ग्वादर बंदरगाह प्राधिकरण परिसर पर हमले में आठ बलोच आतंकवादी और दो पाक सैनिक मारे गए
नोमान मनीषा
- 21 Mar 2024, 03:03 PM
- Updated: 03:03 PM
कराची, 21 मार्च (भाषा) पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत स्थित ग्वादर बंदरगाह प्राधिकरण परिसर में बुधवार को घुसने की कोशिश कर रहे आठ बलोच आतंकवादियों को ढेर कर दिया गया। फौज ने यह जानकारी देते हुए बृहस्पतिवार को बताया कि अभियान में सेना के दो जवानों की भी मौत हुई है।
बंदरगाह परिसर में कई सरकारी और अर्धसैनिक बल के कार्यालय हैं और रणनीतिक रूप से अहम जगह पर स्थित ग्वादर बंदरगाह अरबों डॉलर के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजना का हिस्सा है।
फौज की मीडिया इकाई अंतर सेवा जनसंपर्क (आईएसपीआर) की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि आतंकवादियों के एक समूह ने बुधवार को बंदरगाह प्राधिकरण परिसर कॉलोनी में घुसने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों के जवानों ने उन्हें सफलतापूर्वक रोक लिया।
बुधवार देर रात जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि वहां तैनात सैनिकों ने प्रभावी तरीके से आतंकवादियों को रोका जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हुई और इसमें सभी आठ आतंकवादियों को मार गिराया गया।
इसमें कहा गया है कि मुठभेड़ में दो सिपाही भी मारे गए हैं।
अलगाववादी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के आतंकवादियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार, गोलियां और विस्फोटक बरामद किया गया है।
ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगे बलूचिस्तान में लंबे समय से हिंसा जारी है। पूर्व में बलोच विद्रोही समूहों ने 60 अरब अमेरिकी डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजनाओं को निशाना बनाते हुए कई हमले किए हैं।
बीएलए बलूचिस्तान में चीन के निवेश का विरोध करता है। वह चीन और पाकिस्तान पर संसाधन संपन्न प्रांत के शोषण का आरोप लगाता है। इस आरोप को अधिकारियों ने खारिज किया है।
सीपीईसी के अंतर्गत कई परियोजनाओं में हजारों चीनी नागरिक पाकिस्तान में काम कर रहे हैं।
ग्वादर बंदरगाह प्राधिकरण परिसर पर यह हमला तब हुआ है जब एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने कहा था कि उनकी सरकार सीमा-पार से होने वाले आतंकवाद के किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेगी।
ग्वादर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कैप्टन (सेवानिवृत्त) जोहेब मोहसिन ने कहा कि हालात अब काबू में हैं।
उन्होंने बताया कि जब भीषण गोलीबारी हो रही थी तब पुलिस और सुरक्षा बलों की एक बड़ी टुकड़ी घटनास्थल पर पहुंच गई थी।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा एवं संरक्षा विभाग ने एक बयान में कहा है कि परिसर पर हमले के दौरान "लगातार गोलीबारी के बाद कई विस्फोट" हुए।
बयान में कहा गया है कि किसी असैन्य व्यक्ति के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है। उसने बताया कि ग्वादर में स्थित संयुक्त राष्ट्र की तीन एजेंसियों और वहां मिशन पर काम कर रहे संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों के सात कर्मी सुरक्षित हैं।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हमले को नाकाम करने के लिए सुरक्षा बलों की सराहना करते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों के कर्मियों और अधिकारियों की बहादुरी और पेशेवर कौशल की प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय की मीडिया इकाई ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि शरीफ ने अभियान के दौरान अपनी जान गंवाने वाले जवानों को श्रद्धांजलि दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि ग्वादर और बलूचिस्तान को निशाना बनाने की कोशिश करने वाले लोग देश की आर्थिक समृद्धि की प्रक्रिया को बाधित करना चाहते हैं।
उन्होंने लोगों की मदद से सभी आंतरिक और बाहरी साजिशों को नाकाम करने का संकल्प लिया।
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने हमलावरों के खिलाफ प्रतिक्रिया के लिए सुरक्षा और कानून प्रवर्तन अधिकारियों की सराहना की और कहा कि "संदेश स्पष्ट है" कि जो कोई भी हिंसा का रास्ता अपनाएगा उसके साथ कोई रहम नहीं किया जाएगा।
भाषा नोमान