सिंजेन्टा के सीईओ ने कहा, भारत में नियामकीय मंजूरी में नौकरशाही की वजह से होता है विलंब
राजेश राजेश अजय
- 04 Sep 2024, 06:32 PM
- Updated: 06:32 PM
(लक्ष्मी देवी ऐरे)
नयी दिल्ली, चार सितंबर (भाषा) स्विट्जरलैंड स्थित सिंजेन्टा समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जेफ रोव ने भारत के कृषि क्षेत्र में अभिनव उत्पादों की नियामकीय मंजूरी में ‘‘नौकरशाही देरी’’ पर चिंता व्यक्त की है और सरकार से किसानों के लाभ के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है।
कृषि पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव की बढ़ती चुनौतियों के बीच रोव ने जोखिमों को कम करने के लिए किसानों को तेज गति से अभिनव समाधान उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया।
रोव ने पीटीआई-भाषा के साथ विशेष साक्षात्कार में भारतीय बाजार के लिए सिंजेन्टा की रणनीतियों को रेखांकित किया और जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए नवाचार पर जोर दिया। रोव ने अपनी वर्तमान भूमिका में भारत की अपनी पहली यात्रा पर आए हैं।
भारत में कारोबार सुगमता के बारे में पूछे जाने पर रोव ने कहा, ‘‘उत्पाद अनुमोदन से संबंधित भारतीय नीति में बहुत समय लगता है। यहां नौकरशाही व्यवस्था है और इसका किसानों पर प्रभाव पड़ता है।’’
उन्होंने कहा कि किसान जितना अधिक समय तक नवाचार तक पहुंचने में प्रतीक्षा करेंगे, विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन जोखिमों से निपटने के लिए, उतना ही अधिक जोखिम उनके सामने होगा।
रोव ने उपभोक्ता डिजिटलीकरण के लिए भारतीय सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, ‘‘हमारे उद्योग के लिए नियामकीय अनुमोदन को आधुनिक बनाने के लिए इसी तरह के प्रयासों की उम्मीद है, क्योंकि इससे किसानों को बहुत तेज़ी से आवश्यक समाधान मिलेंगे।’’
कृषि क्षेत्र को पेशेवर बनाने के लिए सरकार के प्रयासों में सिंजेन्टा की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए रोव ने कहा कि कंपनी जलवायु परिवर्तन को जोखिम और अवसर दोनों के रूप में देखती है।
वैश्विक कृषि रसायन कंपनी किसानों को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुकूल बनाने में मदद करने के लिए डिजिटल प्रौद्योगिकी और फसल मॉडलिंग में भारी निवेश कर रही है।
भारत के सब्जी बीज व्यवसाय की अग्रणी खिलाड़ी सिंजेन्टा नई बीमारियों की पहचान करने और समाधान प्रदान करने के लिए बड़े पैमाने पर जीन-संपादन उपकरणों का उपयोग कर रही है। कंपनी हर साल नई किस्में जारी करती है। रोव ने कहा, ‘‘सबसे अच्छा आना अभी बाकी है।’’
रोव ने किसानों को ‘‘स्मार्ट निवेश’’ करने की सलाह दी।
कंपनी अगले 2-3 साल में लगभग 40 नए फसल सुरक्षा उत्पाद पेश करने की योजना बना रही है।
भारत-विशिष्ट आंकड़ों का खुलासा न करते हुए, रोव ने कहा कि सिंजेन्टा वैश्विक स्तर पर अनुसंधान और विकास में सालाना लगभग दो अरब डॉलर का निवेश करती है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि हम दुनिया में फसल सुरक्षा क्षेत्र में अनुसंधान और विकास में सबसे बड़े निवेशक हैं।’’
कंपनी के प्रदर्शन परिदृश्य के बारे में रोव ने 2024 की दूसरी छमाही में भारत के परिचालन में मामूली सुधार की भविष्यवाणी की, लेकिन ‘‘नाटकीय सुधार’’ की उम्मीदों के प्रति आगाह किया।
उद्योग जगत में प्रतिस्पर्धा पर टिप्पणी करते हुए, खासकर बायर के साथ रोव ने कहा कि कंपनी प्रतिस्पर्धा के मूल्य में दृढ़ता से विश्वास करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम घर में नवाचार करने के अवसरों की तलाश करते हैं। हम अपने प्रतिस्पर्धियों के साथ नवाचार करने के अवसरों की भी तलाश करते हैं। अगर हमें बायर, कॉर्टेवा या किसी के साथ सहयोग करने का अवसर मिलता है, तो हम उस अवसर का स्वागत करते हैं। लेकिन जब बाजार मूल्य में प्रतिस्पर्धा की बात आती है, तो हम जोरदार प्रतिस्पर्धा करते हैं।’’
जैविक खेती के बारे में रोव ने वैश्विक खाद्य मांग में वृद्धि के बीच दक्षता संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए इसे बड़े पैमाने पर अपनाने के बारे में चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि जैविक खेती आमतौर पर पारंपरिक खेती की तुलना में 20-30 प्रतिशत कम कुशल है। ऐसे समय में जब दुनिया को अधिक भोजन की आवश्यकता है, मुझे लगता है कि अगर हम एक विशिष्ट बाजार से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं तो यह जोखिम भरा है।’’
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