भाजपा दो सितंबर से शुरू करेगी सदस्यता अभियान
वैभव पवनेश
- 27 Aug 2024, 05:48 PM
- Updated: 05:48 PM
नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दो सितंबर से अपना सदस्यता अभियान शुरू करेगी जिसकी अगुवाई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों के साथ ही सरपंच से सांसद तक सभी जन प्रतिनिधि करेंगे।
सदस्यता अभियान को भाजपा के नए अध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी के आंतरिक सर्वेक्षण की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सदस्यता का नवीनीकरण करके अभियान की शुरुआत करेंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और सदस्यता अभियान के प्रमुख विनोद तावड़े ने लोगों से बड़े पैमाने पर पार्टी के साथ जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि मजबूत भाजपा से ‘विकसित भारत’ का निर्माण होगा।
उन्होंने बताया, ‘‘सदस्यता अभियान का पहला चरण 25 सितंबर तक चलेगा और फिर एक अक्टूबर को दूसरे चरण की शुरुआत से पहले इस कवायद की समीक्षा की जाएगी। यह 15 अक्टूबर तक जारी रहेगा।’’
इसके बाद 16 से 31 अक्टूबर तक उन लोगों का पंजीकरण किया जाएगा जो सक्रिय सदस्य हैं। ये (सक्रिय सदस्य) निश्चित संख्या में नए सदस्य बनाकर सांगठनिक चुनाव में भाग ले सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि पार्टी के पूर्णकालिक अध्यक्ष के चुनाव से पहले किसी कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति की कोई योजना नहीं है।
तावड़े ने कहा कि देश भर में पार्टी कार्यकर्ताओं को इस अभियान के लिए प्रशिक्षित किया गया है तथा यह अभियान काफी हद तक डिजिटल माध्यम पर निर्भर है।
उन्होंने कहा कि पार्टी इस अभियान के लिए अपने 10 लाख सक्रिय सदस्यों का लाभ उठाएगी।
भाजपा के सभी मौजूदा सदस्यों को हर छह साल में अपनी सदस्यता का नवीनीकरण कराना होता है।
इस अभियान में मौजूदा सदस्यों की सदस्यता का नवीनीकरण करने के साथ ही नए सदस्य बनाए जाएंगे।
भाजपा ने पहले घोषणा की थी कि पार्टी का लक्ष्य इस अभियान के दौरान 10 करोड़ से अधिक सदस्य बनाने का है और इसमें उन राज्यों को शामिल नहीं किया जाएगा जिनमें अगले कुछ महीने में चुनाव होने वाले हैं।
पार्टी के पिछले सदस्यता अभियान के बाद इसके सदस्यों की संख्या 18 करोड़ थी और उसने उम्मीद जताई थी कि इस बार इस आंकड़े को पार कर लिया जाएगा।
नए लोग एक मोबाइल नंबर पर कॉल करके, क्यूआर कोड स्कैन करके, नमो ऐप के माध्यम से और भाजपा की वेबसाइट के माध्यम से पार्टी की सदस्यता ले सकते हैं।
हालांकि दूरदराज के क्षेत्रों में पार्टी कागजों पर पंजीकरण की परंपरागत पद्धति का इस्तेमाल करेगी।
भाषा वैभव