हरियाणा में चुनाव के बाद भाजपा सत्ता में लौटी तो मुख्यमंत्री पद के लिए दावा पेश करूंगा: विज
जोहेब नेत्रपाल
- 15 Sep 2024, 03:41 PM
- Updated: 03:41 PM
(फोटो के साथ)
अंबाला/चंडीगढ़, 15 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मंत्री अनिल विज ने रविवार को कहा कि राज्य में पांच अक्टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद अगर पार्टी सत्ता में लौटती है तो वह मुख्यमंत्री पद के लिए दावा पेश करेंगे।
छह बार के विधायक विज की इस टिप्पणी से पहले ही भाजपा स्पष्ट कर चुकी है कि अगर वह सत्ता में लौटती है तो नायब सिंह सैनी ही मुख्यमंत्री रहेंगे।
विज ने कहा, ‘‘मैंने आज तक पार्टी से कभी कुछ नहीं मांगा...हरियाणा के लोग मुझसे मिलने आ रहे हैं। यहां तक कि अंबाला में भी लोग मुझसे कहते हैं कि मैं सबसे वरिष्ठ हूं, लेकिन मैं मुख्यमंत्री नहीं बना। लोगों की मांग और वरिष्ठता के आधार पर इस बार मैं मुख्यमंत्री बनने का दावा पेश करूंगा।’’
अंबाला कैंट से विधायक विज ने कहा, ‘‘पार्टी मुझे मुख्यमंत्री बनाती है या नहीं, यह उस पर निर्भर करता है। लेकिन अगर वह मुझे मुख्यमंत्री बनाती है, तो मैं हरियाणा की तकदीर और तस्वीर बदल दूंगा।’’
अंबाला में पत्रकारों से बातचीत के दौरान की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर बाद में विज ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘मैं पार्टी का सबसे वरिष्ठ विधायक हूं और छह चुनाव जीत चुका हूं तथा सातवां चुनाव लड़ रहा हूं। मैंने अब तक अपनी पार्टी से कभी कुछ नहीं मांगा है।’’
विज (71) ने कहा, ‘‘लेकिन पूरे हरियाणा और मेरे अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोग मुझसे मिल रहे हैं... मैं मुख्यमंत्री पद के लिए दावा पेश करूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस पर फैसला पार्टी आलाकमान को लेना है।’’
जब उनसे कहा गया कि सैनी को पहले ही मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जा चुका है तो विज ने कहा, ‘‘दावा करने पर कोई रोक नहीं है। मैं अपना दावा करूंगा, पार्टी को जो फैसला लेना होगा, वह लेगी।’’
चुनाव में अब कुछ ही सप्ताह शेष रह गए हैं, ऐसे में उनके निर्णय के समय के बारे में पूछे जाने पर विज ने कहा कि लोगों के उनसे मिलने आने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया।
गौरतलब है कि मार्च में मनोहर लाल खट्टर की जगह सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया था। हरियाणा की 90 विधानसभा सीट के लिए पांच अक्टूबर को मतदान होगा और मतगणना आठ अक्टूबर को होगी।
जब 2014 में भाजपा पहली बार अपने बल पर हरियाणा में सत्ता में आई थी, तो विज, रामबिलास शर्मा समेत कुछ अन्य भाजपा नेताओं के साथ मुख्यमंत्री पद की दौड़ में आगे थे, लेकिन पार्टी ने उस समय पहली बार विधायक बने मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बनाया था।
हाल ही में भाजपा को टिकट न पाने वाले अपने कुछ नेताओं की नाराजगी का सामना करना पड़ा है।
रणजीत सिंह चौटाला, लक्ष्मण नापा, करण देव कंबोज और कुछ अन्य भाजपा नेताओं ने पार्टी छोड़ दी।
पूर्व मंत्री रामबिलास शर्मा को भी इस बार महेंद्रगढ़ से टिकट नहीं दिया गया। मार्च में, विज इस बात से नाराज बताए गए थे कि जब पार्टी ने मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री पद से हटाने और उनकी जगह नायब सिंह सैनी को लाने का फैसला किया था, तो उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने उस समय कहा था कि उन्हें इस बारे में भाजपा विधायकों की बैठक में पता चला जिसमें सैनी के नाम की घोषणा की गई।
विज को बाद में सैनी के नेतृत्व वाली कैबिनेट में जगह भी नहीं मिली। वरिष्ठ भाजपा नेता ने मार्च में सैनी के शपथग्रहण समारोह से भी दूरी बना ली थी।
अप्रैल में अंबाला में जनसभा को संबोधित करते हुए विज ने किसी का नाम लिए बिना कहा था कि कुछ लोगों ने उन्हें अपनी पार्टी में अजनबी बना दिया है।
विज ने उस समय कहा था, ‘‘माना कुछ लोगों ने मुझे मेरी पार्टी में ही बेगाना बना दिया है, पर कई बार बेगाने अपने लोगों से भी ज्यादा काम कर जाते हैं।’’
मनोहर लाल खट्टर सरकार में गृह मंत्री रहे विज का खट्टर के मुख्यमंत्री रहते अकसर उनसे टकराव होता था। विज यही कहते रहे हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं, लेकिन जो भी कहना होता है, वह साफ-साफ कहते हैं।
भाषा जोहेब