बंगाल सरकार के साथ बातचीत के लिए आंदोलनकारी चिकित्सकों ने रखीं शर्तें
शफीक अविनाश
- 11 Sep 2024, 07:44 PM
- Updated: 07:44 PM
कोलकाता, 11 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने यहां आर जी कर अस्पताल में एक महिला चिकित्सक के साथ बलात्कार और उसकी हत्या की घटना से उत्पन्न गतिरोध पर बातचीत के लिए बुधवार को आंदोलनकारी कनिष्ठ चिकित्सकों को आमंत्रित किया।
वहीं, आंदोलनकारी चिकित्सकों ने जवाबी पत्र भेजकर मांग की कि बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौजूद रहें और बैठक में 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को शामिल होने की अनुमति दी जाए। साथ ही चिकित्सकों ने यह भी मांग की कि बैठक का सीधा प्रसारण किया जाए।
सरकार ने उन्हें बुधवार शाम छह बजे राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में होने वाली बैठक में शामिल होने को कहा।
इससे पहले दिन में आंदोलनकारी चिकित्सकों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक ई-मेल भेजकर गतिरोध पर चर्चा के लिए समय मांगा था। जिसके जवाब में सरकार की ओर से उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित करते हुए 12-15 प्रतिनिधियों को इसमें शामिल होने को कहा गया था।
राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत ने पत्र में कहा, ‘‘हम आपके प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित करते हैं, जिसमें 12-15 सहकर्मी हों, जो आज (बुधवार) शाम छह बजे ‘नबान्न’ में चर्चा के लिए शामिल हों। कृपया अपने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की सूची ईमेल द्वारा भेजें। हम आपकी सकारात्मक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं और एक सार्थक बातचीत की उम्मीद करते हैं।’’
हालांकि, इसमें यह उल्लेख नहीं किया गया है कि बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी करेंगी या नहीं।
पंत ने यह भी कहा कि डॉक्टर मंगलवार शाम पांच बजे तक काम पर लौटने की समयसीमा के पालन से पहले ही चूक गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आप निसंदेह इस बात पर सहमति जताएंगे कि कानून का पालन करने वाले नागरिक के रूप में इन निर्देशों का पालन करना हर किसी का कर्तव्य है। दुर्भाग्य से, अभी तक इसका पालन नहीं किया गया है।’’
पंत ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि आप उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए तुरंत काम पर लौट आएंगे। राज्य सरकार की ओर से हम आपसे अपील करते हैं कि आप काम पर लौटें और आम लोगों को उचित उपचार प्रदान करें।’’
सरकार के बुलावे के बावजूद आंदोलनकारियों ने बातचीत के लिए कुछ मांगें रख दीं।
इससे पहले एक कनिष्ठ चिकित्सक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए कहा था, ‘‘नबान्न के निमंत्रण को स्वीकार करने या न करने का फैसला करने से पहले कई बिंदुओं पर चर्चा करने की जरूरत है।’’
करीब साढ़े पांच बजे आंदोलनकारी चिकित्सकों ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल में कम से कम 30 सदस्य शामिल होने चाहिए क्योंकि कई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल आंदोलन में शामिल हैं।
कनिष्ठ चिकित्सकों के संगठन के एक सदस्य ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि चर्चा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी में हो और इसका सीधा प्रसारण हो। हम कम से कम 30 प्रतिनिधि चाहते हैं क्योंकि यह आंदोलन विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में फैला हुआ है।’’
एक कनिष्ठ चिकित्सक ने कहा, ‘‘अगर हम बैठक में शामिल होते हैं, तो हम वापस आकर अपने साथियों के साथ इस पर चर्चा करेंगे और फिर अपना फैसला सुनाएंगे।’’
इससे पहले दिन में, आंदोलनकारी कनिष्ठ चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को एक ई-मेल भेजकर पिछले महीने यहां सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक चिकित्सक के साथ बलात्कार और उसकी हत्या की घटना के बाद उत्पन्न गतिरोध पर चर्चा के लिए समय मांगा था।
एक चिकित्सक ने बताया कि अपने मेल में चिकित्सकों ने कहा कि वे ‘‘किसी भी समय और कहीं भी’’ बैठक के लिए तैयार हैं, बशर्ते पूरी चर्चा का सीधा प्रसारण किया जाए।
एक कनिष्ठ चिकित्सक ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘हमने मुख्यमंत्री को बैठक के लिए पत्र लिखा है, जो आज या कल कभी भी और उनकी पसंद के अनुसार कहीं भी आयोजित की जा सकती है। लेकिन, बैठक का सीधा प्रसारण किया जाना चाहिए।’’
राज्य के स्वास्थ्य विभाग कार्यालय के बाहर 22 घंटे से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारी मांग कर रहे हैं कि कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, राज्य के स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य शिक्षा निदेशक (डीएचई) और स्वास्थ्य सेवा निदेशक (डीएचएस) को उनके पदों से हटाया जाए।
दस सितंबर को शाम पांच बजे तक काम पर लौटने के उच्चतम न्यायालय के निर्देश की अवहेलना करते हुए, प्रदर्शनकारी कनिष्ठ चिकित्सकों ने न्याय की मांग को लेकर बुधवार को 33वें दिन भी काम बंद रखा।
भाषा शफीक