राज्यपाल ने खरगे परिवार के न्यास को जमीन आवंटन पर कर्नाटक सरकार से मांगी सफाई
राजकुमार नरेश
- 02 Sep 2024, 03:48 PM
- Updated: 03:48 PM
बेंगलुरु, दो सितंबर (भाषा) कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष एम मल्लिकार्जुन खरगे के परिवार द्वारा संचालित एक न्यास को जमीन के कथित आवंटन को लेकर उनके बेटे एवं मंत्री प्रियांक खरगे को राज्य मंत्रिमंडल से हटाने की मांग करते हुए भाजपा द्वारा सौंपे गये एक आवेदन पर कांग्रेस सरकार से सफाई मांगी है।
प्रियांक खरगे ने सोमवार को इस बात की पुष्टि की कि राज्यपाल ने इस संबंध में मुख्य सचिव शालिनी रजनीश को पत्र लिखा है।
उन्होंने राज्यपाल पर कांग्रेस नेताओं के खिलाफ शिकायत पर ‘बिजली की गति से कार्रवाई करने’ जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं जनता दल सेक्युलर (जदएस) के नेताओं के विरूद्ध शिकायतों पर ‘कछुए की गति’ से कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘ (भाजपा की) शिकायत और उनके (राज्यपाल) द्वारा सरकार को पत्र लिखने में बिजली की गति से काम किया गया है। अन्य मामलों में ऐसा नहीं होता। भाजपा-जदएस नेताओं से जुड़े मामलों में गति कछुए की होती है। अगर कांग्रेस का मामला है तो बिजली की गति होगी।’’
प्रियांक खरगे ने आरोप लगाया, ‘‘राज्यपाल कार्यालय तब सक्रिय हो जाता है जब उसे भाजपा को खड़ा करना होता है....।’’
उन्होंने कहा कि भाजपा-जदएस के खिलाफ दस्तावेजों को उनकी मेज पर ‘‘घुन खा रहे हैं’’, उसके बावजूद उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने (राज्यपाल ने) कुछ प्रश्न पूछे हैं और उन्हें (भाजपा-जदएस नेताओं के खिलाफ शिकायतें या याचिकाएं) वापस भेज दिया है और कह रहे हैं कि वे उनके समक्ष नहीं हैं। जब (शिकायत या याचिका) राज्यपाल के कार्यालय में जाती है, तो इसका तब तक निपटारा नहीं होता जब तक राज्यपाल इसका निपटारा नहीं कर देते...आपने (राज्यपाल ने) स्पष्टीकरण मांगा है, फाइल अब भी लंबित है, स्पष्टीकरण के बाद आपको निर्णय लेना है।’’
प्रियांक खरगे सिद्धरमैया की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार में इलेक्ट्रोनिक्स, आईटी/बीटी और ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री हैं।
विधानपरिषद में विपक्ष के नेता चलावादी टी नारायणस्वामी ने 27 अगस्त को राज्यपाल के सामने आवेदन देकर उनसे कथित जमीन आवंटन को लेकर प्रियांग खरगे को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की थी।
‘भाई-भतीजावाद’ का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा है कि यह खरगे द्वारा अनुसूचित जाति के उद्यमियों के प्रति आपराधिक विश्वासघात का मामला है।
नारायणस्वामी ने कहा , ‘‘ सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट को कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड ने बेंगलुरु के समीप ‘हाईटेक डिफेंस एयरोस्पेस’ में नागरिक सुविधाओं के लिए निर्धारित 45.94 एकड़ जमीन से में पांच एकड़ जमीन मार्च, 2024 में अनुसूचित जाति कोटे के तहत कथित रूप से दी है।’’
उन्होंने कहा कि दिलचस्प यह है कि इस न्यास के न्यासियों में मल्लिकार्जुन खरगे, उनकी पत्नी राधाबाई, प्रियांग खरगे, सांसद एवं दामाद राधाकृष्णा डोड्डामणि और छोटे बेटे राहुल खरगे हैं।
उन्होंने सवाल किया कि खरगे का परिवार कैसे ‘एयरोस्पेस’ उद्यमी बन गया।
उन्होंने पूछा, ‘‘विभाग ने इस आवंटन के लिए मंजूरी कैसे दी? क्या मुख्यमंत्री ने (उद्योग) मंत्री को भूमि आवंटन के लिए मजबूर किया था?’’
भाजपा-जदएस नेताओं के सिलसिले में प्रियांक खरगे का बयान जदएस नेता और केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी और भाजपा के पूर्व मंत्रियों शशिकला जोले, मुरुगेश निरानी, जी जनार्दन रेड्डी के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी की मांग वाले लंबित अनुरोधों के संदर्भ में था।
भाषा राजकुमार