भाजपा और सीबीआई केजरीवाल को जेल में रखने की 'साजिश' कर रही है: आप
देवेंद्र माधव
- 24 Aug 2024, 09:15 PM
- Updated: 09:15 PM
नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने आबकारी नीति मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जेल में रखने की कथित साजिश के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की शनिवार को आलोचना की।
‘आप’ के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और आतिशी ने आरोप लगाया कि सीबीआई ने केजरीवाल की जमानत याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए उच्चतम न्यायालय से समय मांगा, लेकिन संबंधित जवाब उसने अखबारों में ‘‘प्रकाशित’’ करवा दिया।
भाजपा ने पलटवार करते हुए ‘आप’ से कहा कि अगर उसे लगता है कि एजेंसी ‘‘झूठ बोल रही है और पक्षपात कर रही है तो वह उच्चतम न्यायालय में सीबीआई को चुनौती दे।’’
‘आप’ के आरोपों पर सीबीआई की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।
सिसोदिया ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘सीबीआई जिस दिन अदालत में जाकर कहती है कि जमानत याचिका पर हमारा जवाब तैयार नहीं है इसलिए जमानत की सुनवाई 14 दिन आगे बढ़ा दी जाए। उसी दिन सीबीआई का जवाब मीडिया में दे दिया जाता है, ताकि सीबीआई का जवाब अगले दिन अखबारों का एकतरफा शीर्षक बन सके।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अरविंद केजरीवाल जी को जेल में रखने के लिए भाजपा के एजेंडे पर सीबीआई किस तरह कठपुतली बनकर नाच रही है।’’
‘आप’ के वरिष्ठ नेता ने कहा कि ‘‘हेडलाइन मैनेजमेंट’’ के लिए कितनी भी साजिश रच लो, जीत तो एक दिन सच्चाई और ईमानदारी की ही होगी। उन्होंने कहा कि एजेंसियां भले ही राजनीतिक इशारे पर नाचती हों, लेकिन संविधान और न्याय हमेशा सच के साथ है।
उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुनवाई पांच सितंबर तक के लिए टाल दी थी, क्योंकि एजेंसी ने इस पर हलफनामा दाखिल करने के लिए और समय मांगा था।
केजरीवाल ने जमानत से इनकार करने और मामले में सीबीआई द्वारा उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ दो पृथक याचिकाएं दायर की हैं।
सीबीआई ने केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका के जवाब में दायर अपने विस्तृत हलफनामे में आरोप लगाया है कि अब रद्द कर दी गई आबकारी नीति बनाने में सभी महत्वपूर्ण निर्णय दिल्ली के मुख्यमंत्री के इशारे पर तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सिसोदिया की मिलीभगत से लिए गए थे।
‘आप’ नेता एवं दिल्ली की मंत्री आतिशी ने संवाददाता सम्मेलन में भी सीबीआई की आलोचना की।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सीबीआई का हलफनामा तैयार था लेकिन उसने अरविंद केजरीवाल को कुछ और दिन तक जेल में रखने के लिए उच्चतम न्यायालय में झूठ बोला।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल की जमानत पर सुनवाई के दौरान ‘‘भाजपा की सीबीआई’’ ने हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन आज हर अखबार में यह (हलफनामा संबंधित खबर) प्रकाशित हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘सवाल यह उठता है कि जिस हलफनामे के लिए सीबीआई को कल एक सप्ताह का समय चाहिए था, वह आज सभी अखबारों में कैसे छप गया? इसका मतलब है कि सीबीआई अरविंद केजरीवाल को कुछ और दिन जेल में रखने की साजिश कर रही है।’’
आतिशी ने कहा, ‘‘मैं भाजपा को बताना चाहूंगी कि वे चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, आखिरकार जीत सत्य की होती है। हमने मनीष सिसोदिया के मामले में देखा कि सीबीआई और ईडी के बेहतरीन प्रयासों के बावजूद उन्हें उच्चतम न्यायालय से राहत मिल गई।’’
उन्होंने कहा कि ‘आप’ को पूरा भरोसा है कि केजरीवाल जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे और सीबीआई तथा ईडी के जरिये भाजपा द्वारा रची जा रही हर ‘‘साजिश’’ विफल हो जाएगी।
इस बीच भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रवक्ता प्रवीण कपूर ने कहा कि ‘आप’ एक ‘‘अराजक पार्टी’’ है, जिसके नेता उम्मीद करते हैं कि जांच एजेंसियां उनकी मर्जी के मुताबिक काम करेंगी।
केजरीवाल को आबकारी नीति मामले से संबंधित धनशोधन के एक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। उन्हें 20 जून को निचली अदालत से जमानत मिल गई थी। निचली अदालत के जमानत आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय ने 21 जून को खारिज कर दिया था।
केजरीवाल ने उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ 22 जून को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, लेकिन 26 जून को सीबीआई ने आबकारी नीति मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बाद में उच्चतम न्यायालय ने 11 जुलाई को ईडी द्वारा दर्ज धनशोधन मामले में केजरीवाल को जमानत दे दी थी।
भाषा
देवेंद्र