मंकी पॉक्स के मरीज की हालत स्थिर, घबराने की जरूरत नहीं: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री
सिम्मी माधव
- 10 Sep 2024, 09:13 PM
- Updated: 09:13 PM
नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को कहा कि एलएनजेपी (लोकनायक जयप्रकाश नारायण) अस्पताल में भर्ती मंकी पॉक्स के मरीज की हालत स्थिर है।
भारद्वाज ने मंकी पॉक्स और डेंगू से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
मंत्री ने कहा, ‘‘एलएनजेपी अस्पताल में मंकी पॉक्स का एक मरीज है। उसने हाल में यात्रा की थी और ऐसा माना जा रहा है कि वह विदेश यात्रा के दौरान संक्रमित हुआ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मरीज को अलग वार्ड में पृथक रखा गया है। उसकी हालत स्थिर है।’’
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हरियाणा के हिसार निवासी 26 वर्षीय मरीज को केवल जननांगों में छाले और त्वचा पर चकत्ते हैं, लेकिन बुखार नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के एक बयान के अनुसार, मरीज को अस्पताल के आपदा प्रबंधन वार्ड में रखा गया है।
भारद्वाज ने कहा कि मंकी पॉक्स को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह हवा से नहीं बल्कि संपर्क से फैलता है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि यह एक ‘‘अकेला मामला’’ है और इससे लोगों को तत्काल कोई खतरा नहीं है।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह व्यक्ति, एक युवा पुरुष है जो हाल में मंकी पॉक्स संक्रमण प्रभावित देश से यात्रा करके लौटा है, उसे वर्तमान में एक --- निर्दिष्ट देखभाल पृथकवास इकाई में रखा गया है। रोगी की हालत चिकित्सकीय रूप से स्थिर है और उसे कोई अन्य बीमारी नहीं है।’’
मरीज को शनिवार को दिल्ली सरकार द्वारा संचालित एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने अफ्रीका के कई हिस्सों में मंकी पॉक्स के प्रसार को देखते हुए इसे पिछले महीने दूसरी बार जनस्वास्थ्य के लिए अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली आपात स्थिति (पीएचईआईसी) घोषित किया था।
एलएनजेपी को नोडल सुविधा के रूप में नामित किया गया है, जबकि स्थिति को देखते हुए दो अन्य अस्पतालों को भी तैयार रखा गया हैं।
एलएनजेपी अस्पताल में मरीजों के पृथकवास के लिए कुल 20 कमरे हैं, जिनमें से 10 कमरे पुष्ट मामलों के लिए आरक्षित किए गए हैं।
गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल और बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में ऐसे मरीजों के लिए 10-10 कमरे होंगे, जबकि संदिग्ध मामलों के लिए पांच-पांच कमरे आरक्षित रहेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बुखार के मामलों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अभी चिंता की कोई बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए हर वार्ड में मरीजों के तीमारदारों के लिए अलग से प्रतीक्षा कक्ष बनाए जाएंगे।
भारद्वाज ने कहा, ‘‘अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए अलग कमरे उपलब्ध हैं। हमने इस बात की समीक्षा की है कि यदि डेंगू का कोई मरीज आपातकालीन स्थिति में आता है तो चिकित्सक उसकी पहचान कैसे करेंगे और उसे किस प्रकार दूसरे वार्ड में भेजा जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि वह अन्य अस्पतालों का भी इसी तरह औचक निरीक्षण करेंगे।
बयान में कहा गया कि अस्पताल प्रशासन ने मंत्री को बताया कि अस्पताल में मंकीपॉक्स का केवल एक मामला आया था और उस मरीज की हालत स्थिर है।
भाषा सिम्मी