गिरफ्तारी के बावजूद पद छोड़ने से इनकार करने पर केजरीवाल पर साधा निशाना
दिमो अमित
- 22 Mar 2024, 07:54 PM
- Updated: 07:54 PM
मंडला, 22 मार्च (भाषा) मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक दिन पहले आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पद छोड़ने से इनकार करने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की शुक्रवार को आलोचना की।
यादव ने कहा कि केजरीवाल को इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि वह कई समन के बावजूद ईडी के सामने पेश होने से इनकार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में लाल बहादुर शास्त्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संरक्षक लालकृष्ण आडवाणी जैसी प्रतिष्ठित हस्तियों का इतिहास है, जिन्होंने रेल दुर्घटना या फर्जी मामले में अपना नाम सामने आते ही इस्तीफा दे दिया।
यादव ने आदिवासी बहुल मंडला जिले में एक रैली में कहा, "कांग्रेस के साथी केजरीवाल को ईडी से नौ समन मिले। उनके मंत्री जेल में हैं और अब उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि वह (केजरीवाल) इस्तीफा नहीं दे रहे हैं और उनका कहना है कि वह जेल से मुख्यमंत्री के तौर पर शासन करेंगे।"
यादव केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के नामांकन दाखिल करने से पहले एक जनसभा और एक रैली में भाग लेने के लिए यहां आये थे। यादव ने कहा, "हमारे पास शास्त्री का उदाहरण है, जिन्होंने रेल दुर्घटना के तुरंत बाद नैतिक आधार पर रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। आडवाणी ने भ्रष्टाचार के एक झूठे मामले में एक डायरी के एक पन्ने पर अपना नाम 'एलके' आने पर इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने तब तक मंत्री नहीं बनने और चुनाव नहीं लड़ने की कसम खाई थी जब तक उनका नाम सभी आरोपों से मुक्त नहीं हो जाता।"
यादव ने कहा, ‘‘केजरीवाल इतनी मोटी चमड़ी वाले हैं कि वह कह रहे हैं कि वह जेल से सरकार चलाएंगे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।"
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि केजरीवाल को बेहतर समझ होनी चाहिए और उन्हें दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बेदाग शासन को भी देखना चाहिए। यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री होने के बावजूद मोदी पर एक भी आरोप नहीं है।
यादव ने मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को रद्द कर दिया, जबकि कांग्रेस ने अल्पसंख्यक समुदाय के वोट की खातिर इस मुद्दे को लटकाये रखा, जिसके परिणामस्वरूप 40,000 लोगों की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तथ्य को पचा नहीं पा रही है कि भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया है और विपक्षी दल ने 22 जनवरी को मूर्ति प्रतिष्ठा कार्यक्रम का निमंत्रण भी अस्वीकार कर दिया।
उन्होंने कहा, "लोग भगवान राम का अनादर करने वालों को माफ नहीं करेंगे। हमें यह सुनिश्चित करने का संकल्प लेना चाहिए कि राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) 400 सीट के आंकड़े को पार कर जाए और मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनें।"
सभा को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा और कुलस्ते ने भी संबोधित किया। बाद में यादव और शर्मा कुलस्ते के साथ गए और केंद्रीय मंत्री ने मंडला सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। कुलस्ते का मुकाबला कांग्रेस के ओमकार सिंह मरकाम से है।
भाषा दिमो