भारत बंद: मध्यप्रदेश में मिलाजुला रहा असर, छतरपुर में दुकानों में तोड़फोड़
दिमो राजकुमार
- 21 Aug 2024, 10:16 PM
- Updated: 10:16 PM
भोपाल, 21 अगस्त (भाषा) अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश के खिलाफ कुछ संगठनों द्वारा आहूत 'भारत बंद' का बुधवार को मध्यप्रदेश में मिलाजुला असर देखने को मिला। हालांकि सामान्य जनजीवन पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने छतरपुर में कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की। कई शहरों और कस्बों में दुकानदारों पर अपनी दुकानें बंद करने का दबाव बनाया गया।
कुछ जगहों पर बंद का आह्वान करने वाले संगठनों से जुड़े लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में रैलियां निकालीं। कुछ अन्य जगहों पर तीखी बहस और हंगामा भी देखा गया।
भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सामान्य जनजीवन पर कोई खास असर नहीं पड़ा। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने रैलियां निकालीं और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे।
अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी के तहत आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय के हालिया आदेश के खिलाफ देश के 21 संगठनों ने बुधवार को भारत बंद का आह्वान किया था। इन संगठनों ने कहा है कि इससे आरक्षण के मूल सिद्धांतों को नुकसान पहुंचेगा।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि छतरपुर में प्रदर्शनकारियों ने बंद को लागू करने के लिए कुछ दुकानों में घुसने की कोशिश की।
उन्होंने बताया कि एक दुकान का शीशा टूट गया और एक कंप्यूटर की दुकान का सामान भी सड़क पर बिखरा हुआ देखा गया।
छतरपुर के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अखिल राठौर ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की।
उन्होंने बताया कि नुकसान का पता लगाने के लिए तहसीलदार की अगुवाई में एक टीम बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतों में शामिल लोगों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाथ में चोट के शिकार एक दुकानदार ने दावा किया कि भीम आर्मी के कुछ कार्यकर्ताओं ने दुकान बंद करने का दबाव बनाते हुए उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।
उन्होंने बताया कि उन्होंने शीशे का दरवाजा तोड़ दिया और शीशे का एक टुकड़ा उसके हाथ में लगा, जिससे वह घायल हो गया।
छतरपुर के बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता घासीराम पटेल ने घटना के लिए भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया।
उज्जैन में प्रदर्शनकारियों को दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करने के लिए मजबूर करते देखा गया, जिससे कुछ स्थानों पर तीखी बहस भी हुई।
बंद को रीवा, सिंगरौली, सतना, सीधी, बुरहानपुर, दतिया, रायसेन और अन्य शहरों में मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, क्योंकि भीम आर्मी और बसपा समेत कई संगठनों ने रैलियां निकालीं और दुकानदारों से दिन भर के लिए अपनी दुकानें बंद रखने को कहा।
मुरैना में पत्रकारों से बात करते हुए बसपा के प्रदेश अध्यक्ष रमाकांत पिप्पल ने कहा कि आरक्षण के संबंध में उप-वर्गीकरण के बारे में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बाद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति में गुस्सा है।
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में बंद का कोई असर नहीं रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, शहर की सड़कों पर यातायात सामान्य दिनों की तरह ही रहा ।
ग्वालियर में प्रदर्शनकारियों ने झलकारी बाई पार्क से अंबेडकर पार्क तक मार्च निकाला और बाद में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। शहर में दुकानें खुली रहीं और वाहनों की आवाजाही सामान्य रही।
भाषा दिमो