भाजपा आलाकमान मुझे निशाना बना रहा; कांग्रेस सरकार को करना चाहते हैं अस्थिर : सिद्धरमैया
धीरज नरेश
- 30 Aug 2024, 04:49 PM
- Updated: 04:49 PM
हुबली, 30 अगस्त (भाषा)कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शुक्रवार को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके गठबंधन सहयोगी जनता दल सेक्युलर पर राज्य की कांग्रेस सरकार को ‘अस्थिर’ करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने साथ ही एक बार फिर स्पष्ट किया कि उन्होंने कथित एमयूडीए ‘घोटाले’ में ऐसा कुछ भी गलत नहीं किया जिसकी वजह से पद से इस्तीफा देना पड़े।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा उनकी सरकार को गिराने के लिए अभी भी ‘ऑपरेशन कमल’ का प्रयास कर रही है लेकिन वे अपने प्रयासों में सफल नहीं होंगे।
कथित एमयूडीए घोटाले को लेकर भाजपा सिद्धरमैया से इस्तीफा देने की मांग कर रही है। इस बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘वे मेरा इस्तीफा क्यों मांग रहे हैं? क्या उनके मांगते ही इस्तीफा दिया जा सकता है? सिर्फ इसलिए कि विजयेंद्र (भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष) इस्तीफा मांग रहे हैं, क्या इस्तीफा दिया जा सकता है? फिर मैं विजयेंद्र से उनकी पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने को कहूंगा, क्या वह मानेंगे?’’
यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘कल (अदालत में) बहस होगी, देखते हैं उच्च न्यायालय क्या फैसला करता है। मैंने कुछ भी गलत नहीं किया है।’’ वह राज्यपाल द्वारा उनके खिलाफ अभियोजन की मंजूरी को चुनौती देने संबंधी उनकी याचिका पर अदालत में सुनवाई के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। सिद्धरमैया ने भाजपा आलाकमान पर उन्हें ‘‘निशाना’’ बनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा और जद (एस) मिलकर हमारी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं।’’
भाजपा मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) भूखंड आवंटन ‘घोटाले’ के सिलसिले में सिद्धरमैया के इस्तीफे की मांग कर रही है।
राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 16 अगस्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 के तहत कार्यकर्ता प्रदीप कुमार एस पी, टी जे अब्राहम और स्नेहमयी कृष्णा की अर्जियों में उल्लिखित कथित अपराधों में अभियोग चलाने की मंजूरी दी। सिद्धरमैया ने 19 अगस्त को राज्यपाल के आदेश की वैधता को चुनौती देते हुए कर्नाटक उच्च न्यायालय का रुख किया।
सिद्धरमैया ने कहा कि सभी कांग्रेस विधायक और सांसद कल राज्यपाल से मिलेंगे और उनसे जद(एस)नेता और केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी तथा भाजपा के पूर्व मंत्रियों शशिकला जोले, मुरुगेश निरानी, जी जनार्दन रेड्डी के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी के लिए लंबित अनुरोधों पर कार्रवाई का अनुरोध करेंगे।
मांड्या से कांग्रेस विधायक रविकुमार गौड़ा (रवि गनीगा) ने दावा किया है कि भाजपा ‘ऑपरेशन कमल’ के तहत कांग्रेस विधायकों को 100 करोड़ रुपये की पेशकश कर रही है। इस बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘रवि गनीगा ने यह कहा है, उन्होंने हमें बताया है कि यह सच है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल राज्य में कभी भी जनता के आशीर्वाद से सत्ता में नहीं आया, वे हमेशा ‘ऑपरेशन कमल’ पर निर्भर रहे हैं फिर चाहे वह 2008 हो या 2019।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘वे हमेशा सत्ता में आने के लिए ऑपरेशन कमल पर निर्भर रहे हैं, वे कब अपने दम पर बहुमत के साथ सत्ता में आए हैं? वे हमेशा पिछले दरवाजे से सत्ता में आए हैं। अब भी वे कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हम (कांग्रेस के) 136 (विधायक) हैं, यह आसान नहीं है, क्योंकि उन्हें (सफल होने के लिए) लगभग 60 विधायकों का इस्तीफा सुनिश्चित करना होगा। हमारा कोई भी विधायक पैसे की लालच में नहीं फंसेगा।’’
‘ऑपरेशन कमल’का इस्तेमाल भाजपा द्वारा विरोधी विधायकों को अपने पक्ष में करने तथा अपनी सरकार बनाने और उसकी स्थिरता सुनिश्चित करने के कथित प्रयास के संदर्भ में किया जाता है।
भाषा धीरज