केजरीवाल की गिरफ्तारी पर आप का मप्र में विरोध प्रदर्शन, दिग्विजय ने कहा- असंवैधानिक आपातकाल
दिमो अमित
- 22 Mar 2024, 09:40 PM
- Updated: 09:40 PM
भोपाल, 22 मार्च (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को लेकर शुक्रवार को मध्य प्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
केजरीवाल को बृहस्पतिवार रात दिल्ली में गिरफ्तार किया गया।
आम आदमी पार्टी (आप) की मध्य प्रदेश इकाई के प्रवक्ता रमाकांत पटेल ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने पूरे मध्य प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया। हमारा विरोध भाजपा, खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ जारी रहेगा, जो विपक्ष को धमकाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ जन संपर्क कार्यक्रम चलाएंगे।’’
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार सुनिश्चित करने के लिए आप कांग्रेस को पूरा समर्थन देगी।
इससे पहले दिन में, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने केजरीवाल की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि देश में ‘‘असंवैधानिक आपातकाल’’ लगा हुआ है और विपक्ष और लोकतंत्र की आवाज को दबाया जा रहा है।
राज्यसभा सदस्य सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं (केजरीवाल की) गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करता हूं। उनकी गलती यह थी कि वह (विपक्षी) ‘इंडिया’ गठबंधन के साझेदार बन गए तथा आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दिल्ली में मिलकर चुनाव लड़ रही है।’’
यह पूछे जाने पर कि जिसे वह ‘‘असंवैधानिक आपातकाल’’ कहते हैं, क्या उसी के तहत केजरीवाल की गिरफ्तारी हुई है, सिंह ने कहा, ‘‘निश्चित रूप से, उन्हें इसके तहत ही गिरफ्तार किया गया है।’’
सिंह ने कहा कि कुछ लोग 70 के दशक (के आपातकाल) और वर्तमान समय की तुलना करते हैं। उन्होंने कहा कि वह आपातकाल एक अधिनियम के तहत लागू किया गया था, लेकिन यह आपातकाल ‘‘असंवैधानिक’’ है जिसके माध्यम से प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को लोगों का दमन करने और जबरन वसूली करने के लिए कहा जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘उनकी गलती यह थी कि नोटिस मिलने के बाद भी वह पेश नहीं हुए। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।’’
सिंह ने कहा कि भारत के इतिहास में यह पहली बार है जब पद पर रहने के दौरान दो मुख्यमंत्रियों को जेल भेजा गया है।
सिंह ने दावा किया, ‘‘झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर इस वादे के साथ भाजपा में शामिल होने के लिए दबाव बनाया गया था कि उनके खिलाफ मामले खत्म कर दिए जाएंगे, जैसा कि अन्य मामलों में किया गया लेकिन सोरेन ने जेल जाना पसंद किया और यह ‘‘सच्चा आदिवासी चरित्र’’ है।
उन्होंने कांग्रेस के बैंक खाते कथित तौर पर ‘फ्रीज’ (लेन-देन पर रोक) करने को लेकर भी भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में किस तरह से व्यवधान डाला जाए और कांग्रेस को रास्ते से कैसे हटाया जाए, इसकी कोशिशें जारी हैं।
भाषा दिमो