काला धन: शीर्ष अदालत से नियुक्त एसआईटी ने जांच एजेंसियों को ईडी, आईटी से तालमेल बनाने को कहा
राजकुमार सुरेश
- 28 Aug 2024, 09:16 PM
- Updated: 09:16 PM
कटक, 28 अगस्त (भाषा) कालेधन पर उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) ने ऑनलाइन जुए तथा मादक पदार्थों के बढ़ते व्यापार को नियंत्रित करने की जरूरत पर बुधवार को बल दिया तथा भ्रष्टाचार-रोधी जांच एजेंसियों को बेहतर परिणामों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर (आईटी) के साथ समन्वय बनाने को कहा।
एसआईटी उपाध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) अरिजीत पसायत ने ईडी निदेशक राहुल नवीन, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष रवि अग्रवाल तथा राज्य सतर्कता, सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों समेत संबंधित पक्षों के साथ बैठक के बाद यह टिप्पणी की।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि एसआईटी अगले एक पखवाड़े से एक महीने के अंदर उच्चतम न्यायालय में अपनी नौवीं अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी। एसआईटी अबतक आठ रिपोर्ट सौंप चुकी है।
न्यायमूर्ति पसायत ने कहा, ‘‘हमने निरंतर दलील दी है कि भ्रष्टाचार को केवल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। इसका आयकर कानूनों और धनशोधन अधिनियम के तहत भी निराकरण किया जाना चाहिए, क्योंकि काला धन अघोषित आय को दर्शाता है।’’
उन्होंने कहा कि एसआईटी भ्रष्टाचार-रोधी एजेंसियों को ईडी और आयकर अधिकारियों के साथ गहन तालमेल बनाकर चलने की सलाह देती रही है।
न्यायमूर्ति पसायत ने कहा, ‘‘अगर एजेंसियों को संदेह है कि छापे से पहले जानकारी लीक हो सकती है, तो उन्हें छापे के बाद तुरंत ईडी और आयकर अधिकारियों के साथ अपने निष्कर्षों को साझा करना चाहिए। इससे भ्रष्टाचार से निपटने और काले धन का पता लगाने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा।’’
एसआईटी उपाध्यक्ष ने सूचना साझा करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया, ताकि भ्रष्ट व्यक्तियों पर मुकदमा चलाने में मदद मिले ।
उन्होंने कहा, ‘‘आज की बैठक में सभी उचित समन्वय की आवश्यकता पर सहमत थे, जिससे यह कड़ा संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’
ऑनलाइन जुए के बारे में न्यायमूर्ति पसायत ने चेतावनी दी कि यह खासतौर पर युवाओं में एक खतरनाक प्रवृत्ति है।
उन्होंने कहा, ‘‘बहुत से लोग जल्दी अमीर बनने की उम्मीद में ऑनलाइन जुए खेल रहे हैं। हालांकि यह कानूनी रूप से स्वीकार्य हो सकता है, लेकिन जिस हद तक यह खेला जा रहा है, उससे समाज में नकारात्मक संदेश जाता है।’’
मादक पदार्थों के व्यापार के मुद्दे पर न्यायमूर्ति पसायत ने कहा कि इसका न केवल वित्तीय रूप से बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘जब्त मादक पदार्थों का मूल्य हजारों करोड़ रुपये है। हमने ऐसे मामले देखे हैं, जिनमें 3,000 करोड़ रुपये शामिल थे।’’
भाषा राजकुमार