आसन्न हार को देखते हुए हताश कांग्रेस बहाने बना रही: खातों को फ्रीज करने के आरोपों पर रविशंकर प्रसाद
ब्रजेन्द्र नरेश
- 21 Mar 2024, 06:28 PM
- Updated: 06:28 PM
नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि बैंक खातों को लेकर आयकर विभाग की कार्रवाई को कांग्रेस द्वारा ‘लोकतंत्र को फ्रीज’ करना करार देना देश का अपमान है। साथ ही पार्टी ने दावा किया कि इस मसले पर सरकार पर हमले कर विपक्षी पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव में आसन्न हार को देखते हुए हताशा में बहाने बना रही है।
भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा तथा कहा कि दोनों ने अपनी ‘बेहद गैर जिम्मेदाराना और शर्मनाक’ टिप्पणियों से विश्व स्तर पर भारतीय लोकतंत्र को शर्मसार किया है।
प्रसाद ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज किए जाने को लेकर राहुल गांधी को अदालत और निर्वाचन आयोग जैसी संस्थाओं पर आक्षेप लगाने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
उनकी तीखी टिप्पणी पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करने और आईटी कार्रवाई को लेकर सरकार की आलोचना करने के बाद आई।
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘आज भारत में कोई लोकतंत्र नहीं है और भारत के दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने की बात पूरी तरह झूठ है।’’
राहुल गांधी ने बैंक खातों पर रोक लगाने को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्थाएं हैं जिनसे लोकतांत्रिक ढांचे की रक्षा करने की उम्मीद की जाती है, लेकिन कुछ नहीं हो रहा है।
सोनिया गांधी ने कहा कि आज उठाया जा रहा मुद्दा ‘बहुत गंभीर’ है और न केवल कांग्रेस को प्रभावित करता है, बल्कि ‘हमारे लोकतंत्र को’ सबसे मौलिक रूप से प्रभावित करता है।
प्रसाद ने कांग्रेस नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियां उन्हें कांग्रेस के ‘इंडिया इज इंदिरा एंड इंदिरा इज इंडिया’ के दावे की याद दिलाती हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी राजनीतिक रूप से सूख कर ‘कांटा’ हो गई है फिर भी अहंकारपूर्ण व्यवहार कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने कहा है कि अगर कांग्रेस का खाता फ्रीज हुआ है तो देश का खाता फ्रीज हुआ है। राहुल गांधी, भारत के लोकतंत्र को इस तरह शर्मसार न करें। ये देश और इस देश का लोकतंत्र आपकी पार्टी से बड़ा है।’’
प्रसाद के साथ पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा भी संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थे। दोनों ने धन की कमी के कांग्रेस नेतृत्व के दावे का मजाक उड़ाया और संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल के दौरान कई कथित घोटालों का जिक्र किया।
पात्रा ने मोदी सरकार पर ‘आसुरी शक्ति’ का आरोप लगाने के लिए राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को ‘दुर्गा शक्ति’ चलाती हैं क्योंकि उनकी सरकार ने करोड़ों लोगों के लिए शौचालय और घर बनवाए हैं।
प्रसाद ने प्रधानमंत्री को विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय नेता बताते हुए कहा कि वे मोदी को जितनी गालियां देंगे, कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) उतना ही खिलेगा।
चुनाव के बाद मोदी को अपने-अपने देश आने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के निमंत्रण का हवाला देते हुए पात्रा ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि वह सत्ता में वापस आ रहे हैं।
प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस ने समय पर आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया और अन्य प्रक्रियाओं का पालन भी किया, जिसके कारण उसके खाते फ्रीज किए गए।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर इस मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दल को कोई न्यायिक राहत नहीं मिली और अब वह उच्चतम न्यायालय गया है।
उन्होंने कहा कि यहां तक कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी कांग्रेस को फटकार लगाई थी जिसने हाल ही में उसकी अपील खारिज कर दी थी।
प्रसाद ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘हम कांग्रेस को शुभकामनाएं देते हैं और पार्टी को हमारी सलाह है कि जितना अधिक आप राहुल गांधी को बोलने देंगे, उतना ही अधिक अपना आधार खो देंगे।’’
उन्होंने कहा कि अगर लोग कांग्रेस को वोट नहीं देना चाहते तो भाजपा कुछ नहीं कर सकती।
पात्रा ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व का रुख ‘नियमों की अवहेलना’ के बावजूद हक जताने की भावना को दर्शाता है लेकिन मोदी सरकार के अधीन वह युग खत्म हो गया है।
राहुल गांधी को बिना ईंधन का वाहन बताते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बैंक खाते नहीं बल्कि कांग्रेस ही फ्रीज हो गई है।
प्रसाद ने आश्चर्य जताया कि राहुल गांधी अमेठी से चुनाव क्यों नहीं लड़ना चाहते हैं। पात्रा ने कहा कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता लोकसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं।
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