केजरीवाल की गिरफ्तारी की विपक्षी नेताओं ने की निंदा, भाजपा पर निम्न स्तर पर जाने का लगाया आरोप
धीरज रंजन
- 22 Mar 2024, 12:07 AM
- Updated: 12:07 AM
दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े धनशोधन के मामले में प्रवर्तन निर्देशालय (ईडी) द्वारा की गई गिरफ्तारी की निंदा की और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सत्ता के लिए निम्न स्तर पर जाने का आरोप लगाया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने केजरीवाल की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा कि यह दिखाता है कि भाजपा सत्ता के लिए कितने नीचे तक गिर गई है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी से पता चलता है कि भाजपा सत्ता के लिए किस हद तक गिर सकती है। अरविंद केजरीवाल के खिलाफ इस असंवैधानिक कार्रवाई के खिलाफ ‘इंडिया’गठबंधन एकजुट है।’’
पार्टी प्रवक्ता क्लाइड क्राइस्टो ने कहा, ‘‘दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर ईडी का छापा भाजपा द्वारा एक व्यवस्थित और योजनाबद्ध कदम है। यह स्पष्ट और ज्ञात है कि विपक्ष और भारत के सभी लोग जो भाजपा के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करके निशाना बनाया जाता है।’’
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने भी केजरीवाल की गिरफ्तारी की निंदा की और इसे विपक्ष के ‘निरंतर उत्पीड़न’ का हिस्सा बताया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘लोकसभा चुनाव से पहले, ‘‘एक दशक की विफलताओं और आसन्न हार के डर से प्रेरित होकर, फासीवादी भाजपा सरकार झारखंड मुक्ति मोर्चा के भाई हेमंत सोरेनको अनुचित तरीके से निशाना बनाने के बाद दिल्ली के माननीय मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करके घृणा की गहराई में डूब गई है।’’
स्टालिन ने कहा, ‘‘एक भी भाजपा नेता को जांच या गिरफ्तारी का सामना नहीं करना पड़ता है, जो सत्ता के दुरुपयोग और लोकतंत्र के पतन को उजागर करता है। भाजपा सरकार द्वारा विपक्षी नेताओं के लगातार उत्पीड़न से हताशा की बू आती है।’’
आम आदमी पार्टी (आप) की गोवा इकाई के अध्यक्ष अमित पालेकर ने कहा कि यह कार्रवाई केजीवाल को आगामी लोकसभा चुनाव का प्रचार करने से रोकने के लिए है। उन्होंने कहा कि हम इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करेंगे।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को देश में ‘लोकतंत्र का अंत’ करार दिया और उसी अंदाज में ‘गिरफ्तारी की पटकथा लिखने’ के लिए केंद्र पर हमला बोला जैसा कि एक महीने पहले झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ किया गया था।
झामुमो के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने ‘गिरफ्तारी की पटकथा’ के लिए केंद्र पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग मुखर हैं और पूरे विपक्ष का भी यही हश्र होगा। उन्होंने मांग की कि चुनाव अधिसूचना रद्द कर दी जाए क्योंकि ‘यह भारत में लोकतंत्र का अंत है और अब चुनाव की कोई आवश्यकता नहीं है।’
भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘देश में किसी भी विरोध की अनुमति नहीं दी जाएगी और वह दिन दूर नहीं जब सभी विपक्षी दलों के मुख्यालयों को केंद्रीय बलों द्वारा घेर लिया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक प्रतिशोध अभूतपूर्व है... भारत के निर्वाचन आयोग और भारत के राष्ट्रपति को इस पर निर्णय लेना चाहिए कि भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए या नहीं।’’
शिवसेना (यूबीटी) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी से पता चलता है कि भाजपा विपक्ष से डरी हुई है और पार्टी के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)400 लोकसभा सीट जीतने के करीब भी नहीं है। राज्यसभा सदस्य ने इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार दिया।
चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘एक और मौजूदा मुख्यमंत्री, अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक गिरफ्तारी के साथ, भाजपा सरकार, उसके विस्तारित विभाग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे 400 सीटें जीतने के करीब भी नहीं हैं।’’
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘वे विपक्ष से डरते हैं, वे जानते हैं कि जीतने का एकमात्र तरीका विपक्ष को चुप कराना या गिरफ्तार करना है। इसे भारत में लोकतंत्र की हत्या कहना सही होगा, न कि भारत को लोकतंत्र की जननी।’’
