छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने नौ नक्सलियों को मार गिराया; इस साल अब तक 153 नक्सली मारे गए
खारी रंजन
- 03 Sep 2024, 08:37 PM
- Updated: 08:37 PM
दंतेवाड़ा, तीन सितंबर (भाषा) छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में मंगलवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में नौ नक्सलियों को मार गिराया जिनमें छह महिला नक्सली भी शामिल हैं। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पिछले साल सरकार बदलने के बाद नक्सलियों के खिलाफ अभियान में तेजी देखी जा रही है।
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) सुंदरराज पी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले की सीमा पर जंगल में सुरक्षा बलों के एक संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना किया गया था। इसी दौरान सुबह करीब साढ़े दस बजे दल का नक्सलियों से सामना हुआ जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।
इस अभियान में राज्य पुलिस के डिस्ट्रिक रिजर्व गार्ड (डीआरजी), बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 111वीं और 230वीं बटालियन के जवानों को शामिल किया गया था।
उन्होंने बताया कि अंतर-जिला सीमा की पहाड़ियों पर माओवादियों की पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) कंपनी नंबर-2, पश्चिम बस्तर और दरभा मंडल के कैडर की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सोमवार रात अभियान शुरू किया गया।
किरंदूल पुलिस थाना क्षेत्र (दंतेवाड़ा जिले) के लोहागांव, पुरंगेल और एंद्री गांवों के पास के जंगलों में नक्सलियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच कई बार गोलीबारी हुई।
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने बताया कि गोली बारी थमने के बाद तलाशी के दौरान मौके से छह महिलाओं समेत नौ नक्सलियों के शव बरामद किए गए।
उन्होंने बताया कि ये सभी ‘वर्दी’ में थे।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों की हालिया सफलता की सराहना की और कहा कि उनकी सरकार ने मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी सुंदरराज ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से एक एसएलआर (सेल्फ-लोडिंग राइफल), 303 बोर वाली एक राइफल, 12 बोर वाली राइफल, 315 बोर वाली राइफल, बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लांचर) और विस्फोटक, दैनिक उपयोग के सामान और नक्सलियों से जुड़ी अन्य सामग्री सहित हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि इस मुठभेड़ के साथ ही इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में विभिन्न मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने 153 नक्सलियों को मार गिराया है। बस्तर संभाग में सात जिले कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि इसी अवधि के दौरान संभाग में 669 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 656 अन्य ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मारे गए नक्सली पश्चिम बस्तर मंडल कमेटी और नक्सलियों की पीएलजीए कंपनी नंबर-दो से जुड़े थे, लेकिन उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
राय ने बताया कि मुठभेड़ स्थल पर मिले खून के निशान से यह संकेत मिलते हैं कि मुठभेड़ में कई अन्य नक्सली घायल हुए हैं या मारे गए हैं। उन्होंने बताया कि आगे की तलाशी अभियान के लिए मौके पर अतिरिक्त बल भेजा गया है।
नक्सल विरोधी अभियानों में शामिल सुरक्षाबलों की सराहना करते हुए, मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद (पिछले साल दिसंबर में), वह राज्य में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ दृढ़ता से लड़ रही है।
मुख्यमंत्री ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘भाजपा सरकार बनने के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य का दौरा किया और सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप पिछले सात से आठ माह में इस खतरे के खिलाफ लड़ाई तेज हुई है। नक्सलियों का प्रभाव कम हो रहा है और जल्द ही राज्य से इसका सफाया हो जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें डबल इंजन सरकार (राज्य और केंद्र में भाजपा सरकार) का लाभ मिल रहा है। मैं अपने जवानों के साहस और वीरता को सलाम करता हूं जो नक्सल के खिलाफ बहादुरी से लड़ रहे हैं।’’
भाषा खारी