उच्चतम न्यायालय गिरफ्तारी के खिलाफ केजरीवाल की याचिका पर सुनवाई को तैयार
गोला मनीषा
- 22 Mar 2024, 12:29 PM
- Updated: 12:29 PM
नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगी।
जैसे ही भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ बैठी तो केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने याचिका को तत्काल सुनवाई के लिए पेश किया।
सिंघवी ने कहा कि वह एक महत्वपूर्ण और तत्काल सुनवाई के मामले को पेश कर रहे हैं।
सिंघवी ने कहा, ‘‘अगर यह प्रकिया चलती रही तो मुझे यह कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि पहला वोट पड़ने से पहले कई वरिष्ठ नेता जेल के अंदर होंगे। मैं आपसे इस मामले पर तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध करता हूं।’’
सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अदालत में एक विशेष तीन सदस्यीय पीठ बैठी है और सिंघवी उस पीठ के समक्ष याचिका पेश कर सकते हैं।
इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, ‘‘विशेष पीठ की सुनवाई लगभग समाप्त हो गयी है।’’
इसके बाद सीजेआई ने कहा, ‘‘फिर आप सीधे न्यायमूर्ति खन्ना के पास जाइए और वहां इस पर सुनवाई होगी। उस पीठ के पास जाइए क्योंकि वह पीठ उपलब्ध है।’’
न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने सिंघवी से कहा, ‘‘आप सिर्फ इतना कहना कि प्रधान न्यायाधीश ने यह न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अदालत को सौंपा है।’’
इसके बाद सिंघवी न्यायमूर्ति खन्ना की अदालत में पहुंचे लेकिन तीन सदस्यीय पीठ उस वक्त तक उठ चुकी थी। न्यायमूर्ति खन्ना, न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले और धन शोधन रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता की गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
सिंघवी ने न्यायमूर्ति खन्ना के समक्ष मामले का उल्लेख किया जो न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता के साथ नियमित पीठ में बैठे हुए थे।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि सीजेआई ने उन्हें केजरीवाल की याचिका न्यायमूर्ति खन्ना की पीठ के समक्ष पेश करने को कहा है।
न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा कि केजरीवाल की याचिका पर तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई करेगी।
न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा, ‘‘हम थोड़ी देर में नियमित पीठ के सुनवाई समाप्त करने के बाद बैठेंगे।’’
केजरीवाल ने ईडी द्वारा उन्हें गिरफ्तार किए जाने के बाद बृहस्पतिवार देर रात उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक को एजेंसी की किसी दंडात्मक कार्रवाई से राहत देने से इनकार करने के कुछ ही घंटों बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।
न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति मनोज जैन की पीठ ने संरक्षण के अनुरोध संबंधी केजरीवाल के आवेदन को 22 अप्रैल को आगे के विचार के लिए सूचीबद्ध किया। समन को चुनौती देने वाली उनकी मुख्य याचिका पर भी उसी दिन (22 अप्रैल) सुनवाई होगी।
उच्च न्यायालय ने दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण का अनुरोध करने वाली केजरीवाल की याचिका पर ईडी से भी जवाब मांगा।
यह मामला 2021-22 के लिए दिल्ली सरकार की आबकारी नीति तैयार करने और लागू करने में कथित भ्रष्टाचार और धनशोधन से संबंधित है। इस नीति को बाद में रद्द कर दिया गया था।
मामले में ‘आप’ नेताओं मनीष सिसोदिया और संजय सिंह न्यायिक हिरासत में हैं।
ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र में केजरीवाल के नाम का कई बार उल्लेख किया गया है। उसने आरोप लगाया कि आरोपी आबकारी नीति बनाने के लिए केजरीवाल के संपर्क में थे।
भाषा गोला