हेमा समिति रिपोर्ट : विपक्ष ने सरकार की आलोचना की, पांच सवाल पूछे
गोला नरेश
- 28 Aug 2024, 03:25 PM
- Updated: 03:25 PM
मलप्पुरम (केरल), 28 अगस्त (भाषा) केरल में वाम मोर्चा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कांग्रेस नीत विपक्ष ने हेमा समिति की रिपोर्ट पर बुधवार को पांच सवाल पूछे और इस पर पर्दा डालने तथा पिनरायी विजयन की सरकार पर महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर अहम व्यक्तियों को बचाने का आरोप लगाया।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने आरोप लगाया कि सरकार हेमा समिति की रिपोर्ट के संबंध में बचाव की मुद्रा में है।
सतीशन ने मलप्पुरम में पत्रकारों से कहा, ‘‘सरकार लुका-छिपी का खेल खेलकर कुछ लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। सरकार के कदमों से लोगों के बीच ऐसी धारणा पैदा हो रही है कि फिल्म उद्योग में हर कोई परेशानी पैदा करने वाला है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, फिल्म उद्योग में कई अच्छे लोग भी हैं। सरकार असली दोषियों को छिपा रही है, जिसके कारण केरल में निर्दोषों को भी अपमानित किया जा रहा है। सरकार को इस मुद्दे को हल करना चाहिए।’’
विपक्षी नेता ने हेमा समिति की रिपोर्ट को लेकर सरकार पर चुप्पी साधने और टालमटोल करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार सवाल पूछे जाने के बावजूद संस्कृति मंत्री साजी चेरियन ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है और केवल उन्हीं सवालों का जवाब दिया है जिसे मुख्यमंत्री पसंद करते हैं।
सतीशन ने कहा कि विपक्ष पांच अहम सवालों का जवाब मांग रहा है : ‘‘सरकार ने हेमा समिति की रिपोर्ट में सामने आए अपराधों की जांच क्यों नहीं की? महिलाओं तथा बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गयी? आरटीआई कानून के तहत उपलब्ध करायी गयी हेमा समिति की रिपोर्ट से कुछ पृष्ठों और पैराग्राफ को हटाकर सरकार किसे बचाने का प्रयास कर रही है? फिल्म उद्योग में बड़े पैमाने पर मादक पदार्थ के इस्तेमाल पर क्या कार्रवाई की गयी है, जिसका जिक्र हेमा समिति की रिपोर्ट में किया गया है? और सरकार महिलाओं के खिलाफ रुख क्यों अपना रही है?’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि इन सवालों का जवाब देकर और एक फैसला लेकर इन समस्याओं का एक स्थायी समाधान ढूंढा जा सकता है।
उन्होंने सरकार से कार्य स्थल पर सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले फैसले लेने का अनुरोध किया।
वर्ष 2017 में एक अभिनेत्री पर हमले के बाद केरल सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति हेमा समिति की रिपोर्ट में मलयालम फिल्म उद्योग में महिलाओं के उत्पीड़न व शोषण के मामलों का खुलासा किया गया है।
कई अभिनेताओं और फिल्म निर्देशकों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने इनकी जांच के लिए 25 अगस्त को सात सदस्यीय विशेष जांच दल गठित करने की घोषणा की।
इसके बाद, कई शिकायतें सामने आयी हैं जिससे मलयालम फिल्म उद्योग में हड़कंप मच गया है।
भाषा गोला