सरकार ने कृषि अवसंरचना कोष योजना का दायरा बढ़ाने की मंजूरी दी
राजेश राजेश अनुराग
- 28 Aug 2024, 09:46 PM
- Updated: 09:46 PM
नयी दिल्ली, 28 अगस्त (भाषा) सरकार ने बुधवार को एक लाख करोड़ रुपये की कृषि अवसंरचना कोष (एआईएफ) योजना का दायरा बढ़ाकर इसे और अधिक आकर्षक बना दिया। यह कदम देश में कृषि संबंधी अवसंरचना सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने एआईएफ के तहत वित्तपोषण सुविधा की केन्द्रीय क्षेत्र योजना के प्रगतिशील विस्तार को मंजूरी दे दी है, ताकि इसे और अधिक आकर्षक, प्रभावी और समावेशी बनाया जा सके।
बयान के अनुसार, देश में कृषि बुनियादी ढांचे को बढ़ाने और मजबूत करने तथा कृषक समुदाय को समर्थन देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सरकार ने एआईएफ योजना के दायरे का विस्तार करने के लिए कई उपायों की घोषणा की है।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम के तहत 12 औद्योगिक क्षेत्र/शहरों के निर्माण का बहुत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के अलावा यह वृद्धि को बढ़ावा देगा और कई लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगा।’’
सरकार ने योजना के सभी पात्र लाभार्थियों को ‘सामुदायिक कृषि परिसंपत्तियों के निर्माण के लिए व्यवहार्य परियोजनाओं’ के अंतर्गत आने वाले बुनियादी ढांचे के निर्माण की अनुमति दी है।
इस कदम से व्यवहार्य परियोजनाओं के विकास में मदद मिलने की उम्मीद है, जो सामुदायिक कृषि क्षमताओं को बढ़ाएगी, जिससे इस क्षेत्र में उत्पादकता और पर्यावरण अनुकूलता में सुधार होगा।
केंद्र ने एआईएफ के तहत पात्र गतिविधियों की सूची में एकीकृत प्राथमिक माध्यमिक प्रसंस्करण परियोजनाओं को शामिल करने का फैसला किया है। हालांकि, एकल माध्यमिक परियोजनाएं पात्र नहीं होंगी और उन्हें खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा शुरू की गई योजनाओं के तहत कवर किया जाएगा।
सरकार ने किसानों, किसानों के समूह, किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों, पंचायतों के लिए पीएम-कुसुम के घटक-ए को एआईएफ के साथ एकीकृत करने की भी अनुमति दी है।
इन पहलों के तालमेल बिठाने का उद्देश्य कृषि बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ स्थायी स्वच्छ ऊर्जा समाधानों को बढ़ावा देना है।
सीजीटीएमएसई (सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट) के अलावा, सरकार ने एनएबी संरक्षण ट्रस्टी कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से एफपीओ के एआईएफ क्रेडिट गारंटी कवरेज का विस्तार करने का भी प्रस्ताव दिया है।
बयान में कहा गया है कि क्रेडिट गारंटी विकल्पों के इस विस्तार का उद्देश्य एफपीओ की वित्तीय सुरक्षा और ऋण पात्रता को बढ़ाना है, जिससे कृषि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में अधिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री द्वारा इसकी शुरुआत के बाद से एआईएफ योजना 6,623 गोदामों, 688 शीत भंडार गृहों और 21 साइलो परियोजनाओं के निर्माण में सहायक रही है, जिससे देश में लगभग पांच करोड़ लाख टन की अतिरिक्त भंडारण क्षमता प्राप्त हुई है।
इसमें 4.65 करोड़ टन शुष्क भंडारण और 35 लाख टन कोल्ड स्टोरेज क्षमता शामिल है। इस अतिरिक्त भंडारण क्षमता से सालाना 18.6 लाख टन खाद्यान्न और 3.44 लाख टन बागवानी उपज को बचाया जा सकता है।
बयान में कहा गया है, ‘‘एआईएफ के तहत अब तक 74,508 परियोजनाओं के लिए 47,575 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन स्वीकृत परियोजनाओं ने कृषि क्षेत्र में 78,596 करोड़ रुपये का निवेश जुटाया है, जिसमें से 78,433 करोड़ रुपये निजी संस्थाओं से जुटाए गए हैं।’’
इसके अलावा, एआईएफ के तहत स्वीकृत बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने कृषि क्षेत्र में 8.19 लाख से अधिक ग्रामीण रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद की है।
भाषा राजेश राजेश