मस्जिद में अनधिकृत निर्माण को लेकर शिमला के बाद मंडी में विरोध प्रदर्शन
संतोष दिलीप
- 13 Sep 2024, 09:54 PM
- Updated: 09:54 PM
(तस्वीरों के साथ)
मंडी/शिमला ,13 सितंबर (भाषा) हिंदू संगठनों ने हिमाचल प्रदेश के मंडी में एक मस्जिद के अनधिकृत हिस्से को ध्वस्त करने की मांग को लेकर शुक्रवार को शहर में विरोध मार्च निकाला और ढांचे की ओर जाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार की।
मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को मस्जिद के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया था और कहा था कि इसकी एक दीवार सरकारी भूमि का अतिक्रमण कर बनाई गई थी।
मंडी में यह विरोध प्रदर्शन शिमला के संजौली क्षेत्र में हुए प्रदर्शन के दो दिन बाद हुआ है। संजौली क्षेत्र में एक मस्जिद के अवैध हिस्से को ध्वस्त करने की मांग कर रहे हिंदू संगठनों के आह्वान पर एकत्र प्रदर्शनकारियों की सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प हो गई थी।
संजौली स्थित मस्जिद में विवादित ढांचे के खिलाफ हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन के कारण पिछले हफ्ते से ही शिमला का माहौल गरम रहा। शिमला में बुधवार को विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया और लोगों ने बैरिकेड तोड़ दिए और पथराव किया। पुलिस ने लोगों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार करने के साथ लाठियां बरसाईं, जो इस शहर के लिए नयी बात थी।
हिमाचल प्रदेश की राजधानी में हुई इस झड़प में पुलिसकर्मियों और महिलाओं सहित लगभग 10 लोग घायल हो गए। पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया, जिनमें हिंदू जागरण मंच के सचिव कमल गौतम भी शामिल थे।
शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस ने बुधवार के विरोध को भड़काने वाले लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड एकत्र कर लिए हैं तथा और अधिक मामले दर्ज किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने उन लोगों के कॉल विवरण के रिकॉर्ड एकत्र किए हैं, जिन्होंने शिमला के संजौली में मस्जिद के एक अनधिकृत हिस्से को ध्वस्त करने के लिए बुधवार के विरोध प्रदर्शन को उकसाया था। लोगों द्वारा कानून को अपने हाथ में लेने के वीडियो सबूत हैं। लोगों के हाथ में पत्थर थे, जिनका इस्तेमाल ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों पर पथराव करने में किया गया, लेकिन उनकी पहचान तस्वीरों और वीडियो के जरिए की गई है।’’
मंडी में हालांकि हिंदू संगठनों के विरोध मार्च के आह्वान के बाद बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती करके पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी थी।
‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने शुरुआत में मंडी बाजार क्षेत्र में मार्च निकाला और सेरी मंच पर धरना पर बैठ गए। बाद में, उन्होंने मस्जिद की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने प्रर्दानकारियों को तितर-बितर करने के लिये पानी की बौछार की।
मंडी नगर निगम द्वारा मस्जिद प्रबंधन समिति को 30 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया है। नोटिस के मुताबिक, मस्जिद 232 वर्ग मीटर जमीन पर बनी है, जबकि मंजूरी सिर्फ 45 वर्ग मीटर के लिए दी गई थी।
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बृहस्पतिवार को शहर के जेल रोड पर स्थित मस्जिद के एक अनधिकृत हिस्से को खुद ही ढहा दिया था।
मस्जिद प्रबंधन समिति के सदस्य इकबाल अली ने बृहस्पतिवार को कहा था, ‘‘पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने हमें सूचित किया था कि मस्जिद की एक दीवार उनकी भूमि पर बनी थी और हमें नोटिस दिया गया था। इसलिए हमने दीवार को ध्वस्त करने का फैसला किया।’’
यह मस्जिद लोक निर्माण विभाग की जमीन पर बनी है। इस मामले में पीडब्ल्यूडी और नगर निगम दोनों ने मस्जिद प्रबंधन को नोटिस भेजा था।
विहिप और बजरंग दल के सदस्यों ने मांग की है कि राज्यभर में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय के सभी अवैध ढांचों को ध्वस्त किया जाए।
इस बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के लोगों से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
सुक्खू ने शिमला में सर्वदलीय बैठक के बाद कहा, ‘‘मैंने सभी से शांति बनाए रखने और कोई भड़काऊ बयान नहीं देने की अपील की है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। हम सभी का सम्मान करते हैं। हिमाचल की भूमि सभी धर्मों का सम्मान करती है।’’
भाषा संतोष