अदालत ने कर पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही के खिलाफ कांग्रेस की याचिकाओं पर आदेश सुरक्षित रखा
राजकुमार रंजन
- 20 Mar 2024, 09:12 PM
- Updated: 09:12 PM
नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने 2016-17 तक पिछले तीन सालों के वास्ते आयकर विभाग द्वारा उसके खिलाफ कर पुनर्मूल्यांकन की कार्यवाही किए जाने का बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में जबर्दस्त विरोध किया।
आयकर विभाग ने कहा कि उसने किसी भी वैधानिक प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है।
उच्च न्यायालय ने कांग्रेस की याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। संभावना है कि अगले दो-तीन दिनों में वह आदेश सुना सकता है।
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा और न्यायमूर्ति पुरूशेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने कांग्रेस और आयकर विभाग के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कहा, ‘‘आपको कल या परसों तक आदेश मिल जाएगा।’’
उच्च न्यायालय तीन वर्षों -- 2014-15, 2015-16 और 2016-17 के लिए पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही के खिलाफ कांग्रेस की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।
कांग्रेस पार्टी का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा कि कर पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही पर समय सीमा लागू होती है तथा आयकर विभाग अधिक से अधिक छह मूल्यांकन वर्षों तक ही जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही आयकर कानून के प्रावधानों के विपरीत की जा रही है।
आयकर विभाग की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने कहा कि (आयकर) अधिकारियों ने वैधानिक प्रावधानों का कोई उल्लंघन नहीं किया है तथा बरामद सामग्री के अनुसार पार्टी द्वारा ‘छिपायी गयी’ आय 520 करोड़ रुपये से अधिक की है।
इस बीच, कांग्रेस ने चार विभिन्न सालों के लिए शुरू की गयी कर पुनर्मूल्यांकन कार्यवाही के खिलाफ भी नयी याचिकाओं के साथ उच्च न्यायालय का रूख किया।
इन याचिकाओं का उल्लेख कांग्रेस के वकील ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष किया, जो इसे बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमत हुए। पीठ में न्यायमूर्ति मनमीत पी एस अरोरा भी शामिल हैं।
वकील ने कहा कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने चार साल का मूल्यांकन फिर से खोला है। साथ ही उन्होंने अदालत से याचिकाओं को बृहस्पतिवार के लिए सूचीबद्ध करने का आग्रह किया।
तत्काल सुनवाई का आग्रह स्वीकार करते हुए पीठ ने कहा, ‘‘ ठीक है अगर दोपहर साढ़े 12 बजे तक क्रम में है, तो इसे कल के लिए सूचीबद्ध करें।’’
हाल में दिल्ली उच्च न्यायालय ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। न्यायाधिकरण ने आयकर विभाग द्वारा कांग्रेस को 100 करोड़ रुपये से अधिक के बकाया कर की वसूली के लिए जारी नोटिस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
आकलन अधिकारी ने आकलन वर्ष 2018-19 के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया कर मांग की थी, जब पार्टी की आय 199 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी।
भाषा राजकुमार