मेकेदातु परियोजना लागू की जाएगी: उपमुख्यमंत्री शिवकुमार
देवेंद्र माधव
- 21 Mar 2024, 06:20 PM
- Updated: 06:20 PM
बेंगलुरु, 21 मार्च (भाषा) लोकसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में मेकेदातु बांध का निर्माण रोकने संबंधी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के वादे के बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने कावेरी नदी पर मेकेदातु परियोजना को लागू करने के लिए सिंचाई मंत्री के रूप में जिम्मेदारी ली है।
उन्होंने कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और अदालतों में कर्नाटक को न्याय मिलने का भरोसा जताया।
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक, विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) एक प्रमुख घटक दल है। द्रमुक ने बुधवार को जारी अपने घोषणापत्र में मेकेदातु बांध के निर्माण को रोकने का वादा किया।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘उन्हें (द्रमुक को) अपने राज्य (तमिलनाडु) में कुछ भी करने दीजिए। मैंने मेकेदातु (बांध) के निर्माण की जिम्मेदारी सिंचाई मंत्री के रूप में ली है।’’
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा कि मामला कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के समक्ष आ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें न्याय मिलेगा। वे, प्राधिकरण में, वर्तमान जल मुद्दे (कर्नाटक में) से अवगत हैं। उन्हें हमें न्याय देना होगा। हमें विश्वास है कि अदालतों में भी हमें न्याय मिलेगा।’’
इससे पूर्व लोकसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में मेकेदातु बांध का निर्माण रोकने संबंधी द्रमुक के वादे का जिक्र करते हुए भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने ‘इंडिया’ गठबंधन की ‘‘स्वार्थपूर्ण’’ राजनीति के लिए किसानों और नागरिकों की पेयजल जरूरतों को ‘‘बलिदान’’ कर दिया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता विजयेंद्र ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उनकी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस को वोट देना राज्य के हितों के लिए नुकसानदायक होगा।
विजयेंद्र ने कहा, ‘‘द्रमुक के घोषणापत्र से पता चलता है कि एम. के. स्टालिन (तमिलनाडु के मुख्यमंत्री) का सिद्धरमैया सरकार के साथ एक गुप्त समझौता है, जिसके कारण गंभीर सूखे के दौरान हमारे किसानों के लिए पीने के पानी और सिंचाई के प्राथमिक स्रोत हमारी जीवन रेखा ‘‘कावेरी’’ से हमें हाथ धोना पड़ा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं होगी कि यदि ‘इंडिया’ गठबंधन सत्ता में आता है, तो द्रमुक अधिक कावेरी जल के लिए सौदेबाजी करने और मेकेदातु परियोजना को रोकने के लिए अपनी गठबंधन शक्ति का लाभ उठाएगा। कांग्रेस को वोट देना हमारे राज्य के हितों के लिए नुकसानदायक होगा। केवल कर्नाटक भाजपा ही हमारे राज्य के साथ न्याय कर सकती है।’’
मेकेदातु कर्नाटक द्वारा प्रस्तावित एक बहुउद्देश्यीय (पेयजल और बिजली) परियोजना है। पड़ोसी राज्य तमिलनाडु इस परियोजना का विरोध कर रहा है और आशंका जता रहा है कि अगर परियोजना आकार लेती है तो राज्य प्रभावित होगा।
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