आरजी कर अस्पताल में निर्माण कार्य किसी को बचाने के लिए नहीं किया गया : ममता
पारुल प्रशांत
- 09 Sep 2024, 10:23 PM
- Updated: 10:23 PM
कोलकाता, नौ सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को इन आरोपों को खारिज किया कि कोलकाता में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सेमिनार हॉल के पास निर्माण कार्य चिकित्सक से कथित दुष्कर्म और हत्या मामले के सबूतों से छेड़छाड़ करने के इरादे से किया गया था।
ममता ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में निर्माण कार्य डॉक्टरों के लिए विश्राम कक्ष और शौचालय बनाने के वास्ते किया गया था, न कि महिला चिकित्सक के साथ कथित बलात्कार और हत्या की घटना की जांच में बाधा डालने के लिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अस्पताल में विश्राम कक्ष न होने के कारण पीड़ित चिकित्सक को सेमिनार हॉल में आराम करने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
ममता ने कहा, “वहां विश्राम कक्ष बनाने के अलावा कोई और इरादा नहीं था। चूंकि, वहां ऐसा कोई कमरा नहीं था, इसलिए महिला डॉक्टर को आराम करने के लिए सेमिनार हॉल में जाना पड़ता था। हमने विश्राम कक्ष-सह-शौचालय बनाने का फैसला किया, ताकि डॉक्टरों को आराम करने के लिए सेमिनार हॉल का इस्तेमाल करने की जरूरत न पड़े।”
उन्होंने कहा, “ऐसी चर्चाएं हैं कि किसी को बचाने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ की गई... लेकिन किसे और हमें ऐसा क्यों करना चाहिए? याद रखें, कोई हमारा दोस्त या दुश्मन नहीं है। कानून अपना काम करेगा।”
राज्य सचिवालय में इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा, “न तो कोई मुझसे जुड़ा हुआ है, न ही मैं किसी से जुड़ी हुई हूं। जब मैं किसी कुर्सी पर बैठकर काम करती हूं, तो मुझे पता होता है कि उस पद का सम्मान कैसे करना है। अब, मैं आप लोगों को रुकने के लिए कहूंगी। आप लोगों ने झूठ बोलकर मेरा बहुत अपमान किया है। सच को स्वीकार करने की कोशिश करें।”
ममता ने कहा कि उन्होंने 10 दिन पहले स्वास्थ्य सचिव एनएस निगम को आरजी कर अस्पताल में रखरखाव से जुड़े मुद्दों को संबोधित करने का निर्देश दिया था, जिसमें खाली जगहों को ढंकना, प्रकाश की उचित व्यवस्था करना और जहां जरूरत हो, वहां शौचालय का निर्माण करना शामिल था।
आरजी कर अस्पताल के तत्कालीन प्रधानाचार्य संदीप घोष ने 10 अगस्त को विश्राम कक्ष के निर्माण कार्य को मंजूरी दी थी।
इस आदेश की एक प्रति प्रमुख सचिव, डीएमई, डीएचएस सहित विभिन्न अधिकारियों और राज्य लोक निर्माण विभाग को भेजी गई थी।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है और उसने घोष और उनके तीन सहयोगियों को गिरफ्तार किया है।
आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में नौ अगस्त को एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक का शव मिला था। अपराध में कथित संलिप्तता के लिए अगले दिन कोलकाता पुलिस के एक नागरिक स्वयंसेवी को गिरफ्तार किया गया था।
भाषा
पारुल