राहत सामग्री और आपदा प्रबंधन उपकरण लेकर एनडीआरएफ के दल त्रिपुरा पहुंचे : मुख्यमंत्री
प्रीति प्रशांत
- 22 Aug 2024, 05:41 PM
- Updated: 05:41 PM
(तस्वीरों के साथ)
अगरतला, 22 अगस्त (भाषा) त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कई टीम राहत सामग्री और आपदा प्रबंधन उपकरणों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों में राज्य सरकार की सहायता करने के लिए पहुंच गयी हैं।
त्रिपुरा में रविवार से भूस्खलन और बाढ़ संबंधी घटनाओं में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई तथा एक व्यक्ति लापता हो गया है। भारी बारिश के कारण कम से कम 32,750 लोगों ने 330 राहत शिविरों में शरण ली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरा राज्य प्रशासन इस ‘अभूतपूर्व’ प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए 24 घंटे काम कर रहा है।
साहा ने सोशल मीडिया मंच ‘फेसबुक’ पर एक पोस्ट में कहा, “एनडीआरफ की टीम राहत-सामग्री के साथ त्रिपुरा पहुंच गई है। अगरतला के महाराजा बीर बिक्रम माणिक्य बहादुर हवाईअड्डे पर राहत सामग्री और आपदा प्रबंधन उपकरण को पहुंचा दिया गया है और अब इन्हें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों में तेजी लाने के लिए भेजा जाएगा। जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद और सहायता लेकर आ रहे हैं।”
साहा ने कहा, “राज्य में बाढ़ की मौजूदा स्थिति पर गृह मंत्री अमित शाह जी से बात की। उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की कुल 11 टीम त्रिपुरा भेजी जाएंगी...बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए कई हेलीकॉप्टर की भी व्यवस्था की जाएगी। एनडीआरएफ टीम के साथ अधिक संख्या में नावें भी भेजी जाएंगी। मैं त्रिपुरा के लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए गृह मंत्री को धन्यवाद देता हूं।”
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से फोन पर बात करके राज्य में बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली और उन्हें केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
शाह ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार राहत और बचाव कार्यों में स्थानीय सरकार की सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दलों के साथ-साथ नौकाएं और हेलीकॉप्टर भी राज्य में भेज रही है।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डा. माणिक साहा से बात की और राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। केंद्र राहत और बचाव कार्यों में स्थानीय सरकार की सहायता के लिए राज्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम के अलावा नौका और हेलीकॉप्टर भी भेज रहा है।”
मुख्यमंत्री को हरसंभव सहायता का आश्वासन देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ‘‘संकट की इस घड़ी में त्रिपुरा में हमारे बहनों और भाइयों के साथ मजबूती से खड़ी है।’’
बुधवार को जारी की गई एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया, “त्रिपुरा में रविवार से हो रही भारी बारिश के कारण सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। रविवार से भूस्खलन और बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। कुल मिलाकर 32,750 लोगों ने 330 राहत शिविरों में शरण ली है।”
इसमें कहा गया है कि पूर्वोत्तर राज्य में भूस्खलन की 1,900 से अधिक घटनाएं हुई हैं, जिससे सड़क संपर्क बाधित हो गया है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि पश्चिमी त्रिपुरा और सिपाहीजाला जिलों में बृहस्पतिवार को भारी बारिश के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), असम राइफल्स सहित केंद्रीय अर्धसैनिक बल त्रिपुरा के प्रभावित क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
भाषा
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