हरियाणा चुनाव के लिए आप ने नौ उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की
गोला नरेश
- 10 Sep 2024, 02:08 PM
- Updated: 02:08 PM
चंडीगढ़/नयी दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए नौ उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की, जिसमें पूर्व मंत्री छत्रपाल सिंह को बरवाला से उम्मीदवार बनाया गया है।
सिंह एक दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से ‘आप’ में शामिल हुए थे।
सीट बंटवारे पर कांग्रेस के साथ बातचीत विफल रहने के बाद सोमवार को पार्टी ने 20 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी।
नयी सूची के अनुसार, रीता बामनिया को साढौरा, किशन बजाज को थानेसर और हवा सिंह को इंद्री से उम्मीदवार बनाया गया है।
पार्टी ने रतिया से मुख्तियार सिंह बाजीगर, आदमपुर से भूपेंद्र बेनीवाल और बरवाला से छत्रपाल सिंह को टिकट दिया है।
सूची के अनुसार, जवाहर लाल बावल से, प्रवेश मेहता फरीदाबाद और अबाश चंदेला तिगांव से चुनाव लड़ेंगे।
पार्टी ने एक बयान में कहा कि बरवाला से प्रत्याशी बनाए गए पूर्व मंत्री छत्रपाल सिंह सोमवार को भाजपा छोड़कर ‘आप’ में शामिल हो गए थे।
‘आप’ ने कांग्रेस के साथ सीटों के बंटवारे पर कोई सहमति न बन पाने के कारण अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया और सोमवार को 20 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी।
विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 12 सितंबर है। 90 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान पांच अक्टूबर को होगा।
कांग्रेस के साथ गठबंधन के मुद्दे पर ‘आप’ की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष सुशील गुप्ता ने सोमवार को कहा था, ‘‘मैं साफ तौर पर कहना चाहता हूं कि हम पहले दिन से ही सभी 90 सीटों के लिए तैयारी कर रहे हैं। चुनावों के लिए बहुत ज्यादा समय नहीं बचा है, नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 12 सितंबर है इसलिए इंतजार खत्म हो गया है।’’
‘आप’ के एक अन्य नेता संजय सिंह ने कहा था कि पार्टी पूरी ताकत से हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
इससे पहले सोमवार को, गुप्ता ने कहा था कि अगर कांग्रेस शाम तक समझौता नहीं कर पाती है तो ‘आप’ सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम जारी करेगी। दोनों दलों के बीच बातचीत इस मुद्दे पर अटक गयी कि ‘आप’ कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
सूत्रों के अनुसार, अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी 10 सीट मांग रही थी जबकि कांग्रेस ने उसे केवल पांच सीटों की पेशकश की थी।
कांग्रेस और आप ने दिल्ली में लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ा था जबकि पंजाब में उन्होंने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने हरियाणा में आप को एक सीट दी थी, जिस पर उसकी हार हुई थी।
भाषा गोला