अभिनेता-विधायक मुकेश के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज, गिरफ्तारी से अस्थायी राहत मिली
वैभव माधव
- 29 Aug 2024, 08:10 PM
- Updated: 08:10 PM
कोच्चि/तिरुवनंतपुरम, 29 अगस्त (भाषा) सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के विधायक एम. मुकेश के साथ तीन और नामचीन अदाकारों के खिलाफ बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामलों ने मलयालम सिनेमा को हिलाकर रख दिया है और सत्तारूढ़ गठबंधन के कुछ नेताओं ने मुकेश के विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की मांग की।
विपक्षी दलों के प्रदर्शन और कुछ वामपंथी नेताओं द्वारा मुकेश के इस्तीफे की मांग के बीच अभिनेता को कोच्चि की एक अदालत से राहत मिल गई जिसने उन्हें तीन सितंबर तक गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान किया है।
सत्तारूढ़ वाम मोर्चा और आरोपी विधायक के लिए परेशानी उस समय बढ़ गई जब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की वरिष्ठ नेता एनी राजा ने कहा कि मुकेश के विधायक बने रहने का अब कानूनी या नैतिक आधार नहीं है, क्योंकि उनके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने विधायक से पद छोड़ने की अपील की।
इस बीच माकपा नीत एलडीएफ मुकेश के समर्थन में आता दिखा।
एलडीएफ के संयोजक ई पी जयराजन ने कहा कि इससे पहले दो अन्य विधायकों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के इससे बड़े मामले दर्ज किए गए और उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है।
उनका इशारा कांग्रेस विधायक एम विंसेंट और एल्डहोस कुन्नापिल्ली की ओर था।
जयराजन ने कहा, ‘‘अगर वे इस्तीफा दे देते तो तीसरे विधायक (मुकेश) को भी इस्तीफा देना पड़ता। कानून सभी विधायकों पर समान रूप से लागू होता है। आप मुकेश का इस्तीफा मांग रहे हैं और बाकी दो विधायकों को बचा रहे हैं।’’
सारा घटनाक्रम न्यायमूर्ति के हेमा समिति की रिपोर्ट में सामने आए चौंकाने वाले निष्कर्षों से जुड़ा माना जा रहा है।
कुछ फिल्मों में काम कर चुकी शिकायतकर्ता ने जाने माने अभिनेता एवं विधायक एम. मुकेश, जयसूर्या और मनियानपिला राजू के अलावा अभिनेताओं के संघ में प्रमुख भूमिका निभाने वाले इडावेला बाबू के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए हैं।
अभिनेत्री ने फेसबुक पर पोस्ट में लिखा था, ‘‘मैं मलयालम फिल्म उद्योग में मुकेश, मनियनपिला राजू, इडावेला बाबू, जयसूर्या, चंद्रशेखरन, प्रोडक्शन कंट्रोलर नोबल और विचू द्वारा मेरे साथ शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार किए जाने की घटनाओं की रिपोर्ट करने के लिए यह पोस्ट लिख रही हूं।’’
अभिनेत्री ने लिखा, ‘‘वर्ष 2013 में एक प्रोजेक्ट पर काम करते समय इन व्यक्तियों ने मुझे शारीरिक और मौखिक रूप से प्रताड़ित किया। मैंने सहयोग करने और काम जारी रखने की कोशिश की, लेकिन यह दुर्व्यवहार बर्दाश्त से बाहर हो गया।’’
कोच्चि शहर के मरदु पुलिस थाने में मुकेश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार) के तहत बुधवार रात प्राथमिकी दर्ज की गई। अभिनेत्री ने आरोप लगाया था कि मुकेश ने 2010 में उनका यौन उत्पीड़न किया।
मामला दर्ज होने के बाद मुकेश ने कोच्चि की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए गुहार लगाई।
प्रधान सत्र अदालत ने मुकेश को अंतरिम राहत देते हुए कहा कि अभिनेता के कानून से भागने की संभावना कम है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘‘इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए कि कानून के शिकंजे से भागने की कोई संभावना नहीं है, आईओ (जांच अधिकारी) को निर्देश दिया जाता है कि याचिकाकर्ता को 3/9/24 तक गिरफ्तार नहीं किया जाए।’’
अभिनेता ने अपनी अग्रिम जमानत अर्जी में दावा किया कि पीड़िता द्वारा उनके खिलाफ दिया बयान दुर्भावनापूर्ण इरादों वाला है।
उन्होंने दावा किया कि मामला गुप्त मकसद से और उनके राजनीतिक तथा फिल्मी करियर को नुकसान पहुंचाने के लिए दर्ज किया गया।
अग्रिम जमानत ऐसे समय मिली है जब विपक्ष विधायक के रूप में मुकेश के इस्तीफे के लिए दबाव बना रहा है।
विपक्षी कांग्रेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने तिरुवनंतपुरम में मुकेश के आवास के बाहर और राज्य के अन्य हिस्सों में भी प्रदर्शन किया।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीशन ने कहा कि यह कहना गलत है कि कांग्रेस ने मुकेश का इस्तीफा नहीं मांगा।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने शुरुआत में ही उनका इस्तीफा मांगा था। हमने केवल इतना कहा था कि उन्हें और माकपा को इस संबंध में निर्णय लेना होगा।’’
सतीशन ने यह भी कहा कि राज्य की वामपंथी सरकार ने दोषियों के नामों का खुलासा रोकने के लिए न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट को चार साल से अधिक समय तक दबाए रखा।
उन्होंने कहा कि समिति की सिफारिशों पर राज्य सरकार की निष्क्रियता की वजह से फिल्म उद्योग तबाह हो रहा है।
सतीशन ने कहा कांग्रेस पार्टी और उससे संबद्ध अन्य संगठन इस मुद्दे पर राज्य में प्रदर्शन कर रहे हैं।
युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिरुवनंतपुरम में मुकेश के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जहां पुलिस ने उनके घर तक पहुंचने से रोकने के लिए अवरोधक लगा दिए थे।
भाजपा की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भी कोल्लम शहर में मार्च निकाला।
इससे पहले, तिरुवनंतपुरम ‘म्यूजियम पुलिस’ ने आठ साल पहले एक होटल में एक अभिनेत्री से बलात्कार करने के आरोप में अभिनेता सिद्दीकी के खिलाफ बुधवार को मामला दर्ज किया था।
इससे पहले भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला करना या आपराधिक बल प्रयोग) के तहत निर्देशक रंजीत के खिलाफ एक मामला पश्चिम बंगाल की एक अभिनेत्री की शिकायत पर दर्ज किया गया था। यह शिकायत 2009 की एक घटना के संबंध में की गई है।
वर्ष 2017 में एक अभिनेत्री पर हमले के बाद केरल सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के उत्पीड़न एवं शोषण के मामलों का खुलासा किया गया है।
भाषा वैभव