सेबी प्रमुख के इस्तीफे और जेपीसी के गठन की मांग को लेकर कांग्रेस ने किया देशव्यापी प्रदर्शन
हक हक पवनेश
- 22 Aug 2024, 09:04 PM
- Updated: 09:04 PM
नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) की प्रमुख माधवी बुच के इस्तीफे और अदाणी समूह से जुड़े मामले की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को देशव्यापी प्रदर्शन किया।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान, पंजाब, गुजरात और कई अन्य राज्यों में कांग्रेस की स्थानीय इकाइयों ने धरना-प्रदर्शन किया।
अमेरिकी संस्था हिंडनबर्ग रिसर्च ने हाल में अपनी एक रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि सेबी की प्रमुख बुच और उनके पति की अदाणी समूह से जुड़ी कथित अनियमितताओं में इस्तेमाल किए गए अस्पष्ट ‘विदेशी फंड’ में हिस्सेदारी थी।
सेबी प्रमुख बुच और उनके पति ने एक संयुक्त बयान जारी कर हिंडनबर्ग के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह से बेबुनियाद बताया था।
दिल्ली में जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव, वरिष्ठ नेता सचिन पायलट, कन्हैया कुमार और उदित राज सहित अन्य लोग शामिल हुए।
देवेंद्र यादव ने कहा कि जिस तरह से घोटाले का खुलासा हुआ है, उसे देखते हुए सेबी प्रमुख को इस्तीफा देना चाहिए या फिर उन्हें बर्खास्त करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अदाणी समूह से जुड़े ‘घोटालों’ की जेपीसी से जांच जरूरी है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सेबी प्रमुख माधवी बुच के त्यागपत्र और अडाणी समूह से जुड़े मामले की जांच के लिए जेपीसी के गठन की मांग को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की अगुवाई में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजभवन के सामने प्रदर्शन किया और हिंडनबर्ग की हाल की रिपोर्ट पर जेपीसी के गठन और सेबी प्रमुख माधवी बुच के इस्तीफे की मांग की।
राय ने कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट से भ्रष्टाचार की पोल पूरी तरह खुल गयी है। जिस तरह से घोटाले का खुलासा हुआ है, उसके मद्देनजर सेबी प्रमुख माधवी बुच को त्यागपत्र देना चाहिये या फिर उन्हें बर्खास्त कर दिया जाना चाहिये।
हैदराबाद में तेलंगाना के मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ए. रेवंत रेड्डी ने विरोध प्रदर्शन की अगुवाई की। उन्होंने कहा कि मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव सेबी प्रमुख माधवी बुच के इस्तीफे और अदाणी समूह की कथित धोखाधड़ी की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति के गठन पर अपना रुख स्पष्ट करें।
कांग्रेस की राजस्थान इकाई के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर में आयोजित विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि ‘‘राजस्थान में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है।’’
डोटासरा ने कहा, ‘‘राजस्थान में सरकार नाम की चीज नहीं रह गई... एक ही बात कही जाती है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यों की जांच कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बेशक सरकार जांच करें, गलत कार्य करने वालों को जेल में डाले, लेकिन मात्र भाषण से काम नहीं चलेगा, क्योंकि राजस्थान की जनता ने पांच साल सरकार चलाने का जिम्मा भाजपा के द्वारा किए गए वादों पर विश्वास कर दिया है।’’
कांग्रेस की हरियाणा एवं पंजाब इकाइयों ने सेबी प्रमुख माधवी बुच के अपने पद से इस्तीफे तथा अदाणी मुद्दे की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को यहां प्रदर्शन किया।
गुजरात में भी कांग्रेस ने सेबी प्रमुख माधवी बुच और अदाणी समूह के खिलाफ हिंडनबर्ग के आरोपों को लेकर जेपीसी से जांच की मांग की।
अहमदाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता अलका लांबा ने सवाल किया कि सेबी की अध्यक्ष माधवी पुरी बुच ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया, जबकि करीब दो सप्ताह पहले हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट जारी हुई थी, जिसमें उनके खिलाफ हितों के टकराव के आरोप लगाए गए थे।
लांबा ने कहा, "हमारी मांग है कि आरोपों की जांच के लिए जेपीसी का गठन किया जाए। ऐसी समिति में सभी दलों के सदस्य होने चाहिए।"
पार्टी की कई अन्य प्रदेश इकाइयों ने भी बुच के इस्तीफे और अदाणी समूह से जुड़े मामले की जांच के लिए जेपीसी के गठन की मांग को
लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
भाषा हक हक