असम: अभिनेत्री सुमी बोरा, पांच अन्य के लिए ट्रेडिंग घोटाले में लुकआउट सर्कुलर जारी
अमित नरेश
- 10 Sep 2024, 05:12 PM
- Updated: 05:12 PM
गुवाहाटी/डिब्रूगढ़, 10 सितंबर (भाषा) असमिया अभिनेत्री सुमी बोरा, उनके फोटोग्राफर पति, भाई और उसकी पत्नी तथा दो अन्य के खिलाफ करोड़ों रुपये के शेयर बाजार ट्रेडिंग घोटाले के सिलसिले में एक लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
डिब्रूगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राकेश रेड्डी ने कहा कि अभिनेत्री, उसके पति तारिक बोरा, भाई राजीब बोरा और उसकी पत्नी जिंकी मिली तथा दो अन्य के लिए सर्कुलर जारी किया गया है, क्योंकि वे पुलिस के समक्ष पेश नहीं हुए। पुलिस उनसे घोटाले के संबंध में पूछताछ करना चाहती थी, जिसमें लोगों से कथित तौर पर सैकड़ों करोड़ रुपये ठगे गए थे।
पिछले सप्ताह निवेशकों को ठगने वाली कंपनी के मालिक 22 वर्षीय बिशाल फुकन को उसके मैनेजर के साथ गिरफ़्तार किया गया था। जांच के दौरान पता चला कि फुकन ने कथित तौर पर बोरा पर बहुत ज़्यादा खर्च किया था, जिसमें राजस्थान के उदयपुर में उनकी हाई-प्रोफाइल शादी भी शामिल थी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच का जिम्मा सीआईडी को सौंप दिया गया है और आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि फुकन से जुड़ी कई संपत्तियों को जब्त कर लिया गया है और उन्हें कुर्क करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
रेड्डी ने बताया कि घोटाले में शामिल राशि का अनुमान लगाने के लिए दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस जब्त दस्तावेजों के सत्यापन के लिए सेबी, आयकर विभाग और अन्य एजेंसियों के संपर्क में है।
उन्होंने कहा, "हमने निवेशकों और परिवार के सदस्यों सहित कई गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। हमने इस मामले के संबंध में बयान दर्ज करने के लिए लगभग 15 लोगों को नोटिस भी जारी किए हैं।"
फुकन अपने फेसबुक प्रोफाइल में खुद को उद्योगपति, संगीतकार, निर्माता और गायक बताता है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बोरा दावा करती थी कि फुकन उसका भाई है और उन्होंने कई प्रमुख लोगों को कथित तौर पर उसकी कंपनी के जरिए बाज़ार में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
फुकन को 30 अगस्त को पुलिस द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर दर्ज की गई एक शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, जो उसकी भव्य जीवनशैली और राज्य में अन्य जगहों पर इसी तरह के मामलों के बाद निवेशकों को ठगने के आरोपों की जांच कर रही थी।
इस तरह का पहला मामला अगस्त के आखिरी हफ्ते में सामने आया था, जब भारी रिटर्न के वादे पर डीबी स्टॉक ट्रेडिंग नामक एक कंपनी में निवेश करने वाले लोगों ने शिकायत की थी कि उन्हें उनका पैसा वापस नहीं मिल रहा है और साथ ही, कंपनी ने अपना कार्यालय बंद कर दिया है।
इसका मालिक दीपांकर बर्मन (29) फरार हो गया, लेकिन पुलिस उसकी करीबी सहयोगी मोनालिसा दास को गिरफ्तार करने में कामयाब रही। निवेशकों ने गुवाहाटी में उसके माता-पिता के फ्लैट में कथित तौर पर तोड़फोड़ की थी।
इसके बाद, पुलिस ने एक व्यक्ति सपनानिल दास को गिरफ्तार किया, जिसके बारे में दावा किया गया कि वह ट्रेडर.सपनानिल का सीईओ है - एक कंपनी जिसने कथित तौर पर इसी तरह के तरीकों से लोगों को ठगा। वह एक इंस्टीट्यूट भी चलाता था, जिसमें युवाओं को बाजार और ट्रेडिंग के बारे में प्रशिक्षण दिया जाता था।
डिब्रूगढ़ में, पुलिस ने इसी तरह के एक अन्य मामले में ट्रेडिंग एफएक्स के रंजीत काकोटी को भी गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘हमने इस मामले में भी काफी प्रगति की है और कंपनी के मालिक को लुकआउट नोटिस जारी किया गया है, जो हरियाणा में रहता है, क्योंकि उसके मार्गदर्शन में ही यह घोटाला हुआ था।"
अब तक 59 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जिलों में दर्ज 28 मामलों की जांच के लिए 14 विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किये गए हैं। ये मामले भारतीय न्याय संहिता के अलावा अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम, 2019 के तहत दर्ज किए गए थे।
ये कंपनियां ज्यादातर ऐसे पुरुषों और महिलाओं द्वारा संचालित थीं जिनकी आयु 20 से 29 वर्ष के बीच है। इन कंपनियों ने लोगों से इस वादे पर सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाये कि उन्हें शेयर बाजारों में निवेश करके भारी रिटर्न मिलेगा।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि पुलिस और सीआईडी मामलों की जांच कर रही है और अगर जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार जांच को सीबीआई को सौंपने को तैयार है।
इस बीच, अवैध व्यापार में कथित संलिप्तता के लिए सीआईडी के लांस नायक सरोज डेका को बर्खास्त कर दिया गया जबकि गोलाघाट पुलिस थाने के ओसी जीतूमोनी डेका को निलंबित कर दिया गया।
भाषा अमित