मणिपुर के मुख्यमंत्री ने नागरिकों पर ड्रोन हमले की घटना को आतंकवादी कृत्य बताया
सुरभि नरेश
- 03 Sep 2024, 02:25 PM
- Updated: 02:25 PM
इंफाल, तीन सितंबर (भाषा) मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने मंगलवार को नागरिकों पर बम हमले की घटना की निंदा करते हुए इसे आतंकवादी कृत्य करार दिया और इसका माकूल जवाब देने का संकल्प जताया।
सिंह ने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर अपना आक्रोश जाहिर करते हुए कहा, ‘‘ड्रोन का उपयोग कर नागरिकों की आबादी और सुरक्षा बलों पर बम गिराना आतंकवादी कृत्य है। मैं इस तरह के कायरतापूर्ण कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।’’
सिंह की यह टिप्पणी इंफाल पश्चिम के कुत्रुक और संजम चिरांग जिले में ड्रोन बम हमले की अलग अलग घटनाओं के बाद आई है। इस हमले में एक महिला समेत दो व्यक्तियों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए।
सिंह ने कहा, ‘‘मणिपुर राज्य सरकार ने बिना उकसावे के किए गए इस तरह के हमलों को पूरी गंभीरता से लिया है और जातीय आबादी को निशाना बनाकर किए गए ऐसे आतंकवादी हमलों का माकूल जवाब दिया जाएगा।’’
उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘हम हिंसा के किसी भी स्वरूप की निंदा करते हैं और मणिपुर के लोग घृणा, विभाजन और अलगाववाद की नीति के खिलाफ एकजुट रहेंगे।’’ इन बम हमलों में ड्रोन का इस्तेमाल राज्य में ‘‘उच्च तकनीक वाले हथियारों’’ के प्रयोग का पहला उदाहरण है।
एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि इससे पहले भी हमलावर समूहों द्वारा उग्रवादियों की निगरानी एवं उनका पता लगाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन ये घटना इनमें वृद्धि को दर्शाती है।
कुत्रुक में हमले की घटना पर अधिकारी ने कहा, ‘‘पुलिस ने तत्परता से जवाब दिया।’’
पुलिस के एक बयान के अनुसार, ‘‘कई जगहों पर हथियारबंद उपद्रवियों का जमावड़ा था, जहां पहले भी भीषण संघर्ष हो चुके हैं। जब कुत्रुक में हमला शुरू हुआ, तो तुरंत पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी), उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) एवं अन्य पुलिस कर्मी स्थिति को काबू में करने के लिए इलाके में पहुंचे। सेना और केंद्रीय बलों के साथ जवाबी गोलीबारी और तलाशी अभियान चलाया गया।’’
बयान में कहा गया है कि पुलिस मुख्यालय ने सभी वरिष्ठ इकाइयों और सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने, अपने-अपने जिलों में सभी सुरक्षा बलों को सतर्क करने और केंद्रीय बलों के साथ समन्वय करके संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
इस बीच, मणिपुर पुलिस ने उग्रवादियों द्वारा ड्रोन के इस्तेमाल की जांच के लिए पांच सदस्यीय ‘‘उच्च स्तरीय समिति’’ का गठन किया है।
सोमवार को पुलिस विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना में कहा गया है, ‘‘कुत्रुक में एक सितंबर को एक अभूतपूर्व हमले में कथित कुकी उग्रवादियों ने उच्च तकनीक वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर कई रॉकेट चालित ग्रेनेड (आरपीजी) दागे। इस घटना में एक महिला की मौत हो गई और तीन पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए।’’
अधिसूचना के अनुसार, ‘‘हर तरह के सबूत जुटाने के साथ घटना की गहन जांच एवं इन उग्रवादियों द्वारा ड्रोन की तैनाती, इस्तेमाल किए गए ड्रोन की विशिष्टता और इस तरह के ड्रोन को प्रभावी तरीके से रोकने के संदर्भ में अध्ययन करने के लिए पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।’’
बयान के अनुसार, समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त डीजीपी (खुफिया) आशुतोष कुमार सिन्हा करेंगे और समिति में सेना, असम राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) तथा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारी शामिल हैं।
भाषा सुरभि