प्रतिकूल स्थिति पर हिमाचल कांग्रेस प्रमुख की टिप्पणी हमारे रुख की पुष्टि करती है : बागी नेता
प्रशांत रंजन
- 21 Mar 2024, 07:51 PM
- Updated: 07:51 PM
शिमला, 21 मार्च (भाषा) हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के छह बागियों और तीन निर्दलीय विधायकों ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के जमीनी हालात अनुकूल नहीं होने के कारण लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने संबंधी घोषणा से उनकी बात सही साबित हुई है।
राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस वोटिंग’ (विरोधी के पक्ष में मतदान) करने वाले छह कांग्रेस विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने कटौती प्रस्तावों और बजट के दौरान विधानसभा में उपस्थित रहने और सरकार के पक्ष में मतदान करने के लिए पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के मामले में 29 फरवरी को अयोग्य घोषित कर दिया था।
कांग्रेस के छह बागी विधायकों और तीन निर्दलीय विधायकों ने यहां जारी एक संयुक्त बयान में कहा, “मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यशैली से कांग्रेस पार्टी ताश के पत्तों की तरह बिखरती जा रही है। जमीनी हालात को भांपते हुए वरिष्ठ नेता भी चुनाव लड़ने से बच रहे हैं।”
कांग्रेस के छह बागियों - राजिंदर राणा (सुजानपुर), इंदर दत्त लखनपाल (बड़सर), चेतन्य शर्मा (गगरेट), देविंदर कुमार भुट्टो (कुटलेहर), सुधीर शर्मा (धर्मशाला) और रवि ठाकुर (लाहौल-स्पीति) ने हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था। उनके साथ ही तीन निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा (हमीरपुर), होशियार सिंह (देहरा) और के.एल. ठाकुर (नालागढ़) भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने वालों में शामिल हैं।
असंतुष्ट नेताओं ने कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 40 सीटें जीतीं और स्थिर सरकार बनाई। उन्होंने कहा कि उसे तीन निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त था, लेकिन सुक्खू के तानाशाही रवैये और ‘दोस्तों’ को तरजीह देकर विधायकों के अपमान ने वर्तमान स्थिति पैदा कर दी।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी और लोकनिर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह की मां प्रतिभा सिंह ने बुधवार को पत्रकारों से कहा, “मैंने अपना नाम वापस ले लिया है और (पार्टी) आलाकमान को बता दिया है कि मैं चुनाव नहीं लड़ूंगी और उस उम्मीदवार का पूरा समर्थन करूंगी जिसे पार्टी के केंद्रीय नेता उपयुक्त समझेंगे।”
उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता हतोत्साहित व निराश हैं।
यह चौंकाने वाली घोषणा ऐसे समय में आई है जब राज्य में कांग्रेस सरकार तीन निर्दलीय विधायकों के साथ पार्टी के छह बागियों के विद्रोह के बाद अपना किला मजबूत बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ पहले लगाए गए आरोप को दोहराते हुए कहा कि यदि विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के लिए कड़ी मेहनत करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां और महत्व दिया जाता, तो वे जमीनी स्तर पर सक्रिय होते और ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
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