कुमारस्वामी के खिलाफ मुकदमा चलाने के अनुरोध पर कार्रवाई के लिए कांग्रेस राजभवन तक मार्च निकालेगी
आशीष संतोष
- 27 Aug 2024, 08:26 PM
- Updated: 08:26 PM
(फाइल फोटो के साथ)
बेंगलुरु, 27 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस 31 अगस्त को राजभवन तक पैदल मार्च निकालेगी और राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपेगी जिसमें उनसे जनता दल(सेक्युलर) नेता और केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी सहित अन्य के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी देने की मांग करने वाले लंबित आवेदनों पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस प्रमुख शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सहित राज्य के सभी पार्टी विधायक और सांसद इसमें भाग लेंगे।
उन्होंने कुमारस्वामी के इस दावे पर भी कटाक्ष किया कि अक्टूबर 2007 में जब वह मुख्यमंत्री थे, तब श्री साईं वेंकटेश्वर मिनरल्स को खनन पट्टा देने वाली फाइल पर किए गए उनके हस्ताक्षर ‘जाली’ थे।
इस मामले में लोकायुक्त ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से कुमारस्वामी के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगी है। शिवकुमार ने सवाल किया कि कुमारस्वामी ने जालसाजी के खिलाफ शिकायत क्यों नहीं दर्ज कराई। उन्होंने दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि जद(एस) नेता ने जमानत मांगते समय अदालत के समक्ष स्वीकार किया था कि उन्होंने खनन पट्टे के लिए सिफारिश की थी।
शिवकुमार ने कहा, ‘‘31 अगस्त को सुबह 10-10:30 बजे हमारे सभी विधायक, विधान पार्षद, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य, सभी मंत्री, पार्टी की ओर से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के लिए विधान सौध में गांधी प्रतिमा से राजभवन तक मार्च करेंगे। मुख्यमंत्री भी इसमें भाग लेंगे।’’
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम मांग करेंगे कि अभियोजन स्वीकृति की मांग करने वाले सभी लंबित अनुरोधों के लिए अनुमति दी जानी चाहिए। मामलों की जांच पहले ही हो चुकी है। मैं पार्टी की ओर से तत्काल राजभवन को पत्र भेजकर समय मांग रहा हूं। हम कानून के दायरे में मांग करेंगे।’’
शिवकुमार ने कहा कि मांग केवल कुमारस्वामी के मामले के संबंध में नहीं है, बल्कि उन सभी लंबित मामलों के संबंध में है जिनमें जांच पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व मंत्रियों शशिकला जोले, मुरुगेश निरानी, जी जनार्दन रेड्डी समेत कांग्रेस का भी कोई सदस्य शामिल है तो अनुमति मिलनी चाहिए।
कर्नाटक मंत्रिमंडल ने 22 अगस्त को कुमारस्वामी और भाजपा के तीन पूर्व मंत्रियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने के लिए राज्यपाल को ‘‘सहायता और सलाह’’ देने का फैसला किया था।
कांग्रेस सरकार का यह कदम राज्यपाल द्वारा 16 अगस्त को मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) भूखंड आवंटन घोटाले के संबंध में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दिए जाने के एक सप्ताह के भीतर आया है।
भाषा आशीष