ओडिशा ‘सिमबॉक्स’ गिरोह: ओडिशा पुलिस ने सीधे ढाका से ‘सिमबॉक्स’ के संचालन का किया दावा
राजकुमार वैभव
- 22 Aug 2024, 08:11 PM
- Updated: 08:11 PM
भुवनेश्वर, 22 अगस्त (भाषा) भुवनेश्वर-कटक के पुलिस आयुक्त संजीव पांडा ने बृहस्पतिवार को एक बड़ा खुलासा किया कि यहां और रांची में स्थापित ‘सिमबॉक्स’ को सीधे बांग्लादेश के ढाका से नियंत्रित किया जाता था।
पांडा ने यहां संवाददाताओं को बताया कि बांग्लादेश के फेनी में रहने वाले 30 वर्षीय असादुर रहमान ने पश्चिम बंगाल के राजू मंडल की मदद से ‘सिमबॉक्स’ संचालन शुरू किया था। उनके अनुसार मंडल रहमान के लिए स्थानीय मददगार है।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि असादुर ‘स्मार्ट स्विच’ के मार्फत दूर से भुवनेश्वर एवं रांची में ‘सिमबॉक्स’ को नियंत्रित करता था जबकि कटक में ‘सिमबॉक्स’ का संचालन स्थानीय रूप से किया जाता था।
पुलिस ने कहा कि उसे असादुर की तस्वीर समेत इस संबंध में विस्तृत सूचना मिली है।
‘सिमबॉक्स’ मूल फोन नंबर को छिपाने के लिए इस्तेमाल में लाये जाते हैं तथा इनका उपयोग साइबर अपराध, नफरत वाले भाषण, जबरन वसूली एवं अन्य अवैध गतिविधियों में किया जाता है। ऐसे में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए चुनौती पैदा हो जाती है।
पांडा ने कहा, ‘‘वह ढाका में एक सॉफ्टवेयर कंपनी चलाता था एवं उसने पहले एक फैशन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान से पढ़ाई की थी। जांच से खुलासा हुआ कि इस गिरोह में पाकिस्तान, चीन और पश्चिम एशिया से भारत में आने वाली अंतरराष्ट्रीय कॉल का मार्ग बदल दिया जाता था।’’
हाल में ओडिशा से एक पुलिस दल झारखंड की राजधानी रांची गया था और उसने वहां मंडल द्वारा संचालित एक अन्य ‘सिमबॉक्स’ केंद्र पाया था। मंडल को 16 अगस्त को भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया गया था।
अबतक पुलिस ने कटक, भुवनेश्वर एवं रांची से 17 ‘सिमबॉक्स’ जब्त किये हैं।
पुलिस ने 678 चालू सिमकार्ड, तीन इंटरनेट कनेक्शन एवं अतिरिक्त सिमकार्ड भी जब्त किये हैं।
पांडा ने कहा कि पुलिस ने दूरसंचार कंपनियों से कुछ सिमकार्ड के विवरण हासिल किये हैं और वह इस सूचना का विश्लेषण कर रही है।
पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और दूरसंचार विभाग ने राजू मंडल से पूछताछ की है।
पांडा ने कहा, ‘‘(राजू) मंडल की पुलिस हिरासत बृहस्पतिवार को समाप्त होने वाली है। पुलिस की इस मामले में और सूचनाएं जुटाने के लिए उसकी हिरासत सात दिनों के लिए बढ़ाये जाने का अनुरोध करने की योजना है। ’’
उन्होंने कहा कि पुलिस असादुर के बारे में और जानकारियां जुटाने के लिए सीबीआई के मार्फत इंटरपोल की सहायता मांगेगी।
पुलिस के मुताबिक असादुर का भारतीय वीजा 24 अक्टूबर, 2024 तक वैध है। वह 21 अक्टूबर, 2023 को अगरतला स्थित एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) से भारत पहुंचा था और वह 24 दिसंबर, 2023 को पश्चिम बंगाल में हरिदासपुर के आईसीपी के रास्ते बांग्लादेश लौट गया था।
पुलिस के अनुसार मंडल बासिरहाट बॉर्डर के रास्ते बस से बांग्लादेश जाता था और वह अक्सर व्यावसायिक उद्देश्यों को लेकर बनगांव पहुंचता था जहां वह असादुर से मिलता था।
पुलिस का कहना है कि दोंनो ने मिलकर योजना बनायी और भारत में ‘सिमबॉक्स’ संचालन शुरू किया। मंडल हर हफ्ते इंटरनेट और विद्युत सेवाओं पर निगरानी समेत ‘सिमबॉक्स’ प्रबंधन के लिए पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले से कटक आया करता था।
भाषा राजकुमार