भाजयुमो रैली: कार्यकर्ताओं ने अवरोधक तोड़े, पुलिस ने आंसू गैस के गोले, पानी की बौछारें छोड़ीं
प्रीति नेत्रपाल
- 23 Aug 2024, 05:06 PM
- Updated: 05:06 PM
रांची, 23 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने हेमंत सोरेन सरकार के कथित ‘‘अन्याय’’ और ‘‘चुनावी वादों को पूरा न कर पाने’’ के खिलाफ रांची में शुक्रवार को आयोजित रैली के दौरान अवरोधक तोड़ दिए जिसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछारें छोड़ीं।
रैली में शामिल प्रदर्शनकारियों ने विरोध कार्यक्रम स्थल मोरहाबादी मैदान के पास स्थित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास की ओर कूच करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने दावा किया कि पुलिस के लाठीचार्ज करने से कई कार्यकर्ता घायल हो गए। पार्टी नेता अमर कुमार बाउरी ने कहा कि ‘‘राज्य से झामुमो नीत गठबंधन को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी हमें नहीं रोक सकता है।’’
भाजयुमो की ‘युवा आक्रोश रैली’ से पहले प्रशासन ने राजधानी में निषेधाज्ञा लागू कर दी। अधिकारियों ने मोरहाबादी मैदान के पास शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे से रात 11 बजे तक किसी भी प्रदर्शन और सार्वजनिक बैठक पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जिला प्रशासन ने मोरहाबादी मैदान के परिसर को छोड़कर इसके 500 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर रखी है।
निषेधाज्ञा के तहत इस दायरे में सार्वजनिक सभाओं, रैलियों, धरना, प्रदर्शनों और पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है।
आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और पारंपरिक हथियार जैसे लाठी, भाले, धनुष और तीर ले जाने पर भी प्रतिबंध है और क्षेत्र में लाउडस्पीकर का उपयोग भी वर्जित है।
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया।
रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार सिन्हा ने कहा, ‘‘रैली के लिए अनुमति नहीं मांगी गई थी। उन्होंने सम्मेलन या बैठक के लिए अनुमति मांगी थी और इसे मंजूरी भी दे दी गई थी। मोरहाबादी मैदान की परिधि से आगे हमने निषेधाज्ञा लागू कर दी है, इसलिए किसी भी रैली की अनुमति नहीं है। हमने पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए हैं। हमने आयोजकों से भी अपील की है कि वे कार्यक्रम को केवल सभा तक ही सीमित रखें।’’
पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मुख्यमंत्री आवास और मोरहाबादी मैदान के पास अवरोधक लगा दिए हैं।’’
उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने से रोकने के लिए उन पर लाठीचार्ज किया।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मोरहाबादी मैदान में एकत्र हुए जहां भाजपा नेताओं को ‘युवा आक्रोश रैली’ को संबोधित करना था।
रैली के दौरान पुलिसकर्मियों और भाजयुमो कार्यकर्ताओं के बीच अप्रिय स्थिति उत्पन्न हो गई। इस रैली का नेतृत्व भाजपा नेता सीपी सिंह कर रहे थे।
भाजपा ने इस कदम को हेमंत सोरेन सरकार द्वारा किए गए ‘‘अन्याय’’ के खिलाफ भाजयुमो कार्यकर्ताओं की ‘‘आवाज दबाने’’ का प्रयास करार दिया है। इसके साथ ही भाजपा ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव में सरकार को बाहर का रास्ता दिखाए जाने में बमुश्किल दो महीने का ही समय बचा है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने झामुमो सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह ‘‘कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने’’ का प्रयास कर रही है, जो उसके (झामुमो सरकार के) ताबूत में आखिरी कील साबित होगी।
जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया, ‘‘ऐसी गतिविधियों से सरकारी काम में बाधा उत्पन्न हो सकती है, यातायात प्रभावित हो सकता है, कानून व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है और सार्वजनिक स्थानों पर अशांति फैल सकती है। इसलिए निषेधाज्ञा लागू की गई है।’’
चौहान ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सरकार पर आरोप लगाया कि वह भाजयुमो कार्यकर्ताओं को विभिन्न जिलों से रांची पहुंचने से रोक रही है और कई बसों को जब्त कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि जब भाजपा कार्यकर्ता विभिन्न जिलों से रांची आ रहे थे तो रास्ते में उन्हें बस से उतार दिया गया।
चौहान ने कहा, ‘‘मोरहाबादी मैदान के चारों ओर कंटीले तार की बाड़ लगा दी गई है... रावण का अहंकार भी ज्यादा दिन नहीं चला और अगर आप सोचते हैं कि आप ताकत के बल पर आवाज दबा सकते हैं तो आप सफल नहीं होंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘केवल एक डरा हुआ मुख्यमंत्री (हेमंत सोरेन) ही इस तरह की हरकतें कर सकता है। वह न तो सरकार चला पा रहे हैं और न ही अपनी पार्टी। हेमंत सोरेन सरकार के कार्यकाल में राज्य में हत्याओं के 7,812 मामले, बलात्कर के 7,115, अपहरण के 6,937, दंगे के 8,792, लूट के 2,721, डकैती के 485 और अन्य अपराध के 2,73,261 मामले सामने आए हैं। आदिवासियों की जमीन घुसपैठिए हड़प रहे हैं, हर जगह खुली लूट मची हुई है।’’
चौहान ने कहा कि जब भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पांच लाख नौकरियों जैसे चुनावी वादों के बारे में पूछा, तो कार्यकर्ताओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान झामुमो नीत सरकार के अब गिने-चुने दिन रह गए हैं। चौहान ने कहा, ‘‘जब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हमारी आवाज नहीं रोक सकीं तो आप हमारी आवाज कैसे दबा सकते हैं।’’
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ‘‘भाजपा से डरी हुई है क्योंकि वह युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है।’’
भाजपा की झारखंड इकाई के पूर्व अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश ने कहा कि जनता ने ‘सिंहासन खाली करो’ का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन के लिए संदेश स्पष्ट है कि ‘‘सिंहासन खाली करो, जनता आती है।’’
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि उन्होंने कार्यक्रम के लिए अनुमति मांगी थी।
मरांडी ने कहा, ‘‘पुलिस हमारे कार्यकर्ताओं को यहां पहुंचने से रोकने के लिए झामुमो कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है। लोकतंत्र हमें रैली करने का अधिकार देता है।’’
भाषा
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