आप नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘भाजपा की राजनीतिक टीम (ईडी) .,केजरीवाल की सोच को कैद नहीं कर सकती …क्योंकि आप ही भाजपा को रोक सकती हैं..सोच को कभी भी दबाया नहीं जा सकता।’’
असम में सक्रिय रायजोर दल के अध्यक्ष और विधायक अखिल गोगोई ने ‘एक्स’ पर सिलसिलेवाल पोस्ट में केजरीवाल की गिरफ्तारी की आलोचना की और इसे लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की कार्रवाई करार दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं ईडी द्वारा मेरे मित्र और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की निंदा करता हूं। जब लोकसभा चुनाव नजदीक हैं तो विपक्ष की आवाज को चुप कराने के लिए यह भाजपा का एक बर्बर कृत्य है।’’
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने तिरुवनंतपुरम में जारी एक बयान में कहा, ‘‘दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी बेहद आपत्तिजनक है। यह कदम ऐसे समय में विपक्षी आवाजों को दबाने के जानबूझकर किए गए प्रयास का हिस्सा है जब चुनावी प्रक्रिया जोर पकड़ रही है। यह उन लोगों की कायरता को दर्शाता है जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया से डरते हैं।’’
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भी केजरीवाल की गिरफ्तारी की निंदा की और आश्चर्य जताया कि अगर चुनाव से पहले विपक्षी नेताओं और निर्वाचित मुख्यमंत्रियों को गिरफ्तार किया गया तो लोकतंत्र का क्या होगा।
राज्यसभा में पार्टी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने आश्चर्य जताया कि अगर उच्चतम न्यायालय और भारत का निर्वाचन आयोग अब कार्रवाई करने में विफल रहता है, तो भविष्य में भाजपा की दमनकारी राजनीति के खिलाफ लोगों के साथ कौन खड़ा होगा।
ओ ब्रायन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। और अब यह! राजनीतिक दलों के प्रमुख, मुख्यमंत्री, राजनीतिक नेता, चुनाव एजेंट, कार्यकर्ता, हर प्रतिद्वंद्वी को इस तरह परेशान किया जा रहा है और गिरफ्तार किया जा रहा है। हमारे अनमोल लोकतंत्र का क्या भाग्य होगा।’’
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादन ने भाजपा के नेतृत्व वाले राजग पर राजनीतिक रूप से मुकाबला करने के बजाय चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला करने के लिए “अघोषित आपातकाल लगाने” और “जांच एजेंसियों और संवैधानिक निकायों का उपयोग” करने का आरोप लगाया।
यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद की गिरफ्तारी से साफ पता चलता है कि भाजपा चुनाव में अपने विरोधियों का लोकतांत्रिक तरीके से सामना नहीं करना चाहती है। वह पीछे छिपना चाहती है और जांच एजेंसियों और संवैधानिक निकायों पर अधिक निर्भर रहना चाहती है।’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने दावा किया कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा चुनावों में लोगों द्वारा उन्हें खारिज किए जाने की आशंका से ‘घबराए’ हुए हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,‘‘ईडी द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करता हूं। गिरफ्तार होने वाले यह भारत के दूसरे मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। स्पष्ट है कि मोदी और भाजपा मौजूदा चुनावों में लोगों द्वारा नकारे जाने से घबरा गए हैं।’’
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी ‘‘एक नई जनक्रांति को जन्म देगी’’। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ जो ख़ुद हैं शिकस्त के ख़ौफ़ में क़ैद ‘वो’ क्या करेंगे किसी और को क़ैद...भाजपा जानती है कि वो फिर दुबारा सत्ता में नहीं आनेवाली, इसी डर से वो चुनाव के समय, विपक्ष के नेताओं को किसी भी तरह से जनता से दूर करना चाहती है, गिरफ़्तारी तो बस बहाना है। ये गिरफ़्तारी एक नयी जन-क्रांति को जन्म देगी।’’
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि केजरीवाल की गिरफ्तारी से राजनीतिक प्रतिशोध और बढ़ते अधिनायकवाद की बू आ रही है।
बिहार में विपक्षी राजद अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद ने केजरीवाल की गिरफ्तारी की निंदा की और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना की।
राजद प्रमुख ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि भाजपा "डरी हुई" है क्योंकि उसका सत्ता से बाहर होना "निश्चित" है।
इस बीच पंजाब एवं हरियाण के आप नेताओं ने भी केजरीवाल के गिरफ्तारी की निंदा की ।
भाषा धीरज