मध्य प्रदेश: पूर्व सांसद बुद्धसेन पटेल, पूर्व भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी बसपा में शामिल
दिमो खारी
- 21 Mar 2024, 08:23 PM
- Updated: 08:23 PM
भोपाल, 21 मार्च (भाषा) लोकसभा चुनाव से पहले मध्य प्रदेश में पूर्व सांसद बुद्धसेन पटेल, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक नारायण त्रिपाठी और कांग्रेस सदस्य लक्ष्मण अहिरवार बृहस्पतिवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हो गये।
बसपा की राज्य इकाई के प्रमुख रमाकांत पिप्पल ने उन्हें पार्टी में शामिल करने के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वे पार्टी प्रमुख मायावती के नेतृत्व से प्रभावित हुए हैं।
सूत्रों ने बताया कि पटेल को रीवा, त्रिपाठी को सतना और अहिरवार को टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र से बसपा के उम्मीदवार के रूप में घोषित किए जाने पर विचार करने की संभावना है।
उपरोक्त तीनों नेताओं के बसपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर पिप्पल ने कहा, ‘‘ इस तरह के निर्णय मायावती जी खुद लेती हैं। मैं इस मामले पर टिप्पणी नहीं कर सकता।’’
यह पूछे जाने पर कि बसपा अपने उम्मीदवारों की घोषणा कब करेगी, उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही मध्य प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीट के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगी।
पटेल ने बसपा उम्मीदवार के रूप में 1983 में रीवा से विधानसभा और 1996 में रीवा से लोकसभा चुनाव जीता था। बाद में वह भाजपा में शामिल हो गये।
इसके बाद, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले वह के चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) में शामिल हो गए।
पिप्पल ने कहा, ‘‘ यह पटेल की घर वापसी है।’’
त्रिपाठी चार बार विधायक रह चुके हैं। एक बार निर्दलीय और तीन बार समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और भाजपा के उम्मीदवार के रूप में विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं।
उन्होंने पिछले साल अक्टूबर में भाजपा छोड़कर अपनी नयी पार्टी ‘विंध्य जनता पार्टी’ बना ली थी। हालांकि उनकी पार्टी 2023 के विधानसभा चुनाव में कुछ खास नहीं कर पाई।
विंध्य के ब्राह्मण नेता त्रिपाठी पिछले साल सतना जिले की मैहर सीट से विधानसभा चुनाव हार गए थे।
लक्ष्मण अहिरवार दिवंगत नाथूराम अहिरवार के बेटे हैं। नाथूराम 1966 से 1977 तक खजुराहो सीट से कांग्रेस के सांसद और मध्य प्रदेश में मंत्री भी रहे थे।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव और पिछले साल के विधानसभा चुनाव में बसपा अपना खाता खोलने में असफल रही थी।
राज्य की 29 लोकसभा सीट पर 19 अप्रैल से 13 मई तक चार चरणों में चुनाव होंगे और मतगणना चार जून को होगी।
भाषा दिमो