लोग प्रदर्शनकारी चिकित्सकों के लिए भोजन और अन्य सामान पहुंचा रहे
धीरज पारुल
- 14 Sep 2024, 06:14 PM
- Updated: 06:14 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 14 सितंबर (भाषा) आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के पूर्व छात्र अर्पण मैती (40) राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय के पास एक अस्थायी काउंटर पर खाद्य सामग्री, कपड़े, रेनकोट, छाते और अन्य सामग्री एकत्र करने में व्यस्त हैं, जहां पिछले पांच दिन से हजारों चिकित्सक धरना दे रहे हैं।
मैती ने आंदोलन स्थल पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि लोग आंदोलनकारी चिकित्सकों के लिए चारपाई, चादर और रेनकोट से लेकर बड़े छाते और भोजन के पैकेट भेज रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘शनिवार अपराह्न दो बजे तक भोजन के 3,000 पैकेट मुफ्त में दिए गए। जिन लोगों को ये पैकेट दिए गए, उनमें न केवल प्रदर्शनकारी चिकित्सक, बल्कि स्थानीय फेरीवाले, रिक्शा-चालक, ऑटोरिक्शा चालक, पत्रकार और अन्य लोग भी शामिल हैं, जो आंदोलन के साथ एकजुटता प्रकट करने के लिए मौके पर जुटे हैं।’’
प्राजक्ता सिकदर नाम की स्वयंसेवक आंदोलन में हिस्सा लेने के साथ ऐसे ही एक काउंटर का कामकाज संभालती हैं। सिकदर ने कहा कि शनिवार अपराह्न 1.30 बजे तक उन्होंने लोगों के बीच शाकाहारी भोजन के लगभग 600 पैकेट वितरित किए।
सिकदर को एक व्यक्ति से यह कहते हुए सुना गया, ‘‘कृपया संकोच न करें... मुझे बताएं कि आपको क्या चाहिए, हमने आपके लिए ये सभी पैकेट तैयार कर रखे हैं। यदि आप केक या अन्य जलपान चाहते हैं, तो वह भी उपलब्ध है।’’
एक टैक्सी चालक को वाहन की डिग्गी से भोजन के सैकड़ों पैकेट उतारते हुए देखा गया, जबकि एक अन्य वाहन में तीन लोग फोल्डिंग चारपाई लेकर घटनास्थल पर पहुंचते नजर आए।
टैक्सी चालक ने संवाददाता को भोजन का पैकेट देते हुए कहा, ‘‘सोदेपुर में स्थित अंग्रेजी माध्यम के एक स्कूल की शिक्षिका ने भोजन के 400 पैकेट भेजे हैं, लेकिन वह अपना नाम नहीं बताना चाहतीं।’’
आंदोलन स्थल पर मरीजों का इलाज करने के लिए स्थापित ‘अभया’ क्लीनिक में सेवाएं दे रहे जूनियर डॉक्टर दिव्येंदु बनर्जी ने बताया कि अब तक पुलिसकर्मियों सहित 350 लोगों का इलाज किया जा चुका है। उन्होंने कहा, ‘‘लोग जांच और उपचार के लिए आ रहे हैं और पांच चिकित्सकों की हमारी टीम सभी का इलाज कर रही है तथा जरूरत पड़ने पर दवा भी मुफ्त दे रही है।’’
आरजी कर अस्पताल में कथित बलात्कार और हत्याकांड की पीड़िता की याद में स्थापित क्लीनिक में विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले लोगों से लेकर रेहड़ी-पटरीवालों के परिवार के सदस्य और अन्य स्थानीय लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
बनर्जी ने कहा, ‘‘हमने तीन दिन पहले ही अभया क्लीनिक खोली थी। हर दिन 500 से अधिक लोग यहां आ रहे हैं।’’
जूनियर डॉक्टर्स फोरम इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है। प्रदर्शनकारी चिकित्सक महिला डॉक्टर के लिए न्याय और इस घटना को लेकर कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और स्वास्थ्य सचिव के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
भाषा धीरज