कांग्रेस के टिकट पर धार (अनुसूचित जनजाति) लोकसभा सीट से सांसद चुने जा चुके हैं। कांग्रेस में शामिल होने से पहले 1990 में वह भाजपा विधायक भी रहे।
कांग्रेस की भोपाल जिला इकाई के पूर्व अध्यक्ष कैलाश मिश्रा, पार्टी की छात्र शाखा भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन(एनएसयूआई) की प्रदेश इकाई के पूर्व प्रमुख अतुल शर्मा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलोक चंसोरिया भी पचौरी के साथ भाजपा में शामिल हूए।
इस बीच, सात मार्च को पचौरी द्वारा कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे को लिखा गया एक पत्र सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि वह पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं। पत्र में पचौरी ने कहा कि उन्होंने 50 साल तक कांग्रेस की सेवा की, लेकिन पार्टी अब उन सिद्धांतों से भटक गई है जिनके लिए वह कभी खड़ी हुई थी।
भाषा दिमो