डॉक्टर बलात्कार-हत्या से जुड़े स्वत: संज्ञान मामले में हस्तक्षेप के लिए अनुरोध करेगी आईएमए
नेत्रपाल प्रशांत
- 22 Aug 2024, 04:11 PM
- Updated: 04:11 PM
नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने बृहस्पतिवार को फैसला किया कि वह कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में एक जूनियर डॉक्टर के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के प्रकरण में उच्चतम न्यायालय के स्वत: संज्ञान मामले में हस्तक्षेप करने के लिए एक आवेदन दायर करेगी।
आईएमए मुख्यालय स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक प्रोटोकॉल तैयार करने के वास्ते अदालत द्वारा गठित टास्क फोर्स के समक्ष पेश होने के लिए दस्तावेज भी तैयार कर रहा है।
पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार हॉल में जूनियर डॉक्टर के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के बाद देशव्यापी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं जिससे अनेक चिकित्सा प्रतिष्ठानों में गैर-आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
चिकित्सकों के संगठन ने अपने अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा, ‘‘आईएमए स्वत: संज्ञान मामले में माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक आवेदन दायर करेगी। आईएमए मुख्यालय विशेर्ष टास्क फोर्स के सामने पेश होने के लिए जरूरी दस्तावेज तैयार कर रहा है।’’
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को मामले का स्वत: संज्ञान लिया और चिकित्सकों तथा अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के वास्ते एक प्रोटोकॉल तैयार करने के लिए 10 सदस्यीय राष्ट्रीय टास्क फोर्स (एनटीएफ) का गठन किया।
शीर्ष अदालत ने इस घटना को ‘‘भयावह’’ करार देते हुए प्राथमिकी दर्ज करने में देरी और उपद्रवियों के सरकार संचालित अस्पताल में तोड़फोड़ करने पर राज्य सरकार को फटकार लगाई थी।
आईएमए ने अपने पत्र में कहा कि उसने बुधवार को दिल्ली में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के साथ बैठक की।
इसने कहा, ‘‘हमने उन्हें स्थिति का अपना आकलन दे दिया है। आईएमए आरडीए का समर्थन करती है और वास्तविक समय पर जानकारी साझा करेगी तथा लगातार परामर्श करेगी।’’
आईएमए ने कहा कि उसने मंगलवार और बृहस्पतिवार को मामले में उच्चतम न्यायालय की सुनवाई में भाग लिया और आवेदन दायर करने के अपने फैसले की घोषणा की।
इसने कहा कि टास्क फोर्स के सदस्यों को जानकारी से अवगत कराने के लिए अलग-अलग टीम बनाई जा रही हैं।
पत्र में आईएमए की स्थानीय शाखाओं से आग्रह किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के संसद सदस्यों से तुरंत मिलें और कार्यस्थलों पर स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा की जांच के लिए एक केंद्रीय कानून बनाने के लिए दबाव डालें।
आईएमए ने बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को पत्र लिखकर डॉक्टरों पर हमलों से निपटने के लिए कानून लाने की तात्कालिक आवश्यकता पर प्रकाश डाला था।
कोलकाता की घटना के खिलाफ यहां रेजिडेंट डॉक्टरों के अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन को आज 11 दिन हो गए, जबकि उच्चतम न्यायालय ने प्रदर्शनकारियों से काम फिर से शुरू करने का अनुरोध किया था। विरोध प्रदर्शन के कारण दिल्ली के अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
भाषा नेत्रपाल