पश्चिम बंगाल : ‘नबान्न अभियान’ के दौरान झड़पों में प्रदर्शनकारी, पुलिसकर्मी घायल
सुभाष पवनेश
- 27 Aug 2024, 06:28 PM
- Updated: 06:28 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 27 अगस्त (भाषा) कोलकाता और इससे लगे हावड़ा के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच उस वक्त झड़पें हुईं, जब आंदोलनकारियों ने राज्य सचिवालय की ओर मार्च करने के लिए अवरोधकों को गिराने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों ने शहर में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रशिक्षु डॉक्टर से बलात्कार व उसकी हत्या को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग करते हुए ‘नबान्न’ (राज्य सचिवालय) पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
एमजी रोड, हेस्टिंग्स रोड और प्रिंसेप घाट के पास के इलाकों, संतरागाछी और हावड़ा मैदान में झड़पें होने की खबरें हैं, जिनमें कुछ प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया और राज्य सचिवालय की ओर जाने वाले रास्ते को रोकने के लिए लगाए गए अवरोधकों को गिराने का प्रयास किया।
झड़प में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया, जिसने खुद को हावड़ा पुलिस आयुक्तालय के चंडीतला थाने का प्रभारी बताया है।
एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘‘हमें पुलिस ने क्यों पीटा? हमने कोई कानून नहीं तोड़ा। हम डॉक्टर (मृतका) के लिए न्याय की मांग करने को लेकर शांतिपूर्ण रैली कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए।’’
पुलिस ने कहा कि जब कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने अवरोधकों को पार करने का प्रयास किया और सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसूगैस के गोले छोड़े।
कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें ऐसी बेकाबू भीड़ को अक्सर काबू किया करते हैं। हमारे अधिकारियों ने स्थिति को अच्छी तरह से संभाला है। हमने कई लोगों को हिरासत में लिया है और कानून अपना काम करेगा।’’
इससे पहले दिन में, पुलिस ने हावड़ा ब्रिज के कोलकाता छोर पर और कोना एक्सप्रेसवे पर संतरागाछी रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया तथा पानी की बौछारें और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
संतरागाछी में, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंटें फेंकी, जिसमें कुछ अधिकारी घायल हो गए। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई में छात्र घायल हुए हैं।
समस्या उस वक्त बढ़ गई जब छात्र संगठन ‘पश्चिम बंग छात्र समाज’ और राज्य सरकार के नाराज कर्मचारियों के मंच 'संग्रामी जौथा मंच' ने विभिन्न स्थानों से अपना ‘नबान्न अभियान’ शुरू किया।
इस बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने कोलकाता और हावड़ा में ‘नबान्न अभियान’ रैली में शांतिपूर्ण तरीके से भाग लेने वालों पर ‘बर्बर कार्रवाई’ की है।
भाषा सुभाष